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चर्चित दरोगा के खिलाफ मजिस्ट्रेटी जांच की मांग
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 15 Sep 2016 11:51 PM IST
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राष्ट्रवादी प्रताप सेना ने डीएम को दिया ज्ञापन
संजरपुर में ग्रामीण को खंभे से बांधकर पीटने का मामला
उझानी कोतवाली में तैनात चर्चित दरोगा अशोक यादव के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच की मांग उठी है। संजरपुर में ग्रामीण को पहले जीप, खंभे से बांध कर पीटने और बाद में रात भर बेवजह हवालात में रखने के मामले में दरोगा के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होने से लोगों में गुस्सा है। दरोगा को एक सफेदपोश का संरक्षण हासिल है। इसके चलते अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। गुरुवार को राष्ट्रवादी प्रताप सेना ने डीएम पवन कुमार को ज्ञापन देकर दरोगा के खिलाफ मजिस्ट्रेटी जांच की मांग उठाई।
उझानी कोतवाली के गांव संजरपुर निवासी प्रदीप उर्फ नन्हे की मां का निधन हो गया था। शनिवार को उनका दसवां था। शनिवार रात दरोगा अशोक यादव तीन सिपाहियों के साथ नन्हे के घर में घुस गया। पूरे परिवार से मारपीट की। आरोप है कि नन्हे को पहले जीप में बाद में खंभे में बांध कर पीटा। बेवजह उसे पूरी रात हवालात में रखा गया। सुबह होने पर छोड़ दिया गया। सोमवार को गांव के लोगों ने एसएसपी ऑफिस का घेराव किया। इसके बाद एसएसपी सुनील सक्सेना ने जांच एसपी सिटी अनिल यादव को दे दी। दरोगा के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
गुरुवार को राष्ट्रवादी प्रताप सेना के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह परमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल डीएम पवन कुमार से मिला। उनको ज्ञापन देकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई और मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की। डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधि मंडल में सौरभ चौहान, मुकेश सिंह, पीके सिंह शामिल आदि रहे।
संजरपुर में ग्रामीण को खंभे से बांधकर पीटने का मामला
उझानी कोतवाली में तैनात चर्चित दरोगा अशोक यादव के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच की मांग उठी है। संजरपुर में ग्रामीण को पहले जीप, खंभे से बांध कर पीटने और बाद में रात भर बेवजह हवालात में रखने के मामले में दरोगा के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होने से लोगों में गुस्सा है। दरोगा को एक सफेदपोश का संरक्षण हासिल है। इसके चलते अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। गुरुवार को राष्ट्रवादी प्रताप सेना ने डीएम पवन कुमार को ज्ञापन देकर दरोगा के खिलाफ मजिस्ट्रेटी जांच की मांग उठाई।
उझानी कोतवाली के गांव संजरपुर निवासी प्रदीप उर्फ नन्हे की मां का निधन हो गया था। शनिवार को उनका दसवां था। शनिवार रात दरोगा अशोक यादव तीन सिपाहियों के साथ नन्हे के घर में घुस गया। पूरे परिवार से मारपीट की। आरोप है कि नन्हे को पहले जीप में बाद में खंभे में बांध कर पीटा। बेवजह उसे पूरी रात हवालात में रखा गया। सुबह होने पर छोड़ दिया गया। सोमवार को गांव के लोगों ने एसएसपी ऑफिस का घेराव किया। इसके बाद एसएसपी सुनील सक्सेना ने जांच एसपी सिटी अनिल यादव को दे दी। दरोगा के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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गुरुवार को राष्ट्रवादी प्रताप सेना के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह परमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल डीएम पवन कुमार से मिला। उनको ज्ञापन देकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई और मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की। डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधि मंडल में सौरभ चौहान, मुकेश सिंह, पीके सिंह शामिल आदि रहे।
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