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लड़की का पिता गिरफ्तार, जेल भेजा
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Mon, 15 May 2017 11:35 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गांव उरैना में प्रेमी युगल की हत्या का मामला
किशन लाल ने कहा, लड़का दहेज मांग रहा था मार डाला
दहेज न देने पर बेटी को छोड़ने की दी थी धमकी
कहा, बेटी ने पुलिस में जाने की बात कही तो उसे भी मार डाला
वजीरगंज थाने के गांव उरैना में प्रेमी युगल की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार को मुख्य आरोपी लड़की के पिता को गिरफ्तार कर लिया। उसको जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद किशनलाल ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी आशा और गोविंद की शादी तय थी। रविवार को गोविंद जब उसके घर पहुंचा तो उसने दहेज की मांग की। कहा कि पहले दो बेटियों की शादी में जो दहेज दिया अगर उतना उसको नहीं दिया तो वह उसकी बेटी को छोड़ देगा। इसी बात को लेकर तकरार हो गई। इसके बाद किशनलाल ने अपनी पत्नी और बेटों रामवीर, जयवीर के साथ मिलकर गोविंद की हत्या कर दी। इसका बेटी आशा ने विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो इन लोगों ने उसे भी कुल्हाड़ी से काट डाला। हालांकि, मामले में बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी होना अभी बाकी है। इनकी गिरफ्तारी और बयान के बाद इस वारदात से काफी हद तक पर्दा हट गया है।
वजीरगंज थाने के गांव उरैना निवासी गोविंद (25) पुत्र पप्पू राम का पड़ोस में ही रहने वाली आशा (22) पुत्री किशन लाल से प्रेम प्रसंग था। दोनों कई बार घर से भाग भी चुके थे। एक ही बिरादरी के होने की वजह से समाज के लोगों ने समझौता कर दोनों की शादी तय करा दी थी। गोविंद दिल्ली में रहकर नौकरी करता था। किशनलाल ने शादी के संबंध में बात करने के लिए रविवार को उसे अपने घर बुलाया था। यहां गोविंद और उसकी प्रेमिका आशा की हत्या कर दी गई। गोविंद के पिता की तहरीर पर पुलिस ने किशनलाल, उसकी पत्नी और बेटे रामवीर, विजय पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। एसपी देहात संजय राय के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को किशनलाल को उरैना के जंगल से गिरफ्तार कर लिया। --
दोनों शव ठिकाने लगाने की थी योजना
बदायूं। बेटी आशा और उसके मंगेतर गोविंद की हत्या करने के बाद किशनलाल की योजना दोनों के शव ठिकाने लगाने की थी। वह बेटी के शव को घर से बाहर निकाल रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली रेशमा ने उसे देख लिया। उसने शोर मचा दिया। गांव के कई लोग मौके पर जमा हो गए। ऐसे में किशनलाल की योजना फेल हो गई। बेटी के शव को घर के बाहर गली में और गोविंद के शव को घर में ही छोड़कर वह भाग गया।
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किशनलाल और रवि के बयान नहीं खा रहे मेल
बिसौली। ऑनर किलिंग की वारदात में किशनलाल और गोविंद के फूफा रवि के बयान में काफी अंतर है। आशा के पिता किशनलाल का कहना है कि दहेज की बात को लेकर विवाद हुआ था। इधर गोविंद के साथ किशनलाल के घर गया उसका फूफा रवि कुमार इससे अलग बात कर रहा है। उसका कहना है कि आशा का भाई विजयपाल लगातार गोविंद को फोन कर रहा था। सैदपुर से उन दोनों को अपनी बाइक से विजयपाल उरैना गांव लेकर गया था। घटना के बाद से लापता रवि सोमवार को बिसौली के होली चौकी स्थित अपने घर पहुंचा। उसने बताया कि गोविंद के साथ वह किशनलाल के घर उरैना गया था। गोविन्द घर के अंदर चला गया। जबकि बाहर उसे गांव का मोरपाल मिल गया। मोरपाल उसका जानने वाला था। वह मोरपाल से बात करने लगा। इसी दौरान किशनलाल के घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। उसने झांक कर देखा तो गोविन्द का शव पड़ा था। इससे वह डर गया और वहां से भाग निकला। रात को वह चंदौसी में अपनी रिश्तेदारी में रुका। सोमवार को अपने घर पहुंचा। उसने पूरे मामले में जानकारी पुलिस को भी दी है।
गिरफ्तार आरोपी का कहना है कि दहेज के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया था। गोविंद ने उसकी बेटी को छोड़ने की धमकी दी थी। इसी पर गुस्से में आकर उसने गोविंद की हत्या कर दी। बेटी ने पुलिस में जाने की बात कही तो उसे भी मार डाला। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है।
-संजय राय, एसपी देहात
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किशन लाल ने कहा, लड़का दहेज मांग रहा था मार डाला
दहेज न देने पर बेटी को छोड़ने की दी थी धमकी
कहा, बेटी ने पुलिस में जाने की बात कही तो उसे भी मार डाला
वजीरगंज थाने के गांव उरैना में प्रेमी युगल की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार को मुख्य आरोपी लड़की के पिता को गिरफ्तार कर लिया। उसको जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद किशनलाल ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी आशा और गोविंद की शादी तय थी। रविवार को गोविंद जब उसके घर पहुंचा तो उसने दहेज की मांग की। कहा कि पहले दो बेटियों की शादी में जो दहेज दिया अगर उतना उसको नहीं दिया तो वह उसकी बेटी को छोड़ देगा। इसी बात को लेकर तकरार हो गई। इसके बाद किशनलाल ने अपनी पत्नी और बेटों रामवीर, जयवीर के साथ मिलकर गोविंद की हत्या कर दी। इसका बेटी आशा ने विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो इन लोगों ने उसे भी कुल्हाड़ी से काट डाला। हालांकि, मामले में बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी होना अभी बाकी है। इनकी गिरफ्तारी और बयान के बाद इस वारदात से काफी हद तक पर्दा हट गया है।
वजीरगंज थाने के गांव उरैना निवासी गोविंद (25) पुत्र पप्पू राम का पड़ोस में ही रहने वाली आशा (22) पुत्री किशन लाल से प्रेम प्रसंग था। दोनों कई बार घर से भाग भी चुके थे। एक ही बिरादरी के होने की वजह से समाज के लोगों ने समझौता कर दोनों की शादी तय करा दी थी। गोविंद दिल्ली में रहकर नौकरी करता था। किशनलाल ने शादी के संबंध में बात करने के लिए रविवार को उसे अपने घर बुलाया था। यहां गोविंद और उसकी प्रेमिका आशा की हत्या कर दी गई। गोविंद के पिता की तहरीर पर पुलिस ने किशनलाल, उसकी पत्नी और बेटे रामवीर, विजय पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। एसपी देहात संजय राय के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को किशनलाल को उरैना के जंगल से गिरफ्तार कर लिया। --
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दोनों शव ठिकाने लगाने की थी योजना
बदायूं। बेटी आशा और उसके मंगेतर गोविंद की हत्या करने के बाद किशनलाल की योजना दोनों के शव ठिकाने लगाने की थी। वह बेटी के शव को घर से बाहर निकाल रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली रेशमा ने उसे देख लिया। उसने शोर मचा दिया। गांव के कई लोग मौके पर जमा हो गए। ऐसे में किशनलाल की योजना फेल हो गई। बेटी के शव को घर के बाहर गली में और गोविंद के शव को घर में ही छोड़कर वह भाग गया।
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किशनलाल और रवि के बयान नहीं खा रहे मेल
बिसौली। ऑनर किलिंग की वारदात में किशनलाल और गोविंद के फूफा रवि के बयान में काफी अंतर है। आशा के पिता किशनलाल का कहना है कि दहेज की बात को लेकर विवाद हुआ था। इधर गोविंद के साथ किशनलाल के घर गया उसका फूफा रवि कुमार इससे अलग बात कर रहा है। उसका कहना है कि आशा का भाई विजयपाल लगातार गोविंद को फोन कर रहा था। सैदपुर से उन दोनों को अपनी बाइक से विजयपाल उरैना गांव लेकर गया था। घटना के बाद से लापता रवि सोमवार को बिसौली के होली चौकी स्थित अपने घर पहुंचा। उसने बताया कि गोविंद के साथ वह किशनलाल के घर उरैना गया था। गोविन्द घर के अंदर चला गया। जबकि बाहर उसे गांव का मोरपाल मिल गया। मोरपाल उसका जानने वाला था। वह मोरपाल से बात करने लगा। इसी दौरान किशनलाल के घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। उसने झांक कर देखा तो गोविन्द का शव पड़ा था। इससे वह डर गया और वहां से भाग निकला। रात को वह चंदौसी में अपनी रिश्तेदारी में रुका। सोमवार को अपने घर पहुंचा। उसने पूरे मामले में जानकारी पुलिस को भी दी है।
गिरफ्तार आरोपी का कहना है कि दहेज के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया था। गोविंद ने उसकी बेटी को छोड़ने की धमकी दी थी। इसी पर गुस्से में आकर उसने गोविंद की हत्या कर दी। बेटी ने पुलिस में जाने की बात कही तो उसे भी मार डाला। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है।
-संजय राय, एसपी देहात