हमलावर भीड़ को पुलिस ने लाठियां भांजकर खदेड़ा
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मेटाडोर की टक्कर से रविवार की शाम साइकिल सवार अखिलेश की मौत पर सोमवार सुबह मृतक के घरवालों के साथ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ अस्पताल से शव उठाकर गांव छतुइया ले गई। शव को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। उन्हें समझाने की कोशिश की गई, तो भीड़ उग्र होकर पुलिस कर्मियों पर टूट पड़ी। उन पर पथराव भी किया गया। खुद को घिरता देख पुलिस कर्मियों ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। मृतक के घरवालों समेत तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ कर शव भी कब्जे में ले लिया। इधर, पुलिस ने बवाल के आरोप में 12 लोगों समेत अज्ञात भीड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। नामजदों में तीन युवक मौके से ही गिरफ्तार किए गए।
बरेली-मथुरा हाईवे पर बवाल का मामला सोमवार तड़के करीब छह बजे का है। कोतवाली क्षेत्र के गांव छतुइया निवासी साइकिल सवार अखिलेश (22) पुत्र जुगेंद्र की मेटाडोर की टक्कर से मौत हो गई थी। पुलिस ने शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रखवा लिया था। तड़के ग्रामीण और मृतक के घरवाले अस्पताल से शव उठाकर अपने गांव ले गए। बरेली-मथुरा हाइवे पर शव रखकर ग्रामीणों की भीड़ ने जाम लगा दिया। दरोगा एके सिंह पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे, तो भीड़ ने उन्हें अनसुना कर दिया। कोतवाली समेत आसपास थानों को फोर्स पहुंचा तो भीड़ में मौजूद कुछेक युवकों ने हंगामा कर दिया।
पुलिस शव उठाने को आगे बढ़ी, तो पथराव शुरू कर दिया दिया। भीड़ पड़ोसी थाने में तैनात एक सिपाही पर टूट पड़ी। पथराव में पुलिस कर्मियों को बचना भी मुश्किल हो गया। हालात बिगड़ने की भनक लगते ही एसडीएम प्रदीप कुमार और सीओ सतीश चंद्र शर्मा भी पहुंच गए। पुलिस ने उग्र होती भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।
इसके बाद तो जो भी सामने आए, पुलिस के कोप का शिकार हो गया। युवक को छुड़ाने की कोशिश में महिलाओं पर भी डंडे पड़े। लाठीचार्ज में मृतक का मामा समेत तीन युवक घायल हो गए। भगदड़ मचते ही पुलिस ने धरपकड़ शुरू कर दी। तीन युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। शव को भी कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया गया। कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि पुालिस पर पथराव, बवाल और जाम लगाने में 45 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें 12 लोग नामजद हैं।
मेटाडोर में तोड़फोड़ का प्रयास
उझानी। दरोगा एके सिंह को सुबह में एक मेटाडोर गांव हरहरपुर के पास खड़ी मिली। पुलिस मेटाडोर लेकर हाइवे से निकली तो छतइया के पास जाम लगाए बैठी भीड़ ने उसे घेर लिया। मेटाडोर में तोड़फोड़ का भी प्रयास किया गया। मृतक के घरवालों की मानें तो इसी मेटाडोर से हादसा हुआ था। मेटाडोर पर गांव ही युवक ड्राइवर था जो कि हरहरपुर में उसे खड़ी करके भाग गया। रात में उसे गांव के पास भी देखा गया था।
ये ग्रामीण हुए हैं नामजद
दरोगा ओपी सिंह की ओर से कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में छतुइया निवासी चरनसिंह, जानकी प्रसाद, कैलाश सिंह, अनिल बाबू, राजेंद्र सिंह, खेमकरन, किशनलाल, सूबेदार, जमुना प्रसाद, रमेश, कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव निजामाबाद निवासी बबलू और गुड्डू नामजदों में शामिल हैं। पुलिस ने अन्य नामजदों की तलाश में भी घरों की तलाशी ली, लेकिन ज्यादातर नामजद पोस्टमार्टम कराने को शव के साथ बदायूं चले गए तो कुछेक फरार हैं।
जाम लगाने वाले ग्रामीणों ने बातचीत के दौरान ही पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया था। भीड़ किसी वाहन में तोड़फोड़ न कर दे, इसलिए डंडे फटकार कर उन्हें खदेड़ना पड़ा। भीड़ ने संयम का परिचय नहीं दिया।
- सतीश चंद्र शर्मा, सीओ।