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पोस्टमार्टम में दोनों बालकों की मौत की वजह साफ नहीं
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:05 AM IST
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murder
- फोटो : amar ujala
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प्रसाद में विषाक्त की बात को पुलिस भी मान रही संदिग्ध
दोनों बालकों का बिसरा प्रिजर्व कर प्रयोगशाला भेजा गया
दोनों बालकों के पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। दोनों का बिसरा प्रिजर्व कर प्रयोगशाला भेजा गया है। हालांकि इस बात को लेकर खुद पुलिस पशोपेश में है कि प्रसाद में विषाक्त पदार्थ था या नहीं। गौर करने वाली बात यह है कि प्रसाद का अब तक नमूना भी नहीं लिया गया है। प्रयोगशाला से बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही प्रसाद में विषाक्त होने की बात साफ हो सकेगी।
शरह बरौलिया के मंदिर के पुजारी बाबा ध्यानदास और सियाराम पांडेय के बीच पहले से विवाद जरूर चल रहा है। गांव के लोगों की माने तो सोमवार को एक महिला दूध लेकर मंदिर पहुंची थी। महिला के दूध से ही बाबा सियाराम ने मंदिर में प्रसाद बनवाया। गौर करने वाली बात यह है कि सोमवार शाम को ही अंकित, शिवम और बाबा ध्यानदास ने प्रसाद खाया था। इसके बाद तीनों की हालत बिगड़ गई। मंगलवार को अंकित की और बुधवार को शिवम की मौत हो गई। बाबा ध्यानदास अब भी बीमार हैं। एसपी देहात संजय राय का कहना है कि अगर प्रसाद में विषाक्त पदार्थ होता तो पोस्टमार्टम में यह साफ हो जाता। इतना ही नहीं 48 घंटे के बाद शिवम की मौत का मामला भी पुलिस के गले नहीं उतर रहा। बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद मामला काफी हद तक साफ हो जाएगा। हालांकि, प्राथमिकता के आधार पर पुलिस ने बाबा सियाराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दोनों बाबाओं के बीच है विवाद
दोनों बाबाओ के झगड़े की कहानी काफी लंबे समय से चल रही है, क्योकि बाबा सियाराम पांडेय और घनश्यामदास के बीच मंदिर के अध्यक्ष बनने और मंदिर की सम्पति, धन तथा चढ़ावे को लेकर कई बार टकराव हो चुके हैं। दोनो ने दो बार तो एक दूसरे पर मंदिर में चोरी के आरोप भी लगाए थे। इनके बीच विवाद पुलिस तक भी पहुंचे लेकिन धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला होने की वजह से पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। गांव वालों का कहना है कि बाबाओं के विवाद में दोनों मासूम बच्चों को जान गंवानी पड़ी।
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दोनों बालकों का बिसरा प्रिजर्व कर प्रयोगशाला भेजा गया
दोनों बालकों के पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। दोनों का बिसरा प्रिजर्व कर प्रयोगशाला भेजा गया है। हालांकि इस बात को लेकर खुद पुलिस पशोपेश में है कि प्रसाद में विषाक्त पदार्थ था या नहीं। गौर करने वाली बात यह है कि प्रसाद का अब तक नमूना भी नहीं लिया गया है। प्रयोगशाला से बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही प्रसाद में विषाक्त होने की बात साफ हो सकेगी।
शरह बरौलिया के मंदिर के पुजारी बाबा ध्यानदास और सियाराम पांडेय के बीच पहले से विवाद जरूर चल रहा है। गांव के लोगों की माने तो सोमवार को एक महिला दूध लेकर मंदिर पहुंची थी। महिला के दूध से ही बाबा सियाराम ने मंदिर में प्रसाद बनवाया। गौर करने वाली बात यह है कि सोमवार शाम को ही अंकित, शिवम और बाबा ध्यानदास ने प्रसाद खाया था। इसके बाद तीनों की हालत बिगड़ गई। मंगलवार को अंकित की और बुधवार को शिवम की मौत हो गई। बाबा ध्यानदास अब भी बीमार हैं। एसपी देहात संजय राय का कहना है कि अगर प्रसाद में विषाक्त पदार्थ होता तो पोस्टमार्टम में यह साफ हो जाता। इतना ही नहीं 48 घंटे के बाद शिवम की मौत का मामला भी पुलिस के गले नहीं उतर रहा। बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद मामला काफी हद तक साफ हो जाएगा। हालांकि, प्राथमिकता के आधार पर पुलिस ने बाबा सियाराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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दोनों बाबाओं के बीच है विवाद
दोनों बाबाओ के झगड़े की कहानी काफी लंबे समय से चल रही है, क्योकि बाबा सियाराम पांडेय और घनश्यामदास के बीच मंदिर के अध्यक्ष बनने और मंदिर की सम्पति, धन तथा चढ़ावे को लेकर कई बार टकराव हो चुके हैं। दोनो ने दो बार तो एक दूसरे पर मंदिर में चोरी के आरोप भी लगाए थे। इनके बीच विवाद पुलिस तक भी पहुंचे लेकिन धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला होने की वजह से पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। गांव वालों का कहना है कि बाबाओं के विवाद में दोनों मासूम बच्चों को जान गंवानी पड़ी।
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