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साधना शर्मा की हत्या में इस्तेमाल हुई थी ट्वेरा कार!
अमर उजाला ब्यूरो उझानी (बदायूं)।
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:16 PM IST
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माौत
- फोटो : अमर उजाला
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प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) के हत्यारों के करीब पहुंची पुलिस, केस खुलासे की ओर
‘बाबू’ ने बताए अपने साथियों के नाम, एक महिला का नाम भी रडार पर
प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) साधना शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझती जा रही है। उनकी मौत महज सड़क हादसा नहीं थी, बल्कि ये सुनियोजित हत्या थी। पुलिस खुलासे के करीब भी पहुंच चुकी है। उसके हाथ अहम सुराग लग गए हैं। सुराग मिलने की शुरुआत तीन दिन पहले उसी वक्त हुई, जब जिला मुख्यालय पर एक कार्यालय का ‘बाबू’ हत्थे चढ़ा। उसी ने पूछताछ के दौरान अपने साथियों के नाम भी पुलिस के सामने उगल दिए। इस कांड में एक महिला का नाम भी उछला है, लेकिन पुलिस उसके बारे में कोई ठोस सबूत मिलने से पहले कोई कदम उठाने से हिचकिचा रही है। फिलहाल अब तक की तफ्तीश में यह तो साफ हो गया है कि साधना शर्मा की हत्या में ट्वेरा कार का इस्तेमाल किया गया था।
बाजारकलां मोहल्ला निवासी साधना शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस की अब तक की तहकीकात में कई राज सामने आए हैं। सूत्रों की मानें तो जांच के दायरे में जो नाम सामने आ रहे हैं, उनमें एक हार्ड क्रिमनल भी शामिल है। वह मुजरिया थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी बताया जा रहा है। उसके साथियों में तीन युवक बिल्सी थाना क्षेत्र के हैं। साधना की हत्या सुपारी देकर कराए जाने की आशंका के बीच पुलिस को शक इस बात पर भी बना हुआ है कि घटना को सुनयोजित तरीके से अंजाम तक पहुंचाया गया है। पुलिस ने शक के आधार पर जब एक ‘बाबू’ को हिरासत में लिया, तो उसने पूछताछ के दौरान ऐसे लोगों के बारे में राज उगल दिए, जो खुलासे के दौरान चौंकाने वाले हो सकते हैं।
पुलिस के कब्जे में बताई जा रही ट्वेरा का ही साधना शर्मा की हत्या में इस्तेमाल हुआ था। सूत्र बताते हैं कि पुलिस के रडार पर एक महिला का नाम भी चल रहा है। घटना में शामिल लोगों की संख्या पांच से सात तक सामने आ सकती है। बाबू ने पुलिस को घटनाक्रम से जुड़ी अहम जानकारियां भी मुहैया कराई हैं। उसने जिन लोगों के नाम बताए, उनमें से दो को हिरासत में ले लिए जाने की चर्चा है। घटनाक्रम से जुड़े सबूतों ने आपस में मेल खाया, तो पुलिस जल्द ही इस ब्लाइंड केस का खुलासा कर देगी। बता दें कि 23 मई को प्रभारी डीजीसी साधना की बदायूं रोड पर एक कार की टक्कर से मौत हुई थी। मृतका की बहन अपर्णा ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत कई लोगों पर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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हार्ट और लीवर फटने से मिले थे हत्या के संकेत
उझानी। साधना शर्मा की मौत एक्सीडेंट में होने की बात पर शक उसी दिन से होने लगा था, जब पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर में जिन चोटों की पुष्टि हुई, उनमें हार्ट और लीवर के फटने की बात भी सामने आई थी। एक्सीडेंट के दौरान ऐसा अमूमन उन्हीं हालात में होता है, जब किसी को टार्गेट किया जाए।
वर्जन
घटनाक्रम को लेकर लोग तमाम तरह की बातें कर रहे हैं। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन पर गहनता से गौर किया जा रहा है। फिलहाल यह साफ है कि किसी भी बेगुनाह को जेल नहीं भेजा जाएगा। कार्रवाई ठोस सबूत के आधार पर ही होगी।
- गोपीचंद्र यादव, कोतवाल।
‘बाबू’ ने बताए अपने साथियों के नाम, एक महिला का नाम भी रडार पर
प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) साधना शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझती जा रही है। उनकी मौत महज सड़क हादसा नहीं थी, बल्कि ये सुनियोजित हत्या थी। पुलिस खुलासे के करीब भी पहुंच चुकी है। उसके हाथ अहम सुराग लग गए हैं। सुराग मिलने की शुरुआत तीन दिन पहले उसी वक्त हुई, जब जिला मुख्यालय पर एक कार्यालय का ‘बाबू’ हत्थे चढ़ा। उसी ने पूछताछ के दौरान अपने साथियों के नाम भी पुलिस के सामने उगल दिए। इस कांड में एक महिला का नाम भी उछला है, लेकिन पुलिस उसके बारे में कोई ठोस सबूत मिलने से पहले कोई कदम उठाने से हिचकिचा रही है। फिलहाल अब तक की तफ्तीश में यह तो साफ हो गया है कि साधना शर्मा की हत्या में ट्वेरा कार का इस्तेमाल किया गया था।
बाजारकलां मोहल्ला निवासी साधना शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस की अब तक की तहकीकात में कई राज सामने आए हैं। सूत्रों की मानें तो जांच के दायरे में जो नाम सामने आ रहे हैं, उनमें एक हार्ड क्रिमनल भी शामिल है। वह मुजरिया थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी बताया जा रहा है। उसके साथियों में तीन युवक बिल्सी थाना क्षेत्र के हैं। साधना की हत्या सुपारी देकर कराए जाने की आशंका के बीच पुलिस को शक इस बात पर भी बना हुआ है कि घटना को सुनयोजित तरीके से अंजाम तक पहुंचाया गया है। पुलिस ने शक के आधार पर जब एक ‘बाबू’ को हिरासत में लिया, तो उसने पूछताछ के दौरान ऐसे लोगों के बारे में राज उगल दिए, जो खुलासे के दौरान चौंकाने वाले हो सकते हैं।
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पुलिस के कब्जे में बताई जा रही ट्वेरा का ही साधना शर्मा की हत्या में इस्तेमाल हुआ था। सूत्र बताते हैं कि पुलिस के रडार पर एक महिला का नाम भी चल रहा है। घटना में शामिल लोगों की संख्या पांच से सात तक सामने आ सकती है। बाबू ने पुलिस को घटनाक्रम से जुड़ी अहम जानकारियां भी मुहैया कराई हैं। उसने जिन लोगों के नाम बताए, उनमें से दो को हिरासत में ले लिए जाने की चर्चा है। घटनाक्रम से जुड़े सबूतों ने आपस में मेल खाया, तो पुलिस जल्द ही इस ब्लाइंड केस का खुलासा कर देगी। बता दें कि 23 मई को प्रभारी डीजीसी साधना की बदायूं रोड पर एक कार की टक्कर से मौत हुई थी। मृतका की बहन अपर्णा ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत कई लोगों पर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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हार्ट और लीवर फटने से मिले थे हत्या के संकेत
उझानी। साधना शर्मा की मौत एक्सीडेंट में होने की बात पर शक उसी दिन से होने लगा था, जब पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर में जिन चोटों की पुष्टि हुई, उनमें हार्ट और लीवर के फटने की बात भी सामने आई थी। एक्सीडेंट के दौरान ऐसा अमूमन उन्हीं हालात में होता है, जब किसी को टार्गेट किया जाए।
वर्जन
घटनाक्रम को लेकर लोग तमाम तरह की बातें कर रहे हैं। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन पर गहनता से गौर किया जा रहा है। फिलहाल यह साफ है कि किसी भी बेगुनाह को जेल नहीं भेजा जाएगा। कार्रवाई ठोस सबूत के आधार पर ही होगी।
- गोपीचंद्र यादव, कोतवाल।