फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   attack

सुनियोजित हो सकता है एसिड अटैक

Wed, 15 Jul 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं Updated Wed, 15 Jul 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
समूचे घटनाक्रम में सूत्रों की मानें तो पुलिस की जांच में यह बात साफ हो चुकी है कि रजनेश ने प्रेमिका छात्रा को ठिकाने लगाने का मन बना लिया था। घर में तेजाब और सल्फास की उपलब्धता साजिश की ओर संकेत कर रही हैं। पर कुछ सवाल उलझे हैं। जैसे, जिस वक्त छात्रा रजनेश के घर पहुंची तब रजनेश के परिवार के कुछेक सदस्य भी मौजूद थे। यह बात भी घरवालों के जरिए पुलिस तक पहुंची। अब सवाल यह उठता है कि छात्रा पर जिस वक्त तेजाब फेंका गया, तब क्या घरवाले मौके पर मौजूद नहीं थे। अगर नहीं, तो उन्हें कैसे पता लगा कि रजनेश सल्फास खाकर भाग गया है। घर में पड़ी खाली डिब्बी को देखकर तो कोई भी नहीं कह सकता कि गोली रजनेश ने ही खाई होंगी। दूसरा, यह कि रजनेश का शव जिस खेत के बीचों बीच फसल में पड़ा मिला, उसकी हालात देख सहज नहीं कह जा सकता कि उसने खेत में दम तोड़ा होगा। खासकर सल्फास के मामले में घटनास्थल बेतरतीब नजर आता है। इधर सूत्रों का कहना है कि घटना वाले शाम को ही मामला डीजीपी जगमोहन यादव के संज्ञान में पहुंच गया था। उन्होंने अधीनस्थों के जरिए घटनाक्रम की डिटेल का भी पता लगा ली थी। बता दें कि एसिड अटैक के मामलों में शासन और प्रशासन ही नहीं, बल्कि कोर्ट भी पहले से ही गंभीर रहा है।
विज्ञापन


अब इस मामले में कुछ और नहीं बचा है, जो तहकीकात में शामिल किया जाए। पीड़ित सब कुछ बयां कर चुकी है। मृतक के घरवाले भी हकीकत जानते हैं। रही बात आसाराम की तो उसका पूरे मामले से कोई लेनादेना नहीं है। अब वह पुलिस की हिरासत में नहीं है।
विज्ञापन

- देवराज राठी, कोतवाल।

पीड़ित छात्रा की हालत में सुधार
एसिड अटैक पीड़िता की हालत में बुधवार तीसरे दिन सुधार नजर आने लगा है। उसने घरवालों से भी बात की। कुछेक रिश्तेदार भी उसकी कुशलक्षेम पूछने अस्पताल पहुंचे, लेकिन छात्रा ने उन्हें घटनाक्रम के बारे में कुछ खास नहीं बताया। सच क्या है? यह छात्रा के जरिए तो पता लग चुका है, लेकिन अभी आसाराम से भी कुछ जानने की उनकी मंशा है। घटना वाले दिन पीड़िता जिला अस्पताल में अपना बयान भी दर्ज करा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed