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टैंकर से 31 गोवंशीय पशु बरामद, तस्कर भागे
ब्यूरो / उझानी (बदायूं)।
Updated Wed, 23 Mar 2016 11:07 PM IST
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तस्कर भागे
- फोटो : अमर उजाला
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उझानी-बिल्सी रोड पर पुलिस ने पकड़ा
चार पशु मृत और कई बेहोशी मिले
बोलेरो में बैठकर भागे तस्कर- टैंकर
कासगंज से उझानी के रास्ते बिल्सी होकर संभल के जा रहे टैंकर में गोवंशीय पशुओं की एक बड़ी खेप पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पुलिस ने घेराबंदी कर टैंकर तो कब्जे में ले लिया, लेकिन टैंकर ड्राइवर समेत तस्कर कूद कर भाग गए। भागे लोगों ने आगे चलकर बोलेरो में लिफ्ट ले ली। पुलिस ने टैंकर से 31 पशुओं को बरामद किया। इनमें से चार मृत निकले। टैंकर में भूसे की तरह ठूंसे पशुओं में कई की हालत खराब है। बरामद पशुओं को बाद में ग्रामीणों के हवाले कर दिया गया।
मामला बुधवार तड़के का है। पुलिस ने कछला पुल पार करके नगर की ओर निकले टैंकर को पकड़ने के लिए बाईपास पर घेराबंदी कर ली। पुलिस की जीप देख ड्राइवर ने टैंकर उझानी-बिल्सी रोड पर दौड़ा दिया। पकड़े जाने के डर से पशु तस्कर टैंकर से कूद पड़े। सूत्रों की मानें तो टैंकर के आगे एक बोलेरो चल रही थी, उसी में लिफ्ट पाकर टैंकर ड्राइवर समेत पशु तस्कर भाग निकले। दरोगा एके सिंह ने बिल्सी की ओर भागी बोलेरो को पकड़वाने के लिए बिल्सी थाना पुलिस को भी कॉल की, लेकिन बोलेरो हत्थे नहीं चढ़ी।
टैंकर में पशु पकड़े जाने की भनक लगते ही अहीरटोला मोहल्ला समेत आसपास के कई लोग और भाजपा के नेता भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लोगों की मदद से टैंकर का पिछला हिस्सा खुलवा कर एक-एक करके 31 गोवंशीय पशुओं को बाहर निकाला। इनमें चार की पहले ही मौत हो चुकी थी। जबकि अधिकांश बेहोशी की हालत में थे। पुलिस ने टैंकर का कब्जे में लेकर बरामद पशुओं को ग्रामीणों के हवाले कर दिया है। सीओ जेएस पाटनी भी मौके पर पहुंच गए। कोतवाल गोपीचंद्र यादव ने बताया कि टैंकर के अज्ञात चालक समेत पशु तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। टैंकर के नंबर के आधार पर ड्राइवर और तस्करों का भी जल्द पता लगा लिया जाएगा।
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तस्करी के धंधे में पहले से लगा है टैंकर
उझानी। पशुओं की तस्करी के धंधे में इस्तेमाल किए गए टैंकर को देख ऐसा नहीं लगता कि उसका पहली बार इस्तेमाल किया गया है। टैंकर के पीछे हिस्से पर किसी थाने में पकड़े जाने पर अपराध संख्या का भी उल्लेख है। उसके अंदर बालू भी मिली। बालू को देख लोगों का अनुुमान है कि पशुओं का मूत्र बाहर न बहे, इसीलिए बालू और बालू के ऊपर काली पॉलिथीन डाली गई है। टैंकर में पशु लोड और अनलोड करने के लिए धंधेबाजों ने एक गेट भी बनाया है, लेकिन गेट पर सीढ़ियां फिट कर दिए जाने की वजह से कोई शक भी नहीं कर पाएगा कि अंदर तेल नहीं बल्कि पशु होंगे।
पहले पकड़ा गया था पार्सल वाहन
उझानी। करीब तीन-चार पहले पुलिस ने गोवंशीय पशुओं की तस्करी ममें इस्तेमाल डाक विभाग जैसा पार्सल वाहन पकड़ा था। पार्सल वाहन के अंदर करीब पांच दर्ज पशु निकले थे। पार्सल वाहन के बाद पुलिस के हत्थे लॅग्जरी कार चढ़ी थी। लॅग्जरी कार में करीब दो क्विंटल मीट बराममद हुआ था। धंधेबाज हर बार ही कोई न कोई नया फंडा अपनाते रह हैं।
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चार पशु मृत और कई बेहोशी मिले
बोलेरो में बैठकर भागे तस्कर- टैंकर
कासगंज से उझानी के रास्ते बिल्सी होकर संभल के जा रहे टैंकर में गोवंशीय पशुओं की एक बड़ी खेप पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पुलिस ने घेराबंदी कर टैंकर तो कब्जे में ले लिया, लेकिन टैंकर ड्राइवर समेत तस्कर कूद कर भाग गए। भागे लोगों ने आगे चलकर बोलेरो में लिफ्ट ले ली। पुलिस ने टैंकर से 31 पशुओं को बरामद किया। इनमें से चार मृत निकले। टैंकर में भूसे की तरह ठूंसे पशुओं में कई की हालत खराब है। बरामद पशुओं को बाद में ग्रामीणों के हवाले कर दिया गया।
मामला बुधवार तड़के का है। पुलिस ने कछला पुल पार करके नगर की ओर निकले टैंकर को पकड़ने के लिए बाईपास पर घेराबंदी कर ली। पुलिस की जीप देख ड्राइवर ने टैंकर उझानी-बिल्सी रोड पर दौड़ा दिया। पकड़े जाने के डर से पशु तस्कर टैंकर से कूद पड़े। सूत्रों की मानें तो टैंकर के आगे एक बोलेरो चल रही थी, उसी में लिफ्ट पाकर टैंकर ड्राइवर समेत पशु तस्कर भाग निकले। दरोगा एके सिंह ने बिल्सी की ओर भागी बोलेरो को पकड़वाने के लिए बिल्सी थाना पुलिस को भी कॉल की, लेकिन बोलेरो हत्थे नहीं चढ़ी।
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टैंकर में पशु पकड़े जाने की भनक लगते ही अहीरटोला मोहल्ला समेत आसपास के कई लोग और भाजपा के नेता भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लोगों की मदद से टैंकर का पिछला हिस्सा खुलवा कर एक-एक करके 31 गोवंशीय पशुओं को बाहर निकाला। इनमें चार की पहले ही मौत हो चुकी थी। जबकि अधिकांश बेहोशी की हालत में थे। पुलिस ने टैंकर का कब्जे में लेकर बरामद पशुओं को ग्रामीणों के हवाले कर दिया है। सीओ जेएस पाटनी भी मौके पर पहुंच गए। कोतवाल गोपीचंद्र यादव ने बताया कि टैंकर के अज्ञात चालक समेत पशु तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। टैंकर के नंबर के आधार पर ड्राइवर और तस्करों का भी जल्द पता लगा लिया जाएगा।
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तस्करी के धंधे में पहले से लगा है टैंकर
उझानी। पशुओं की तस्करी के धंधे में इस्तेमाल किए गए टैंकर को देख ऐसा नहीं लगता कि उसका पहली बार इस्तेमाल किया गया है। टैंकर के पीछे हिस्से पर किसी थाने में पकड़े जाने पर अपराध संख्या का भी उल्लेख है। उसके अंदर बालू भी मिली। बालू को देख लोगों का अनुुमान है कि पशुओं का मूत्र बाहर न बहे, इसीलिए बालू और बालू के ऊपर काली पॉलिथीन डाली गई है। टैंकर में पशु लोड और अनलोड करने के लिए धंधेबाजों ने एक गेट भी बनाया है, लेकिन गेट पर सीढ़ियां फिट कर दिए जाने की वजह से कोई शक भी नहीं कर पाएगा कि अंदर तेल नहीं बल्कि पशु होंगे।
पहले पकड़ा गया था पार्सल वाहन
उझानी। करीब तीन-चार पहले पुलिस ने गोवंशीय पशुओं की तस्करी ममें इस्तेमाल डाक विभाग जैसा पार्सल वाहन पकड़ा था। पार्सल वाहन के अंदर करीब पांच दर्ज पशु निकले थे। पार्सल वाहन के बाद पुलिस के हत्थे लॅग्जरी कार चढ़ी थी। लॅग्जरी कार में करीब दो क्विंटल मीट बराममद हुआ था। धंधेबाज हर बार ही कोई न कोई नया फंडा अपनाते रह हैं।