फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Badaun: Life imprisonment to three people including the woman who killed her husband with her lover, the case of Kadar Chowk police station area

बदायूं: पति की हत्या कराने वाली महिला और उसके प्रेमी समेत तीन लोगों को उम्रकैद, कादरचौक थाना क्षेत्र का मामला

Fri, 10 Dec 2021 09:17 PM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 10 Dec 2021 09:17 PM IST
सार

कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव लभारी निवासी अनिल कुमार ने 23 नवंबर 2011 को कुंवरगांव थाने आकर तहरीर दी थी। उसके मुताबिक 16 नवंबर 2011 को उसके पिता हरिशंकर कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव बल्लिया गए थे, लेकिन घर नहीं लौटे। इसके बाद अनिल ने एक दिसंबर 2011 को फिर एक तहरीर दी।

विज्ञापन
Badaun: Life imprisonment to three people including the woman who killed her husband with her lover, the case of Kadar Chowk police station area
कोर्ट का आदेश। - फोटो : amar ujala

विस्तार

कादरचौक थाना क्षेत्र में 10 साल पहले पति की हत्या कराने वाली महिला और उसके प्रेमी समेत तीन लोगों को फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसमें चौथे आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। कोर्ट ने सभी पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

विज्ञापन


कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव लभारी निवासी अनिल कुमार ने 23 नवंबर 2011 को कुंवरगांव थाने आकर तहरीर दी थी। उसके मुताबिक 16 नवंबर 2011 को उसके पिता हरिशंकर कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव बल्लिया गए थे, लेकिन घर नहीं लौटे। इसके बाद अनिल ने एक दिसंबर 2011 को फिर एक तहरीर दी, जिसमें उसने बताया कि पिता हरिशंकर घर से बल्लिया गांव धान लेने गए थे।
विज्ञापन


पीड़ित ने बताया कि उसे पता चला कि उसकी मां उर्मिला देवी के उसके ही घर में रहने वाले गांव हैबतपुर थाना बिल्सी निवासी रमेश से संबंध थे। पिता हरिशंकर ने आपत्ति भी की थी। पिता और रमेश में काफी नोकझोंक भी हुई। आरोप लगाया कि उसकी मां उर्मिला देवी और रमेश ने मिलकर उसके पिता हरिशंकर की गड़ासे से काटकर हत्या कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

मृतक के हाथ का पंजा मिला था

पुत्र का कहना था कि थाना कुंवरगांव के चौकीदार ने 25 नवंबर 2011 को मामला दर्ज कराया कि बल्लिया गांव के खेत में एक व्यक्ति का कटे हुए हाथ का पंजा मिला। उसे जानवर खींच कर ले जा रहे थे। शव के कटे हुए हाथ का पंजा सुरक्षित रखा गया था। जब पुलिस ने उसे हाथ का पंजा दिखाया तो उसने कलाई में बंधे कलावे और नाखून देखकर उसकी अपने पिता के हाथ के रूप में पहचान की।


सुनवाई के दौरान चौथे आरोपी की मौत हुई

उसके बाद अनिल ने रमेश, मां उर्मिला, दुलार और नरोत्तम पुत्र दुलार निवासी बल्लिया थाना कुंवरगांव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद रमेश, उर्मिला, नरोत्तम और दुलार के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दुलार की मृत्यु हो गई।

फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद रमेश, उर्मिला देवी और नरोत्तम को हरिशंकर की हत्या में मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने तीनों मुजरिमों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed