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कब्जेदारों ने तो खेल का मैदान ही मिटा दिया
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2016 11:42 PM IST
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तहसील प्रशासन की जांच में हुआ खुलासा
समरेर में करोड़ों की सरकारी जमीन पर है कब्जा
दातागंज। समरेर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा के मामले की तहसील प्रशासन ने जांच पड़ताल शुरु कर दी है। पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है कि ढाई बीघा खेल के मैदान को भी कब्जेदारों ने गायब कर दिया है। वह व्यवसायिक दृष्टि के महत्वपूर्ण दो बीघा जमीन भी गायब हो गई है। ग्राम प्रधान ने तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर ग्राम समाज की भूमि के बारे में जानकारी मांगी है,ताकि सभी जमीन को कब्जेदारों से मुक्त कराया जा सके।
काबिलेगौर हो कि समरेर में करोड़ों की सरकारी जमीनों पर कब्जे हो गए हैं। शिकायत के बाद तहसील प्रशासन हरकत में आ गया है। एसडीएम ओपी तिवारी के आदेश पर कानूनगो सर्वेश यादव ने जांच पड़ताल शुरु कर दी। जांच में खुलासा हुआ है कि 704 रकबा जो कि ढाई बीघा खेल का मैदान था उस पर भी कब्जा हो गया है। इसके अलावा गाटा संख्या 228 दो बीघा जमीन भी कब्जा है। यह जमीन व्यासायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इधर, ग्राम प्रधान कल्पना सिंह ने भी जांच कर रहे तहसील प्रशासन को सहयोग किया है। उन्होंने तहसील प्रशासन को एक पत्र लिखकर कहा है कि वह यह बताए कि ग्राम समाज की कितनी जमीन पर अवैध कब्जे हैं ताकि उन्हें कब्जा मुक्त कराया जा सके। इधर, तहसील प्रशासन द्वारा जमीनों पर हुए अवैध कब्जों की जांच पड़ताल शुुरु किए जाने के बाद से कब्जेदारों में खलबली मची है।
समरेर में करोड़ों की सरकारी जमीन पर है कब्जा
दातागंज। समरेर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा के मामले की तहसील प्रशासन ने जांच पड़ताल शुरु कर दी है। पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है कि ढाई बीघा खेल के मैदान को भी कब्जेदारों ने गायब कर दिया है। वह व्यवसायिक दृष्टि के महत्वपूर्ण दो बीघा जमीन भी गायब हो गई है। ग्राम प्रधान ने तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर ग्राम समाज की भूमि के बारे में जानकारी मांगी है,ताकि सभी जमीन को कब्जेदारों से मुक्त कराया जा सके।
काबिलेगौर हो कि समरेर में करोड़ों की सरकारी जमीनों पर कब्जे हो गए हैं। शिकायत के बाद तहसील प्रशासन हरकत में आ गया है। एसडीएम ओपी तिवारी के आदेश पर कानूनगो सर्वेश यादव ने जांच पड़ताल शुरु कर दी। जांच में खुलासा हुआ है कि 704 रकबा जो कि ढाई बीघा खेल का मैदान था उस पर भी कब्जा हो गया है। इसके अलावा गाटा संख्या 228 दो बीघा जमीन भी कब्जा है। यह जमीन व्यासायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इधर, ग्राम प्रधान कल्पना सिंह ने भी जांच कर रहे तहसील प्रशासन को सहयोग किया है। उन्होंने तहसील प्रशासन को एक पत्र लिखकर कहा है कि वह यह बताए कि ग्राम समाज की कितनी जमीन पर अवैध कब्जे हैं ताकि उन्हें कब्जा मुक्त कराया जा सके। इधर, तहसील प्रशासन द्वारा जमीनों पर हुए अवैध कब्जों की जांच पड़ताल शुुरु किए जाने के बाद से कब्जेदारों में खलबली मची है।
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