इफ्को से चले कई ट्रक नहीं पहुंचे पीसीएफ!
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जिले के किसानों के साथ जो हो रहा था। उसमें माननीयों का हाथ था। अधिकारी भी जानते थे लेकिन कुछ कर नहीं पा रहे थे। जब अति हो गई तो बात सांसद धर्मेंद्र यादव तक पहुंची। उन्हें यह भी पता लगा कि कुछ माननीय ही इस धंधे में किसानों को बर्बाद करने में तुले हैं तो उन्होंने शासन स्तर से आदेश करा दिए। पता चला है कि दर्जनों ट्रक खाद पीसीएफ तक आने ही नहीं दी गई। पीसीएफ और सचिवों से खाद रिसीव करा ली गई और कादरचौक और उसावां बार्डर से जिले से बाहर सप्लाई कर दी गई। इन थानों की पुलिस ने भी माननीयों का पूरा साथ दिया। अब आकर हालात समान्य हुए हैं।
बात इस साल के शुरू होने से पहले की है। 30 दिसंबर 2014 से पूर्व मिले शासन के निर्देशों पर एक विशेष छापामार सैल की स्थापना की गई। इसमें एसडीएम सदर प्रदीप यादव, एआर सहकारिता सतीशचंद्र श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह शामिल रहे। इन लोगों ने इफ्को आंवला से लेकर जिले में प्रवेश के सभी मार्गों पर छापामारी की। आंवला इफ्को पर डीडी कृषि एके मिश्रा को भी लगाया गया। आंवला से चला खाद भरा ट्रक जब पीसीएफ पर नहीं पहुंचा तो छापामार टीम में खलबली मच गई। सुराग लगाते हुए पता लगा कि यह ट्रक कुंवरगांव में उतार लिया गया है। 30-31 दिसंबर की मशक्कत छापामारी टीम को एक जनवरी में पकड़ में आ सका। पीसीएफ के गोदाम प्रभारी को भी पकड़ा गया और उसे धमकाया गया तो उसने खाद के खेल का पर्दाफाश किया। इन सभी कारणों को जब एक दूसरे से जोड़ा गया तो पता चला है इससे पहले ही कई ट्रक इसी प्रकार लापता हो गए और पीसीएफ में आमद के लिए जबरन कागजों में खाना पूरी हो गई। पीसीएफ भी इसकी जांच की चपेट में है।
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कादरचौक और उसावां थाने भी जुड़े खेल में
ट्रक के ट्रक खाद जिले से बाहर भी गई है। जांच में शामिल बिंदुओं में इसे शिकायत के आधार पर शामिल किया गया है। इफ्को आंवला से आने वाले ट्रक रास्ते से गायब होते थे, वे कादरचौक और उसावां थाना पुलिस की मदद से जिले के बाहर हो जाते थे। इस बिंदु को जांच का विषय मान लिया गया है। इतने प्रभावशाली लोग इससे जुड़े हैं कि जांच सही हो पाएगी भी इसे लेकर आशंका बना हुई है।
कुंवरगांव समिति की सील खुलवाने को समिति बनी
शासन के निर्देश पर बनी टीम ने खाद से भरा ट्र्रक गायब होने की जानकारी हासिल कर कुंवरगांव समिति को सील कर दिया था। मौके पर सचिव रामखिलाड़ी नहीं मिले और आलेख भी प्राप्त नहीं हुए थे। बाद में सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। बमुश्किल थाना कुंवरगांव में रिपोर्ट दर्ज हो सकी थी। अब जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। एडीसीओ, ब्रांच मैनेजर, समिति के सभापति, संचालक और पुलिस को मिलाकर समिति की सील खुलवाने को समिति गठित कर दी गई है।
खाद के ट्रकों पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। इफ्को से लेकर पीसीएफ गोदाम तक और पीसीएफ गोदाम से समितियों तक खाद जाने के अलावा उनका सत्यापन भी हो रहा है। खाद किसानों तक पहुंचे इसके लिए डीएम के निर्देश पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। कुंवरगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद जांच शुरू हो गई है। पहले भी ट्रक गड़बड़ हुए होंगे उनका भी पता लग जाएगा। - प्रदीप यादव, एसडीएम, बदायूं।