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सिद्धि हासिल करना चाहता था तांत्रिक, परेशान थे ग्रामीण
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 04 Feb 2017 11:31 PM IST
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तांत्रिक और उसके परिवार वाले मंदिर में पूजा का विरोध करते थे
तांत्रिक सहित उसके परिवार के सभी 10 लोग जेल भेजे गए
थाना जरीफनगर के गांव खनुआ नगला में पुलिस टीम पर हमला करने वाले तांत्रिक भगवान सिंह और उसके परिवार के 10 लोगों को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। शुक्रवार को पुलिस टीम पर हमले की इस घटना में एसओ नरेशपाल यादव, सिपाही विवेक और उपदेश घायल हो गए थे। तांत्रिक भगवान सिंह और उसके परिवार से पूरा गांव परेशान था। ढोंगी तांत्रिक सिद्धि हासिल करना चाहता था। उसके परिवार के लोग मंदिर में पूजा का विरोध करते थे।
जरीफनगर थाने के गांव खनुआ नगला के तांत्रिक भगवान सिंह की बेटी सीमा ने शुक्रवार को खुद को देवी बताते हुए मंदिर में तोड़फोड़ कर दी थी। आरोप है कि इसके बाद इन लोगों ने बलि चढ़ाने के लिए गांव के सत्यपाल को घर में बंधक बना लिया था। गांव के तीन लोगों को मारपीट कर घायल भी कर दिया था। पुलिस के पहुंचने पर तांत्रिक भगवान सिंह, उसकी पत्नी लाड़ो देवी, बेटा श्याम सिंह, राम सिंह, बेटी लक्ष्मी, गौरी, भतीजे भूरा, सोमवीर और भाभी रामभूरी ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इसमें एसओ समेत तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। बाद में और फोर्स बुलाकर पुलिस ने सत्यपाल को मुक्त कराया। सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गांव के लोगों की मानें तो भगवान सिंह और उसका परिवार गांव के बाकी लोगों से ज्यादा ताल्लुक नहीं रखता था लेकिन खुद को सिद्धि हासिल होने की बात कहता था। इसके जरिए लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश करता था। गांव के लोग इससे परेशान थे। सीओ सहसवान श्योराज सिंह ने बताया कि शनिवार को सभी 10 आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
तांत्रिक सहित उसके परिवार के सभी 10 लोग जेल भेजे गए
थाना जरीफनगर के गांव खनुआ नगला में पुलिस टीम पर हमला करने वाले तांत्रिक भगवान सिंह और उसके परिवार के 10 लोगों को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। शुक्रवार को पुलिस टीम पर हमले की इस घटना में एसओ नरेशपाल यादव, सिपाही विवेक और उपदेश घायल हो गए थे। तांत्रिक भगवान सिंह और उसके परिवार से पूरा गांव परेशान था। ढोंगी तांत्रिक सिद्धि हासिल करना चाहता था। उसके परिवार के लोग मंदिर में पूजा का विरोध करते थे।
जरीफनगर थाने के गांव खनुआ नगला के तांत्रिक भगवान सिंह की बेटी सीमा ने शुक्रवार को खुद को देवी बताते हुए मंदिर में तोड़फोड़ कर दी थी। आरोप है कि इसके बाद इन लोगों ने बलि चढ़ाने के लिए गांव के सत्यपाल को घर में बंधक बना लिया था। गांव के तीन लोगों को मारपीट कर घायल भी कर दिया था। पुलिस के पहुंचने पर तांत्रिक भगवान सिंह, उसकी पत्नी लाड़ो देवी, बेटा श्याम सिंह, राम सिंह, बेटी लक्ष्मी, गौरी, भतीजे भूरा, सोमवीर और भाभी रामभूरी ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इसमें एसओ समेत तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। बाद में और फोर्स बुलाकर पुलिस ने सत्यपाल को मुक्त कराया। सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गांव के लोगों की मानें तो भगवान सिंह और उसका परिवार गांव के बाकी लोगों से ज्यादा ताल्लुक नहीं रखता था लेकिन खुद को सिद्धि हासिल होने की बात कहता था। इसके जरिए लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश करता था। गांव के लोग इससे परेशान थे। सीओ सहसवान श्योराज सिंह ने बताया कि शनिवार को सभी 10 आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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