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कैदी का शव रखने में लापरवाही

अमर उजाला, बदायूं Updated Sun, 13 Dec 2015 09:29 PM IST
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dead body retina lost
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जिला जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे सौदान सिंह की शनिवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। शव रैनबसेरा में रख दिया गया था। उस समय सौदान के शरीर पर कोई चोट नहीं थी। रविवार सुबह परिवार वालों ने शव देखा तो बायीं आंख की पुतली गायब थी। दायीं आंख पर भी चोट का निशान था। डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. एके गुप्ता और डॉ. जीके गुप्ता के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में आंख की पुतली गायब होने का जिक्र किया है। सौदान सिंह के पुत्र बादशाह सिंह का कहना है कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से ऐसा हुआ है।
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सौदान सिंह को जेल से जब अस्पताल भेजा गया तब उसके शरीर पर कोई जख्म नहीं था। अगर उसकी एक आंख की पुतली गायब होने की बात है तो इस बारे में अस्पताल प्रशासन से बात की जाएगी।

-अरविंद पांडेय जेलर

इलाज में देरी का आरोप
सौदान सिंह को अस्पताल लाने वाले बंदी रक्षक नितिन सक्सेना की मानें तो इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. राजेश वर्मा ने उसे भर्ती नहीं किया। भर्ती कराने से पहले सीएमएस से आदेश कराने को कहा। 8:10 बजे जेल स्लिप पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरपाल सिंह ने आदेश किया, इसके बाद भी सौदान को न तो भर्ती किया गया और न उसे ऑक्सीजन लगाई गई। 8.20 बजे डॉ. वर्मा ने जेल स्लिप पर ही सौदान को मृत घोषित कर दिया। इस मामले में डॉ. वर्मा का कहना है कि सौदान सिंह उनकी ड्यूटी के वक्त अस्पताल में नहीं आया था, जबकि जेल स्लिप पर दस्तखत डॉ. राजेश वर्मा के ही हैं।
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