{"_id":"86de06ffbc18f9c3ea3489681ee03fdc","slug":"badaun-gang-rape-case-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़ित परिवार ने सीबीआई पर साधा निशाना ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पीड़ित परिवार ने सीबीआई पर साधा निशाना
बदायूं।
Updated Thu, 11 Dec 2014 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट में कहा है कि लड़कियों ने आत्महत्या की थी। इसके बाद लड़कियों के परिवार वालों ने सीबीआई पर निशाना साधा है। लड़कियों के भाई और छोटी लड़की के पिता ने कहा कि सीबीआई दूध की धुली नहीं है। अगर ऐसा होता तो सीबीआई के निवर्तमान निदेशक रंजीत सिन्हा पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगते। कहा कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे।
लड़कियों के भाई ने सीबीआई से 12 सवालों का जवाब मांगा है। कहा, सीबीआई ने बिना दोबारा पोस्टमार्टम कराए कैसे तय कर लिया कि लड़कियों के साथ बलात्कार नहीं हुआ और उन्होंने आत्महत्या की? पॉलीग्राफी और डीएनए टेस्ट पर सवाल उठाते हुए कहा, लड़कियों के जो कपड़े डीएनए टेस्ट के लिए भेजे गए थे, वे किसी और के भी तो हो सकते हैं। इसके साथ ही परिवार वालों ने पॉलीग्राफी टेस्ट में पूछे गए सवालों पर कहा कि उनका इस केस से कोई सरोकार नहीं था।
लड़कियों के पिता और भाई ने कहा कि वह सीबीआई की इस रिपोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। दोनों लड़कियां एक साथ आत्महत्या कर ही नहीं सकतीं।
बयान बदलने के लिए सीबीआई ने टार्चर किया
कटरा सआदतगंज कांड के मुख्य गवाह बाबूराम उर्फ नजरू ने आरोप लगाया है कि पूछताछ के दौरान सीबीआई ने उसको कई बार टार्चर किया। उस पर बयान बदलने के लिए लगातार दवाब बनाया गया लेकिन वह अब भी अपने बयान पर कायम है। उसने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक वह वही बोलेगा, जो उसने शुरू से कहा है।
विज्ञापन
मामले में बाबूराम उर्फ नजरू और रामबाबू गवाह हैं। मुख्य गवाह बाबूराम उर्फ नजरू है। बाबूराम ने सीबीआई की आत्महत्या वाली थ्योरी को खारिज कर दिया। बोला, जब सीबीआई ने उसको और पप्पू को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की थी तो पप्पू ने माना था कि उस रात उसने बड़ी लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।
सुप्रीमकोर्ट तक लड़ेंगे लड़ाई: सिनोद
बसपा विधायक सिनोद शाक्य भी सीबीआई की जांच के निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं। बोले, हम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे और शामिल लोगों को सजा दिलाकर ही मानेंगे।
विधायक ने कहा कि सीबीआई ने यह कदम किसी दबाव में उठाया है। इससे सीबीआई की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं। लड़कियों के आत्महत्या करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। सीबीआई की जांच रिपोर्ट पूरी तरह गलत और सत्य से परे है।
भरोसा न टूटने दे सीबीआई: तिवारी
कटरा सआदतगंज के प्रधान कमलकांत तिवारी ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मामला कोर्ट में है। अब यह देखना है कि कोर्ट सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को मानता है या नहीं। कहा, सीबीआई के लिए जरूरी है कि वह पीड़ित परिवार का भरोसा न टूटने दे।
विज्ञापन
लड़कियों के भाई ने सीबीआई से 12 सवालों का जवाब मांगा है। कहा, सीबीआई ने बिना दोबारा पोस्टमार्टम कराए कैसे तय कर लिया कि लड़कियों के साथ बलात्कार नहीं हुआ और उन्होंने आत्महत्या की? पॉलीग्राफी और डीएनए टेस्ट पर सवाल उठाते हुए कहा, लड़कियों के जो कपड़े डीएनए टेस्ट के लिए भेजे गए थे, वे किसी और के भी तो हो सकते हैं। इसके साथ ही परिवार वालों ने पॉलीग्राफी टेस्ट में पूछे गए सवालों पर कहा कि उनका इस केस से कोई सरोकार नहीं था।
विज्ञापन
लड़कियों के पिता और भाई ने कहा कि वह सीबीआई की इस रिपोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। दोनों लड़कियां एक साथ आत्महत्या कर ही नहीं सकतीं।
बयान बदलने के लिए सीबीआई ने टार्चर किया
कटरा सआदतगंज कांड के मुख्य गवाह बाबूराम उर्फ नजरू ने आरोप लगाया है कि पूछताछ के दौरान सीबीआई ने उसको कई बार टार्चर किया। उस पर बयान बदलने के लिए लगातार दवाब बनाया गया लेकिन वह अब भी अपने बयान पर कायम है। उसने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक वह वही बोलेगा, जो उसने शुरू से कहा है।
विज्ञापन
मामले में बाबूराम उर्फ नजरू और रामबाबू गवाह हैं। मुख्य गवाह बाबूराम उर्फ नजरू है। बाबूराम ने सीबीआई की आत्महत्या वाली थ्योरी को खारिज कर दिया। बोला, जब सीबीआई ने उसको और पप्पू को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की थी तो पप्पू ने माना था कि उस रात उसने बड़ी लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।
सुप्रीमकोर्ट तक लड़ेंगे लड़ाई: सिनोद
बसपा विधायक सिनोद शाक्य भी सीबीआई की जांच के निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं। बोले, हम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे और शामिल लोगों को सजा दिलाकर ही मानेंगे।
विधायक ने कहा कि सीबीआई ने यह कदम किसी दबाव में उठाया है। इससे सीबीआई की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं। लड़कियों के आत्महत्या करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। सीबीआई की जांच रिपोर्ट पूरी तरह गलत और सत्य से परे है।
भरोसा न टूटने दे सीबीआई: तिवारी
कटरा सआदतगंज के प्रधान कमलकांत तिवारी ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मामला कोर्ट में है। अब यह देखना है कि कोर्ट सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को मानता है या नहीं। कहा, सीबीआई के लिए जरूरी है कि वह पीड़ित परिवार का भरोसा न टूटने दे।