फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Mujria police Mastana arm up

मुजरिया पुलिस के  हत्थे चढ़ा मस्ताना

Thu, 30 Jun 2016 12:05 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Thu, 30 Jun 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की हत्या का मामला
उझानी पुलिस भी मुजरिया पहुंची, पूछताछ शुरू 

 प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) साधना शर्मा की हत्या में अहम भूमिका निभाने वाला गैंगेस्टर अब्दुल नवी उर्फ मस्ताना बुधवार सुबह मुजरिया पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसे हिरासत में लेते वक्त पुलिस को विरोध का भी सामना करना पड़ा। मस्ताना के पकड़े जाने की भनक लगते ही कोतवाल मय फोर्स मुजरिया थाने पहुंचे। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव भीकमपुर निवासी अब्दुल नवी उर्फ भूरा उर्फ मस्ताना के बारे में सटीक सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राजेश कश्यप पुलिस फोर्स के साथ उसके गांव पहुंच गए। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। चूंकि गांव में उसका खासा प्रभाव है, इसलिए मस्ताना के पक्ष में उसके करीबी पुलिस के सामने आ गए। उनके विरोध के बीच ही पुलिस उसे उठाकर मुजरिया थाने ले गई। सूत्रों की मानें तो मस्ताना की गतिविधियों पर मुजरिया पुलिस की पिछले कई दिनों से नजर थी। पुलिस ने एक दिन पहले उसके दिल्ली स्थित ठिकाने पर भी दबिश दी थी। वहीं चर्चा है कि मस्ताना को कहीं बाहर से ही पकड़ कर लाया गया है।
विज्ञापन

बता दें कि नगर के मोहल्ला बाजारकलां निवासी प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की 23 मई को सुपारी देकर हत्या करा दी गई थी। हत्याकांड में पकड़े गए डीआरडीए कार्यालय के बाबू के आधार पर कोतवाली पुलिस ने केस में भाजपा नेता पीसी शर्मा समेत आठ लोगों को शामिल करार दिया था। भाजपा नेता की तरह ही इसमें मस्ताना का भी अहम रोल रहा था। इधर, मस्ताना के पकड़े जाने की भनक लगते ही कोतवाल गोपीचंद्र यादव भी मुजरिया थाने पहुंच गए। उन्होंने भी साधना हत्याकांड को लेकर मस्ताना से गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने राज की कई बातें पुलिस से कही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

------
मस्ताना ने दो दशक पहले एसओ मुजरिया को मारी थी गोली
उझानी। भीकमपुर निवासी बदमाश मस्ताना के पकड़े जाते ही मुजरिया पुलिस ने उसका आपराधिक रिकार्ड भी खंगाल लिया। यूं तो उस पर कई केस दर्ज हैं, लेकिन हत्या की पहली घटना को अपने गांव में वर्ष 1980 में अंजाम दिया था। लाइसेंसी बंदूक चोरी में भी वह लिप्त रहा। बिल्सी के प्रमुख आढ़ती प्रेमपपाल वार्ष्णेय की लूट के बाद हत्या में भी उसी का हाथ निकला था। वर्ष1995 में बिल्सी के गांव नैथुआ में पुलिस फोर्स से घिर जाने पर मस्ताना ने फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में तत्कालीन मुजरिया थानाध्यक्ष ओपी सिंह तोमर घायल हो गए थे। उसके खिलाफ हत्या के चार मामले दर्ज हैं। मुजरिया पुलिस ने वर्ष 2007 में मस्ताना पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की थी। वह आजीवन कारावास की सजा भी पा चुका है।
-----
सरेंडर करने की फिराक में था
उझानी। मस्ताना भले ही मुजरिया पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है, लेकिन साधना हत्याकांड के खुलासे के बाद से वह टवेरा ड्राइवर इशरत के साथ कोर्ट में सरेंडर की कोशिश में जुट गया था। सूत्र बताते हैं कि इसलिए उसने अपने करीबियों से भी संपर्क साधा था। करीबी के संपर्क में आने पर बात लीक हो गई। पुलिस को उसकी लोकेशन का भी पता लग गया। पुलिस की सतर्कता की वजह से कोर्ट में सरेंडर करने की उसकी मंशा पूरी नहीं हो पाई।
-----
चर्चा में साजिश रचने के सबूत की सीडी
उझानी। साधना शर्मा की हत्या में सुनियोजित साजिश की बात तो वर्कआउट के दौरान ही सामने आ चुकी है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि हत्या की साजिश कहां पर किस-किस ने बैठकर रची? इसके सबूत एक सीडी में कैद हैं। पुलिस को भी सीडी के बारे में सूचना है, लेकिन वर्कआउट के दौरान उसका जिक्र नहीं आया है। लोगों की जुबां पर सीडी की बात पिछले कई दिनों से चल रही है।

-----
मस्ताना का नाम उझानी की साधना शर्मा हत्याकांड में आया था। उसी ने सुपारी लेकर साधना की हत्या कराई थी। सबूत जुटाने के लिए मस्ताना से पूछताछ की जा रही है। उझानी पुलिस को भी अवगत करा दिया गया है।
- राजेश कश्यप, थानाध्यक्ष, मुजरिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed