फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   katra sadatganj case

कटरा सआदतगंज कांड : वादी पक्ष को साक्ष्य देने पर बहस पूरी, फैसला आज

Tue, 03 Feb 2015 12:10 AM IST
बदायूं।
बदायूं। Updated Tue, 03 Feb 2015 12:10 AM IST
विज्ञापन
katra sadatganj case
कटरा सआदतगंज कांड में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के साक्ष्य वादी पक्ष को दिए जाएं या नहीं, स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) अनिल कुमार की कोर्ट मंगलवार को फैसला सुनाएगी। सोमवार को कोर्ट में इस मसले पर सीबीआई के अधिवक्ता कुमार रजत और वादी पक्ष के अधिवक्ता एचएस नकवी के बीच बहस हुई। दोनों वकीलों की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल जज ने फैसला मंगलवार तक सुरक्षित रख लिया है।
विज्ञापन

बहस के दौरान सीबीआई के वकील ने वादी पक्ष को साक्ष्य देने से स्पष्ट मना कर दिया, जबकि वादी पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए दावा किया कि वादी पक्ष को साक्ष्य उपलब्ध कराए जा सकते हैं। बिना साक्ष्यों के वादी पक्ष किस आधार पर क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ प्रोटेस्ट दाखिल करेगा।
विज्ञापन

बता दें कि कटरा सआदतगंज में दो चचेरी बहनों के शव 27/28 मई, 2014 की रात पेड़ पर लटके मिले थे। परिवार वालों ने तीन सगे भाइयों और दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैंगरेप कर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में मामले की जांच सीबीआई ने की और 11 दिसंबर, 2014 को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दावा किया कि दोनों लड़कियों ने आत्महत्या की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वादी पक्ष ने सुबूत मिटाए: कुमार रजत
बदायूं। सीबीआई के अधिवक्ता कुमार रजत ने कहा कि वादी पक्ष ने गलत रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ-साथ सुबूतों को मिटाने का गुनाह किया है। हमने वादी पक्ष के खिलाफ धारा 182 और 211 के तहत मुकदमा दर्ज कराने की मांग कोर्ट से की है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि वादी पक्ष को सुबूत दिए जाएं। अगर कोर्ट सबूत मांगता है तो सुबूत दाखिल कर दिए जाएंगे।
सीबीआई को सुबूत देने ही होंगे: नकवी
बदायूं। वादी पक्ष के अधिवक्ता एचएस नकवी ने कहा कि सीबीआई शुरू से ही पूरे मामले में झूठ बोल रही है। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ प्रोेटेस्ट दाखिल करने के लिए वादी पक्ष को सुबूतों की जरूरत है। हमारी ओर से कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की रूलिंग दाखिल की गई हैं। कई ऐसे मामले हैं जिनमें वादी पक्ष को सीबीआई ने सुबूत मुहैया कराए हैं।

वादी पक्ष बोला, एक अफसर दे रहा जान से मारने की धमकी
बदायूं। कोर्ट में बहस पूरी होने के बाद दो-तीन मिनट के लिए हंगामा हो गया, जब लड़कियों के पिता और भाई ने बाहर आते ही सीबीआई के एडिशनल एसपी विजय शुक्ला और अधिवक्ता समेत टीम को कार में बैठने समय घेर लिया और तरह-तरह के आरोप लगाने लगे। लड़कियों के भाई ने आरोप लगाया कि सीबीआई टीम के एक अफसर की पड़ोसी गांव मऊ में रिश्तेदारी है। सीबीआई के एक अफसर के रिश्तेदार की आरोपियों से करीबी भी है। इसी दौरान टीम के एक अधिकारी पर वादी पक्ष ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कहा, आरोपियों और सीबीआई के बीच मिलीभगत है। वादी पक्ष ने जानना चाहा कि अगर दोनों लड़कियों ने आत्महत्या की थी तो सीबीआई इसके सुबूत क्यों नहीं दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed