फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Scam CBI Preparation of inquiry

घोटाला में सीबीआई  जांच की तैयारी

Sun, 18 Sep 2016 11:58 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sun, 18 Sep 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
डाक निदेशक बरेली ने विशेष अपराध शाखा को लिखा
हेड पोस्ट ऑफिस में 71.26 लाख के घोटाला का मामला

 डाक विभाग में खातेदारों के एटीएम कार्ड चोरी करने के बाद खातों से 71.26 लाख रुपये के गबन के मामले में अब सीबीआई जांच की तैयारी शुरू हो गई है। डाक निदेशक बरेली परिक्षेत्र शंकर प्रसाद ने इस बारे में सीबीआई की विशेष अपराध शाखा लखनऊ को लिखा है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई के जवाब का इंतजार है। विभागीय सूत्रों ने यह भी बताया कि जो घोटाला प्रारंभ में 25 लाख का बताया जा रहा था। पांच सदस्यों की टीम ने जांच में पाया कि घोटाला 71.26 लाख रुपये का है। यह घोटाला करोड़ों रुपये में भी हो सकता है। इस वजह से डाक विभाग मामले में सीबीआई जांच चाहता है।
कुछ समय पहले ही डाक विभाग ने इंटरनेट बैंकिंग सेवा के तहत एटीएम सेवा शुरू की थी। विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्राहकों के एटीएम कार्ड चोरी कर लिए। बाद में इनसे 71.26 लाख रुपये खातों से निकाल लिए। 12 जुलाई 2016 को गबन सामने आया तो सहायक डाक अधीक्षक पूर्वी एस. गुडवा ने डिप्टी पोस्टमास्टर अखिलेश पुत्र ओम प्रकाश, बैंक सहायक अखिलेश पुत्र रामविलस के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में चोरी और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर डाक कर्मी श्रीकांत, एके गुप्ता, अरविंद वर्मा और जेके गर्ग को निलंबित कर दिया गया। मुख्य डाक अधीक्षक राम बाबू मिश्रा को बदायूं से हटाकर मुरादाबाद संबद्ध कर दिया गया था। 
विज्ञापन

डाक विभाग के एएसपी कृष्णचंद्र के नेतृत्व में नरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर आरबी सिंह, लक्ष्मण सिंह और सीआई विकास सोनी की जांच कमेटी बना दी गई। जांच में सहायक डाक अधीक्षक कृष्ण चंद्र, प्रभारी पोस्ट मास्टर सुनृता गुप्ता और लिपिक जाबिर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। इसके बाद इन तीनों को भी सस्पेंड कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो अगर मामले में सीबीआई जांच होती है तो कई और की गर्दन फंस सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
मामले में विभागीय जांच चल रही है। यह उच्च अधिकारियों के स्तर का मामला है। इस संबंध में कुछ सुनने में जरूर आया है। यह विभागीय मामला है। मैं इस बारे में ज्यादा कुछ कहने में असमर्थ हूं। बेहतर होगा कि इस बारे में आप उच्च स्तरीय अधिकारियों से ही बात करें।
-अरविंद कुमार शर्मा, डाक अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed