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रिश्ते का खून: संपत्ति विवाद में भाई ने भाई को मार डाला
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:12 AM IST
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जरीफनगर के गांव लोहरपुरा में हुई वारदात
दो पक्षों में मारपीट, तीन लोग जख्मी भी हुए
संपत्ति को लेकर चल रही रंजिश ने रिश्तों का खून कर दिया। भाई ने ही अपने परिवार के साथ मिलकर अपने भाई को पीट-पीट कर मार डाला। वारदात जरीफनगर थाने के गांव लोहरपुरा में हुई। मृतक के वीरपाल यादव के पुत्र मदनपाल की ओर से अपने चाचा हरपाल समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना रविवार शाम नींव भरने के दौरान दीवार को नुकसान पहुंचने को लेकर हुई।
जरीफनगर थाने के गांव लोहरपुरा निवासी वीरपाल (52) पुत्र प्यारे लाल और हरपाल सगे भाई हैं। बंटवारा होने के बाद दोनों में संपत्ति का विवाद बना हुआ था। रविवार को हरपाल अपने घर की नींव भरवा रहा था। इस दौरान वीरपाल के घर की कच्ची दीवार को नुकसान हो गया। वीरपाल ने विरोध किया, तो हरपाल ने अपने पुत्रों यादराम, ब्रजबिहारी और राजू के साथ मिलकर वीरपाल पर हमला बोल दिया। बीच बचाव कराने वीरपाल की पत्नी कल्लो, बेटा मदन लाल और बेटी राजवाला, मुन्नी आए। हरपाल पक्ष के लोगों ने इनको भी पीटा। सभी घायल हो गए।
घायल वीरपाल, उसकी पत्नी कल्लो देवी, बेटी मुन्नी और राजवाला को जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान वीरपाल की मौत हो गई। मृतक के पुत्र मदनलाल ने हरपाल, यादराम, ब्रजबिहारी और राजू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया।
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चार बीघा जमीन बनी रिश्तों के कत्ल की वजह
बड़े भाई ने वीरपाल के नाम कर दी थी अपनी जमीन
इसके बाद से ही सुलगने लगी थी रंजिश की चिंगारी
चार बीघा जमीन ने दोनों भाइयों के बीच रंजिश के बीच वो दिए थे। इसी जमीन का बैनामा रिश्तों के कत्ल की वजह बना। भाई ने संपत्ति विवाद में भाई की हत्या कर दी तो पूरा गांव भी सन्न है। गांव की ज्यादातर आबादी यादव बिरादरी की है। घटना के बाद मृतक के घर में चित्कारें और आरोपी के घर में सन्नाटा है।
वीरपाल चार भाई हैं। रामेश्वर, रामस्वरूप, वीरपाल और हरपाल। इनमें मझले भाई रामस्वरूप की कोई संतान नहीं है। रामस्वरूप ने अपनी चार बीघा जमीन वीरपाल के नाम कर दी थी। सबसे छोटा भाई हरपाल की भी इस जमीन पर नजर थी। यह जमीन उसके हाथ से निकल गई। इससे वह नाखुश था। बाद में रामस्वरूप ने पुस्तैनी घर का अपना हिस्सा भी वीरपाल को दे दिया। इससे रिश्तों में रार और बढ़ गई।
हरपाल ने हाल ही में अपने घर का निर्माण शुरू कराया था। रविवार को हरपाल अपने मकान की नींव भरवा रहा था। इससे वीरपाल के कच्ची दीवार को नुकसान पहुंचा। वीरपाल ने विरोध किया तो हरपाल की गुस्सा उफान पर आ गया। उसने अपने तीन पुत्रों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। वीरपाल की पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा बीच बचाव को आए तो उनको भी मारपीट कर घायल कर दिया।
पहले भी हो चुकी दोनों पक्षों में मारपीट
बदायूं। दोनों पक्षों के बीच मारपीट पहले भी हो चुकी है। शिकायत थाने भी पहुंची थी। चारो भाइयों के बीच बंटवारा तो पहले ही हो चुका था। बंटवारे के बाद से ही रंजिश चल रही थी। किसी ने यह नहीं सोचा था कि संपत्ति विवाद में फौजदारी इस हद तक बढ़ेगी कि भाई के खून से भाई के हाथ ही लाल हो जाएंगे।
वर्जन-
तहरीर के आधार पर मामले में चार लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पड़ताल में पता चला है कि संपत्ति विवाद का मामला है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-मुन्ना लाल, एसपी देहातफोटो-18
दो पक्षों में मारपीट, तीन लोग जख्मी भी हुए
संपत्ति को लेकर चल रही रंजिश ने रिश्तों का खून कर दिया। भाई ने ही अपने परिवार के साथ मिलकर अपने भाई को पीट-पीट कर मार डाला। वारदात जरीफनगर थाने के गांव लोहरपुरा में हुई। मृतक के वीरपाल यादव के पुत्र मदनपाल की ओर से अपने चाचा हरपाल समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना रविवार शाम नींव भरने के दौरान दीवार को नुकसान पहुंचने को लेकर हुई।
जरीफनगर थाने के गांव लोहरपुरा निवासी वीरपाल (52) पुत्र प्यारे लाल और हरपाल सगे भाई हैं। बंटवारा होने के बाद दोनों में संपत्ति का विवाद बना हुआ था। रविवार को हरपाल अपने घर की नींव भरवा रहा था। इस दौरान वीरपाल के घर की कच्ची दीवार को नुकसान हो गया। वीरपाल ने विरोध किया, तो हरपाल ने अपने पुत्रों यादराम, ब्रजबिहारी और राजू के साथ मिलकर वीरपाल पर हमला बोल दिया। बीच बचाव कराने वीरपाल की पत्नी कल्लो, बेटा मदन लाल और बेटी राजवाला, मुन्नी आए। हरपाल पक्ष के लोगों ने इनको भी पीटा। सभी घायल हो गए।
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घायल वीरपाल, उसकी पत्नी कल्लो देवी, बेटी मुन्नी और राजवाला को जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान वीरपाल की मौत हो गई। मृतक के पुत्र मदनलाल ने हरपाल, यादराम, ब्रजबिहारी और राजू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया।
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चार बीघा जमीन बनी रिश्तों के कत्ल की वजह
बड़े भाई ने वीरपाल के नाम कर दी थी अपनी जमीन
इसके बाद से ही सुलगने लगी थी रंजिश की चिंगारी
चार बीघा जमीन ने दोनों भाइयों के बीच रंजिश के बीच वो दिए थे। इसी जमीन का बैनामा रिश्तों के कत्ल की वजह बना। भाई ने संपत्ति विवाद में भाई की हत्या कर दी तो पूरा गांव भी सन्न है। गांव की ज्यादातर आबादी यादव बिरादरी की है। घटना के बाद मृतक के घर में चित्कारें और आरोपी के घर में सन्नाटा है।
वीरपाल चार भाई हैं। रामेश्वर, रामस्वरूप, वीरपाल और हरपाल। इनमें मझले भाई रामस्वरूप की कोई संतान नहीं है। रामस्वरूप ने अपनी चार बीघा जमीन वीरपाल के नाम कर दी थी। सबसे छोटा भाई हरपाल की भी इस जमीन पर नजर थी। यह जमीन उसके हाथ से निकल गई। इससे वह नाखुश था। बाद में रामस्वरूप ने पुस्तैनी घर का अपना हिस्सा भी वीरपाल को दे दिया। इससे रिश्तों में रार और बढ़ गई।
हरपाल ने हाल ही में अपने घर का निर्माण शुरू कराया था। रविवार को हरपाल अपने मकान की नींव भरवा रहा था। इससे वीरपाल के कच्ची दीवार को नुकसान पहुंचा। वीरपाल ने विरोध किया तो हरपाल की गुस्सा उफान पर आ गया। उसने अपने तीन पुत्रों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। वीरपाल की पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा बीच बचाव को आए तो उनको भी मारपीट कर घायल कर दिया।
पहले भी हो चुकी दोनों पक्षों में मारपीट
बदायूं। दोनों पक्षों के बीच मारपीट पहले भी हो चुकी है। शिकायत थाने भी पहुंची थी। चारो भाइयों के बीच बंटवारा तो पहले ही हो चुका था। बंटवारे के बाद से ही रंजिश चल रही थी। किसी ने यह नहीं सोचा था कि संपत्ति विवाद में फौजदारी इस हद तक बढ़ेगी कि भाई के खून से भाई के हाथ ही लाल हो जाएंगे।
वर्जन-
तहरीर के आधार पर मामले में चार लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पड़ताल में पता चला है कि संपत्ति विवाद का मामला है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-मुन्ना लाल, एसपी देहातफोटो-18