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ऑनरकिलिंग के आरोपी दंपति समेत पांच को मिली उम्रकैद
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:37 PM IST
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पौने दो साल पहले गांव मझिया में हुई थी ऑनरकिलिंग की घटना
युवक को ईंटों से कुचलने के बाद डंडों से पीटकर मार डाला था
आरोपियों ने लड़की को भी मारने का किया था प्रयास
जिला सत्र एवं न्यायाधीश ने सभी आरोपियों पर जुर्माना भी डाला
थाना सिविल लाइन क्षेत्र के गांव मझिया में करीब पौने दो साल पहले हुए ऑनर किलिंग के मामले में कोर्ट ने जल्द फैसला सुनाते हुए आरोपी तीन भाइयों समेत पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इनमें एक महिला और उसका बेटा भी शामिल है। यहीं नहीं कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर 66,500 रुपये का जुर्माना भी डाला है। कोर्ट के इस फैसले को सुनने के बाद सभी अभियुक्त सन्न रह गए।
शहर से करीब तीन किमी दूर स्थित गांव मझिया में 13 नवंबर 2014 को दिनदहाड़े कुछ लोगों ने दुर्वेश पुत्र रामसिंह की ईंटों से कुचलने के बाद डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक की मां वीरवती ने उसी दिन थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए गांव के ही जितेंद्र पुत्र ओमकार, शीला पत्नी ओमकार, राजेश, सत्यवीर उर्फ मुखिया और ओमकार पुत्र अनोखे लाल को नामजद किया था। ऑनर किलिंग की इस घटना से गांव में कई दिनों तक सन्नाटा पसरा रहा था। पीड़ित ने कहा था कि ईट और डंडों के प्रहार के उसका बेटा दुर्वेश बेहोश होकर गिर गया था। आरोपी उसे मरा जान कर छोड़ गए। इतने में भी वह संतुष्ट नहीं हुए और आरोपी अपनी बेटी को भी घर से बाहर खींचकर ले आए। दुर्वेश के पास ही गिराकर उसे गला दबाकर मारने-पीटने लगे थे। तमाम लोगों के मौके पर आने से हमलावर फरार हो गए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नाजुक हालत में दुर्वेश और लड़की को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां दुर्वेश की मौत हो गई। आरोपियों को दुर्वेश और लड़की के बीच प्रेम प्रसंग का शक था।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जौहरी की अदालत में यह मामला चल रहा था। गुरुवार को उसकी सुनवाई थी। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया और मामले को जघन्य माना। पीड़ित पक्ष की ओर से सरकारी वकील अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर जुर्माना भी डाला।
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दोनों पक्षों के लोग मौजूद थे कोर्ट के बाहर
बदायूं। इस चर्चित मामले की आज फाइनल सुनवाई होने के कारण दोनों पक्षों के भारी संख्या में लोग कोर्ट के बाहर मौजूद थे। जैसे ही कोर्ट से फैसला आया वैसे ही आरोपी पक्ष के लोगों में सन्नाटा छाया गया। वहीं पीड़ित पक्ष न्याय की जीत बताई।
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ऑनर किलिंग के मामले में जल्द आया फैसला
बदायूं। मझिया के इस चर्चित ऑनर किलिंग के मामले ने पुलिस प्रशासन को भी हिलाकर रख दिया था। लोगों में दहशत का माहौल था। चूंकि घटना दिनदहाड़े हुई थी सो लोग भयभीत थे। गांव में स्थिति यह रही थी कि लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे, लेकिन एक बात जरूर कहते थे कि न्यायालय अवश्य कठोर सजा देगा। सो आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जौहरी ने इस गंभीर मामले में त्वरित फैसला देते हुए आरोपियों को कठोर सजा सुनाई। कानून के जानकार कह रहे हैं कि ऑनर किलिंग के मामले में यह फैसला बहुत जल्दी आया है। इससे यह भी साफ हो गया है कि कोर्ट अब किसी भी आरोपी को ज्यादा समय तक समाज में इस तरह की घटनाओं की इजाजत नहीं देता।
युवक को ईंटों से कुचलने के बाद डंडों से पीटकर मार डाला था
आरोपियों ने लड़की को भी मारने का किया था प्रयास
जिला सत्र एवं न्यायाधीश ने सभी आरोपियों पर जुर्माना भी डाला
थाना सिविल लाइन क्षेत्र के गांव मझिया में करीब पौने दो साल पहले हुए ऑनर किलिंग के मामले में कोर्ट ने जल्द फैसला सुनाते हुए आरोपी तीन भाइयों समेत पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इनमें एक महिला और उसका बेटा भी शामिल है। यहीं नहीं कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर 66,500 रुपये का जुर्माना भी डाला है। कोर्ट के इस फैसले को सुनने के बाद सभी अभियुक्त सन्न रह गए।
शहर से करीब तीन किमी दूर स्थित गांव मझिया में 13 नवंबर 2014 को दिनदहाड़े कुछ लोगों ने दुर्वेश पुत्र रामसिंह की ईंटों से कुचलने के बाद डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक की मां वीरवती ने उसी दिन थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए गांव के ही जितेंद्र पुत्र ओमकार, शीला पत्नी ओमकार, राजेश, सत्यवीर उर्फ मुखिया और ओमकार पुत्र अनोखे लाल को नामजद किया था। ऑनर किलिंग की इस घटना से गांव में कई दिनों तक सन्नाटा पसरा रहा था। पीड़ित ने कहा था कि ईट और डंडों के प्रहार के उसका बेटा दुर्वेश बेहोश होकर गिर गया था। आरोपी उसे मरा जान कर छोड़ गए। इतने में भी वह संतुष्ट नहीं हुए और आरोपी अपनी बेटी को भी घर से बाहर खींचकर ले आए। दुर्वेश के पास ही गिराकर उसे गला दबाकर मारने-पीटने लगे थे। तमाम लोगों के मौके पर आने से हमलावर फरार हो गए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नाजुक हालत में दुर्वेश और लड़की को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां दुर्वेश की मौत हो गई। आरोपियों को दुर्वेश और लड़की के बीच प्रेम प्रसंग का शक था।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जौहरी की अदालत में यह मामला चल रहा था। गुरुवार को उसकी सुनवाई थी। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया और मामले को जघन्य माना। पीड़ित पक्ष की ओर से सरकारी वकील अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर जुर्माना भी डाला।
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दोनों पक्षों के लोग मौजूद थे कोर्ट के बाहर
बदायूं। इस चर्चित मामले की आज फाइनल सुनवाई होने के कारण दोनों पक्षों के भारी संख्या में लोग कोर्ट के बाहर मौजूद थे। जैसे ही कोर्ट से फैसला आया वैसे ही आरोपी पक्ष के लोगों में सन्नाटा छाया गया। वहीं पीड़ित पक्ष न्याय की जीत बताई।
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ऑनर किलिंग के मामले में जल्द आया फैसला
बदायूं। मझिया के इस चर्चित ऑनर किलिंग के मामले ने पुलिस प्रशासन को भी हिलाकर रख दिया था। लोगों में दहशत का माहौल था। चूंकि घटना दिनदहाड़े हुई थी सो लोग भयभीत थे। गांव में स्थिति यह रही थी कि लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे, लेकिन एक बात जरूर कहते थे कि न्यायालय अवश्य कठोर सजा देगा। सो आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जौहरी ने इस गंभीर मामले में त्वरित फैसला देते हुए आरोपियों को कठोर सजा सुनाई। कानून के जानकार कह रहे हैं कि ऑनर किलिंग के मामले में यह फैसला बहुत जल्दी आया है। इससे यह भी साफ हो गया है कि कोर्ट अब किसी भी आरोपी को ज्यादा समय तक समाज में इस तरह की घटनाओं की इजाजत नहीं देता।