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ड्राइवर की हत्या कर लूटा गया था उड़द भरा ट्रक
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Mon, 19 Oct 2015 09:09 PM IST
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बिल्सी के गल्ला व्यापारी मनीष वार्ष्णेय की आढ़त से 15 अक्तूबर को 274 बोरा उड़द बरेली मंडी स्थित हरीशंकर एंड संस फर्म के लिए चला था। 16 अक्तूबर की शाम तक ट्रक वहां नहीं पहुंचा तो मनीष वार्ष्णेय ने तलाश शुरू की। 17 तारीख को बरेली निवासी ट्रक मालिक बिल्ले बाबू ओर से बिल्सी थाने में तहरीर दी गई। मुकदमा दर्ज होने के बाद एसएसपी सौमित्र यादव ने वर्क आउट का जिम्मा एसओजी को सौंपा। रविवार को एसओजी ने कछला से 274 बोरा उडड़ और संभल के थाना गुन्नौर के जंगल से ट्रक बरामद कर लिया। चालक और क्लीनर का कोई सुराग नहीं लगा था।
सोमवार को पुलिस को उझानी रोड पर खाटू श्याम जी मंदिर के पास लाश पड़ी होने की खबर मिली। पुलिस ने शव बरामद कर शिनाख्त कराई। उसकी शिनाख्त सुधीर गिरी (46) पुत्र मोहनगिरी निवासी विजय नगला थाना आंवला, बरेली के रूप में हुई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। क्लीनर का अब तक सुराग नहीं है। पड़ताल में पता लगा है कि इसी ट्रक पर पहले क्लीनर रहे जसविंदर उर्फ काके की मौजूदा क्लीनर से दोस्ती थी। उसके साथ मिलकर काके ने वारदात को अंजाम दिया।
प्री प्लान थी वारदात, सफेदपोश का हाथ
2007 में भी इसी सफेदपोश ने लुटवाया था ट्रक
उस वक्त भी की गई थी चालक की हत्या
बदायूं। ट्रक लूटकांड में एक सफेदपोश का हाथ है। घटना भी पूरी तरह से प्री प्लान थी। ट्रक 15 अक्तूबर की रात लूटा गया। इससे पहले 12 अक्तूबर को कछला में दो दुकानें किराए पर ली गईं। इन्हीं दुकानों में उड़द उतारा गया। ट्रक चालक सुधीर गिरी का परिवार लगतार दो दिन उझानी के एक सफेदपोश हिस्ट्रीशीटर के संपर्क में रहा। यह सफेदपोश हिस्ट्रीशीटर मूल रूप से बरेली का है। इसके खिलाफ 148 अपराधिक मामले दर्ज हैं। कई साल पहले इसे बरेली से जिला बदर कर दिया गया था। उसके बाद से यह उझानी में रह रहा है। बिल्सी सीट से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुका है।
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उड़द से भरा हुआ ट्रक 15 अक्तूबर को रात साढ़े आठ बजे बिल्सी से चला था। इसके क्लीनर ने अपनी पूरी लोकेशन जसविंदर उर्फ काके को दे दी। बिल्सी से खेड़ा नवादा पहुंच कर सुधीर गिरी ने क्लीनर के साथ ढाबा पर खाना खाया। काके भी नन्हे, अनिल और कंहई के साथ यहां पहुंच गया। यहां इन लोगों ने सुधीर को शराब पिलाई। बाद में सुधीर ट्रक में सो गया। रात में ही ट्रक को उझानी ले जाया गया। रास्ते में सुधीर की हत्या कर शव खाटू श्याम जी मंदिर के पास फेक दिया। घटना का मास्टरमाइंड काके जरूर था, लेकिन इसके पीछे प्लान 2007 में हुए बाजरा भरे ट्रक लूटकांड के आरोपी का था। यह बदमाश सफेदपोश हिस्ट्रीशीटर का ड्राइवर है। बाजरा भरे ट्रक को लूटने के बाद उसके चालक की हत्या कर शव मुजरिया थाने के गांव अलीगंज में सड़क किनारे फेंका गया था। इस वारदात को हिस्ट्रीशीटर सफेदपोश का नाम भी आया था। उसके ड्राइवर को जेल भेजा गया था। एसओजी ने वारदात की काफी परतें खोल दी हैं। जल्द कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सुधीर ने रखा था क्लीनर
बदायूं। ट्रक चालक सुधीर ने ही क्लीनर को ट्रक पर रखा था। बरेली निवासी ट्रक मालिक बिल्ले बाबू की मानें तो उनको भी इस बारे में जानकारी नहीं है कि ट्रक पर क्लीनर कौन था। यही वजह है कि अब तक पुलिस क्लीनर तक नहीं पहुंच सकी है। सोमवार को एसओजी इंचार्ज संदीप तोमर काके को लेकर बरेली रवाना हो गए हैं।
पुलिस कर्मी की दुकानों में अनलोड हुआ ट्रक
बदायूं। कछला में जिन दुकानों में ट्रक को अनलोड किया गया वह एक पुलिस कर्मी की हैं। तीन दिन पहले ही दुकानें किराए पर ली गई थीं। पुलिस कर्मी का बेटा सीआरपीएफ में सिपाही है। शातिरों ने पहले ही पूरी योजना बना ली थी। पुलिस कर्मी को जब इस बारे में पता लगा तो उसने ही एसओजी को खबर दी थी।
ऐसे हुआ वर्कआउट
15 अक्तूबर की रात में ही ट्रक को कछला में अनलोड कर दिया गया। 16 को ट्रक बरेली नहीं पहुंचा तो मनीष ने खोज की। 17 तारीख को बिल्सी थाने में तहरीर दी गई। अगले दिन मामला अखबारों की सुर्खियां बना। कछला के लोगों ने जब खबर अखबारों में देखी तो वह माजरा समझ गए। उड़द भरा ट्रक अनलोड होने के बारे में पड़ोसियों ने दुकान मालिक को खबर दी। दुकान मालिक ने इस बारे में पुलिस को बताया। इसके बाद पुलिस ने पहले उड़द बाद में ट्रक बरामद कर लिया। एसएसपी सौमित्र यादव ने बताया कि एसओजी ने घटना का वर्क आउट कर दिया है। कुछ लोग हिरासत में भी लिए गए हैं। वारदात में जो भी लोग शामिल हैं उन सभी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 24 घंटे के भीतर संगीन वारदात का खुलासा एसओजी का बेहतर काम है।
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सोमवार को पुलिस को उझानी रोड पर खाटू श्याम जी मंदिर के पास लाश पड़ी होने की खबर मिली। पुलिस ने शव बरामद कर शिनाख्त कराई। उसकी शिनाख्त सुधीर गिरी (46) पुत्र मोहनगिरी निवासी विजय नगला थाना आंवला, बरेली के रूप में हुई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। क्लीनर का अब तक सुराग नहीं है। पड़ताल में पता लगा है कि इसी ट्रक पर पहले क्लीनर रहे जसविंदर उर्फ काके की मौजूदा क्लीनर से दोस्ती थी। उसके साथ मिलकर काके ने वारदात को अंजाम दिया।
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प्री प्लान थी वारदात, सफेदपोश का हाथ
2007 में भी इसी सफेदपोश ने लुटवाया था ट्रक
उस वक्त भी की गई थी चालक की हत्या
बदायूं। ट्रक लूटकांड में एक सफेदपोश का हाथ है। घटना भी पूरी तरह से प्री प्लान थी। ट्रक 15 अक्तूबर की रात लूटा गया। इससे पहले 12 अक्तूबर को कछला में दो दुकानें किराए पर ली गईं। इन्हीं दुकानों में उड़द उतारा गया। ट्रक चालक सुधीर गिरी का परिवार लगतार दो दिन उझानी के एक सफेदपोश हिस्ट्रीशीटर के संपर्क में रहा। यह सफेदपोश हिस्ट्रीशीटर मूल रूप से बरेली का है। इसके खिलाफ 148 अपराधिक मामले दर्ज हैं। कई साल पहले इसे बरेली से जिला बदर कर दिया गया था। उसके बाद से यह उझानी में रह रहा है। बिल्सी सीट से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुका है।
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उड़द से भरा हुआ ट्रक 15 अक्तूबर को रात साढ़े आठ बजे बिल्सी से चला था। इसके क्लीनर ने अपनी पूरी लोकेशन जसविंदर उर्फ काके को दे दी। बिल्सी से खेड़ा नवादा पहुंच कर सुधीर गिरी ने क्लीनर के साथ ढाबा पर खाना खाया। काके भी नन्हे, अनिल और कंहई के साथ यहां पहुंच गया। यहां इन लोगों ने सुधीर को शराब पिलाई। बाद में सुधीर ट्रक में सो गया। रात में ही ट्रक को उझानी ले जाया गया। रास्ते में सुधीर की हत्या कर शव खाटू श्याम जी मंदिर के पास फेक दिया। घटना का मास्टरमाइंड काके जरूर था, लेकिन इसके पीछे प्लान 2007 में हुए बाजरा भरे ट्रक लूटकांड के आरोपी का था। यह बदमाश सफेदपोश हिस्ट्रीशीटर का ड्राइवर है। बाजरा भरे ट्रक को लूटने के बाद उसके चालक की हत्या कर शव मुजरिया थाने के गांव अलीगंज में सड़क किनारे फेंका गया था। इस वारदात को हिस्ट्रीशीटर सफेदपोश का नाम भी आया था। उसके ड्राइवर को जेल भेजा गया था। एसओजी ने वारदात की काफी परतें खोल दी हैं। जल्द कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सुधीर ने रखा था क्लीनर
बदायूं। ट्रक चालक सुधीर ने ही क्लीनर को ट्रक पर रखा था। बरेली निवासी ट्रक मालिक बिल्ले बाबू की मानें तो उनको भी इस बारे में जानकारी नहीं है कि ट्रक पर क्लीनर कौन था। यही वजह है कि अब तक पुलिस क्लीनर तक नहीं पहुंच सकी है। सोमवार को एसओजी इंचार्ज संदीप तोमर काके को लेकर बरेली रवाना हो गए हैं।
पुलिस कर्मी की दुकानों में अनलोड हुआ ट्रक
बदायूं। कछला में जिन दुकानों में ट्रक को अनलोड किया गया वह एक पुलिस कर्मी की हैं। तीन दिन पहले ही दुकानें किराए पर ली गई थीं। पुलिस कर्मी का बेटा सीआरपीएफ में सिपाही है। शातिरों ने पहले ही पूरी योजना बना ली थी। पुलिस कर्मी को जब इस बारे में पता लगा तो उसने ही एसओजी को खबर दी थी।
ऐसे हुआ वर्कआउट
15 अक्तूबर की रात में ही ट्रक को कछला में अनलोड कर दिया गया। 16 को ट्रक बरेली नहीं पहुंचा तो मनीष ने खोज की। 17 तारीख को बिल्सी थाने में तहरीर दी गई। अगले दिन मामला अखबारों की सुर्खियां बना। कछला के लोगों ने जब खबर अखबारों में देखी तो वह माजरा समझ गए। उड़द भरा ट्रक अनलोड होने के बारे में पड़ोसियों ने दुकान मालिक को खबर दी। दुकान मालिक ने इस बारे में पुलिस को बताया। इसके बाद पुलिस ने पहले उड़द बाद में ट्रक बरामद कर लिया। एसएसपी सौमित्र यादव ने बताया कि एसओजी ने घटना का वर्क आउट कर दिया है। कुछ लोग हिरासत में भी लिए गए हैं। वारदात में जो भी लोग शामिल हैं उन सभी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 24 घंटे के भीतर संगीन वारदात का खुलासा एसओजी का बेहतर काम है।