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रिटायर्ड इंजीनियर दंपति हत्याकांड में जांच तेज
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Fri, 10 Mar 2017 12:21 AM IST
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cbi
- फोटो : amar ujala
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सीबीआई की टीम ने किया डिमानस्ट्रेशन, तत्कालीन चौकी इंचार्ज, दंपति के छोटे बेटे से पूछताछ
-अप्रैल 2015 में कर दी गई थी दंपति की नृशंस हत्या
शहर के चर्चित रिटायर्ड इंजीनियर दंपति मर्डर केस में सीबीआई की जांच तेज हो गई है। यहां पहुंची सीबीआई की आठ सदस्यों की टीम ने गुरुवार को इंजीनियर दंपति के घर पहुंच कर डिमानस्ट्रेशन किया यानी पूरे घटनाक्रम का खाका खींचा। जांच एजेंसी ने गुप्ता दंपति के छोटे बेटे हेमंत गुप्ता से पूछताछ भी की। टीम के अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक गुप्ता दंपति के घर में पड़ताल की। फील्ड यूनिट की टीम को भी बुलाया गया। सीबीआई टीम के साथ इंस्पेक्टर कोतवाली लोकेंद्र सिंह भी रहे।
सदर कोतवाली के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता (75) और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता (70) के शव आठ अप्रैल 2015 की रात घर की रसोई में मिले थे। उनकी चाकुओं और नुकीली रॉड से हत्या की गई थी। इस पेंचीदा मर्डर मिस्ट्री के वर्कआउट को एसटीएफ समेत पुलिस की पांच टीमों को लगाया गया था। कातिलों की सुरागरसी के लिए फिंगर प्रिंट और फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी जुटे। इसके बावजूद ठोस क्लू नहीं मिल सके। हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस के फेल होने पर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सितंबर 2016 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई की टीम इस मामले में कई बार मौका मुआयना कर चुकी है। गुरुवार को आठ सदस्यों की टीम ने यहां मौका मुआयना करने के साथ डेमोस्ट्रेशन किया। तत्कालीन चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह, गुप्ता दंपति के छोटे बेटे हेमंत गुप्ता, उनके रिश्तेदार मनोज गुप्ता से पूछताछ की। जांच एजेंसी ने मुकुल गुप्ता से अकेले में भी पूछताछ की। फिलहाल सीबीआई टीम ने बदायूं में ही डेरा डाल दिया है।
गुप्ता दंपति के बड़े बेटे का भी होगा नारको टेस्ट
बदायूं। गुप्ता दंपति के बड़े बेटे शेखर गुप्ता का भी नारको टेस्ट कराया जा सकता है। इससे पहले सीबीआई पुलिस छोटे बेटे हेमंत गुप्ता का नारको टेस्ट करा चुकी है। इस टेस्ट की रिपोर्ट भी सीबीआई ने पुलिस से हासिल कर ली है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हेमंत को संदेह के घेरे में रख रही थी। अब बड़े बेटे शेखर पर भी नजर है।
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इस वजह से सुर्खियों में आया हत्याकांड
शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता के दवा व्यापारी पुत्र मुकुल गुप्ता का पुलिस ने बरेली में 30 जून 2007 को एनकाउंटर कर दिया था। पुलिस ने उसको बैंक लुटेरा बताया था। इस मामले में विजेंद्र गुप्ता ने ट्रेनी आईपीएस जे. रविंद्र गौड़, एसआई विकास सक्सेना, डीके शर्मा, मूला सिंह, कांस्टेबल कालीचरन, गौरी शंकर, ब्रजेंद्र शर्मा और अनिल शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए विजेंद्र गुप्ता पूरी शिद्दत से पैरवी कर रहे थे। मामले में जांच सीबीआई कर रही थी। सरकार ने जे. रविंद्र गौड़ के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं दी तो सीबीआई ने अधूरी चार्जशीट दाखिल कर दी। विजेंद्र गुप्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वह जे. रविंद्र गौड़ पर मुकदमा चलाने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान अप्रैल 2016 में विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता की नृशंस हत्या कर दी गई। इस मामले में भी जांच सीबीआई कर रही है।
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-अप्रैल 2015 में कर दी गई थी दंपति की नृशंस हत्या
शहर के चर्चित रिटायर्ड इंजीनियर दंपति मर्डर केस में सीबीआई की जांच तेज हो गई है। यहां पहुंची सीबीआई की आठ सदस्यों की टीम ने गुरुवार को इंजीनियर दंपति के घर पहुंच कर डिमानस्ट्रेशन किया यानी पूरे घटनाक्रम का खाका खींचा। जांच एजेंसी ने गुप्ता दंपति के छोटे बेटे हेमंत गुप्ता से पूछताछ भी की। टीम के अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक गुप्ता दंपति के घर में पड़ताल की। फील्ड यूनिट की टीम को भी बुलाया गया। सीबीआई टीम के साथ इंस्पेक्टर कोतवाली लोकेंद्र सिंह भी रहे।
सदर कोतवाली के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता (75) और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता (70) के शव आठ अप्रैल 2015 की रात घर की रसोई में मिले थे। उनकी चाकुओं और नुकीली रॉड से हत्या की गई थी। इस पेंचीदा मर्डर मिस्ट्री के वर्कआउट को एसटीएफ समेत पुलिस की पांच टीमों को लगाया गया था। कातिलों की सुरागरसी के लिए फिंगर प्रिंट और फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी जुटे। इसके बावजूद ठोस क्लू नहीं मिल सके। हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस के फेल होने पर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सितंबर 2016 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई की टीम इस मामले में कई बार मौका मुआयना कर चुकी है। गुरुवार को आठ सदस्यों की टीम ने यहां मौका मुआयना करने के साथ डेमोस्ट्रेशन किया। तत्कालीन चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह, गुप्ता दंपति के छोटे बेटे हेमंत गुप्ता, उनके रिश्तेदार मनोज गुप्ता से पूछताछ की। जांच एजेंसी ने मुकुल गुप्ता से अकेले में भी पूछताछ की। फिलहाल सीबीआई टीम ने बदायूं में ही डेरा डाल दिया है।
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गुप्ता दंपति के बड़े बेटे का भी होगा नारको टेस्ट
बदायूं। गुप्ता दंपति के बड़े बेटे शेखर गुप्ता का भी नारको टेस्ट कराया जा सकता है। इससे पहले सीबीआई पुलिस छोटे बेटे हेमंत गुप्ता का नारको टेस्ट करा चुकी है। इस टेस्ट की रिपोर्ट भी सीबीआई ने पुलिस से हासिल कर ली है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हेमंत को संदेह के घेरे में रख रही थी। अब बड़े बेटे शेखर पर भी नजर है।
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इस वजह से सुर्खियों में आया हत्याकांड
शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता के दवा व्यापारी पुत्र मुकुल गुप्ता का पुलिस ने बरेली में 30 जून 2007 को एनकाउंटर कर दिया था। पुलिस ने उसको बैंक लुटेरा बताया था। इस मामले में विजेंद्र गुप्ता ने ट्रेनी आईपीएस जे. रविंद्र गौड़, एसआई विकास सक्सेना, डीके शर्मा, मूला सिंह, कांस्टेबल कालीचरन, गौरी शंकर, ब्रजेंद्र शर्मा और अनिल शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए विजेंद्र गुप्ता पूरी शिद्दत से पैरवी कर रहे थे। मामले में जांच सीबीआई कर रही थी। सरकार ने जे. रविंद्र गौड़ के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं दी तो सीबीआई ने अधूरी चार्जशीट दाखिल कर दी। विजेंद्र गुप्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वह जे. रविंद्र गौड़ पर मुकदमा चलाने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान अप्रैल 2016 में विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता की नृशंस हत्या कर दी गई। इस मामले में भी जांच सीबीआई कर रही है।