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सड़क हादसे में दो की मौत, थाने से उठा ले गए शव
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दातागंज/मूसाझाग (बदायूं)। दातागंज-बदायूं मार्ग पर रविवार सुबह सवारियां भर रहे टेंपो में सामने से आ रही पिकअप ने टक्कर मार दी, जिससे एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पुलिस शव को थाने ले गई, इससे गुस्साए लोगों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया और पुलिस से शव छीनकर ले गए। इस दौरान ग्रामीणों ने दो पुलिस कर्मियों को टेंपो से टक्कर मारने की कोशिश की। बाद में शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटे बाद जाम खुला, तब कहीं शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
हादसा रविवार सुबह करीब सात बजे हुआ। उस वक्त मूसाझाग इलाके में ग्राम भैंरो नगला के नजदीक टेंपो का चालक शहर आने के लिए सवारियां बैठा रहा था। तभी बदायूं की ओर से आई पिकअप ने टेंपो को टक्कर मार दी। इसके बाद पिकअप सड़क किनारे पलट गई। हादसे में टेंपो सवार राकेश (22) पुत्र सियाराम निवासी ग्राम जगुआसेई थाना मूसाझाग की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया और राकेश का शव उठाकर थाने ले गई। परिवार वाले और ग्रामीण घटनास्थल पर लाश न देखकर बौखला गए। फिर सभी लोग एकत्र होकर थाने पहुंचे और खूब हंगामा किया। जबरिया शव को टेंपो में रखकर घटनास्थल ले जाने लगे। दो सिपाहियों ने रोकने का प्रयास किया, तो उन्हें टेंपो से टक्कर मारने की कोशिश की गई। सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। पिकअप में लोहे के पाइपों की चारपाई लदी थीं। भीड़ ने चारपाई सड़क पर फैला दीं। इसकी सूचना पर मूसाझाग पुलिस, सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी, एसडीएम दातागंज और इंस्पेक्टर दातागंज पहुंच गए। करीब ढाई घंटे तक जाम लगा रहा, तब कहीं पुलिस भीड़ को समझाने में कामयाब हो सकी।
इधर, जिला अस्पताल भेजे गए घायलों में आंवला (बरेली) क्षेत्र के ग्राम ढिलवारी निवासी कुंदन (55) पुत्र मिढ़ईलाल ने भी दम तोड़ दिया। इस हादसे में ग्राम जगुआसेई निवासी राजाराम (40) पुत्र रघुवर, लालाराम (38) पुत्र महेंद्र, एहवरन (45) पुत्र ढाकन सिंह और बन्ने (40) घायल हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
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घटनास्थल से लाश उठा ले जाने पर भड़की भीड़
बदायूं। दातागंज-बदायूं मार्ग पर हादसे के बाद उग्र हुए ग्रामीणों ने पिकअप में लदी चारपाइयों के पाइप निकालकर ढाल बना लिया था। इससे पुलिस की आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। इस दौरान गांव वाले मारपीट तक पर उतारू थे। उन्होंने चारपाइयों को रोड पर डालकर जाम लगा दिया था।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के ग्राम जगुआसेई निवासी ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने युवक राकेश के परिवार वालों को मौके पर पहुंचने नहीं दिया था, तब तक शव को उठाकर थाने ले गए। ग्रामीणों की मानें तो हादसे के बाद मौके पर दो चार ही लोग पहुंचे थे। तब तक राकेश की मौत हो चुकी थी। बाकी अन्य लोग घायल थे। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेजकर सही किया लेकिन युवक की मौत होने के बावजूद परिवार वालों का इंतजार नहीं किया। कुछ लोगों ने पुलिस द्वारा लाश ले जाने को रोका भी था और कहा था कि कम से कम परिवार वाले आ जाएं, तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजें। पुलिस मौके पर कोई बवाल नहीं चाहती थी लेकिन बाद में वही हुआ जिसका पुलिस को डर था। गांव वाले भड़क गए, उन्हें संभालना तक पुलिस के लिए मुश्किल हो गया। करीब ढाई घंटे तक बदायूं-दातागंज रोड पर जाम लगा रहा।
मजदूरी करने शहर आ रहा था राकेश
-जगुआसेई गांव के अधिकतर लोग रोज सुबह बदायूं मजदूरी करने आते हैं। रोज की तरह रविवार सुबह राकेश गांव के अन्य लोगों के साथ मजदूरी करने आ रहा था। वह खेतों से होते हुए दातागंज-बदायूं मार्ग पर भैंरो नगला के पास पहुंच गए थे। सभी लोग बदायूं आ रहे टेंपो में बैठ गए थे कि तभी पिकअप ने टक्कर मार दी। राकेश पांच भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके एक बेटा और एक बेटी है। पत्नी सुशीला गर्भवती है। हादसे के बाद से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
टेंपो में मौत कर रही थी कुंदन का इंतजार
-बरेली जिले में आंवला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ढिलवारी निवासी कुंदन (55) पुत्र मिढ़ईलाल 13 मई को अपनी बेटी नन्ही के जेठ की लड़की की शादी में मुड़सेना आए थे। दूसरे दिन वह अपनी दूसरी बेटी गीता के यहां डहरपुर चले गए। गीता की कुछ तबीयत खराब थी, जिससे वह डहरपुर में ही रुके थे। रविवार सुबह वह अपने घर ढिलवारी लौट रहे थे। उन्हें क्या पता था कि वह जिस टेंपो में सवार हो रहे हैं, उसमें उनकी मौत भी बैठी है। कुंदन ने जिला अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था।
...तो और बड़ा होता हादसा
-जिस टेंपो को पिकअप ने टक्कर मारी थी, उसके पीछे एक दूसरा टेंपो खड़ा था। दूसरे टेंपो में करीब 14 लोग सवार थे। गनीमत रही कि पीछे खड़े टेंपो की दूरी अधिक थी। अगर नजदीक में होता तो शायद पिकअप उसे भी टक्कर मार देती।
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हादसा रविवार सुबह करीब सात बजे हुआ। उस वक्त मूसाझाग इलाके में ग्राम भैंरो नगला के नजदीक टेंपो का चालक शहर आने के लिए सवारियां बैठा रहा था। तभी बदायूं की ओर से आई पिकअप ने टेंपो को टक्कर मार दी। इसके बाद पिकअप सड़क किनारे पलट गई। हादसे में टेंपो सवार राकेश (22) पुत्र सियाराम निवासी ग्राम जगुआसेई थाना मूसाझाग की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया और राकेश का शव उठाकर थाने ले गई। परिवार वाले और ग्रामीण घटनास्थल पर लाश न देखकर बौखला गए। फिर सभी लोग एकत्र होकर थाने पहुंचे और खूब हंगामा किया। जबरिया शव को टेंपो में रखकर घटनास्थल ले जाने लगे। दो सिपाहियों ने रोकने का प्रयास किया, तो उन्हें टेंपो से टक्कर मारने की कोशिश की गई। सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। पिकअप में लोहे के पाइपों की चारपाई लदी थीं। भीड़ ने चारपाई सड़क पर फैला दीं। इसकी सूचना पर मूसाझाग पुलिस, सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी, एसडीएम दातागंज और इंस्पेक्टर दातागंज पहुंच गए। करीब ढाई घंटे तक जाम लगा रहा, तब कहीं पुलिस भीड़ को समझाने में कामयाब हो सकी।
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इधर, जिला अस्पताल भेजे गए घायलों में आंवला (बरेली) क्षेत्र के ग्राम ढिलवारी निवासी कुंदन (55) पुत्र मिढ़ईलाल ने भी दम तोड़ दिया। इस हादसे में ग्राम जगुआसेई निवासी राजाराम (40) पुत्र रघुवर, लालाराम (38) पुत्र महेंद्र, एहवरन (45) पुत्र ढाकन सिंह और बन्ने (40) घायल हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
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घटनास्थल से लाश उठा ले जाने पर भड़की भीड़
बदायूं। दातागंज-बदायूं मार्ग पर हादसे के बाद उग्र हुए ग्रामीणों ने पिकअप में लदी चारपाइयों के पाइप निकालकर ढाल बना लिया था। इससे पुलिस की आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। इस दौरान गांव वाले मारपीट तक पर उतारू थे। उन्होंने चारपाइयों को रोड पर डालकर जाम लगा दिया था।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के ग्राम जगुआसेई निवासी ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने युवक राकेश के परिवार वालों को मौके पर पहुंचने नहीं दिया था, तब तक शव को उठाकर थाने ले गए। ग्रामीणों की मानें तो हादसे के बाद मौके पर दो चार ही लोग पहुंचे थे। तब तक राकेश की मौत हो चुकी थी। बाकी अन्य लोग घायल थे। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेजकर सही किया लेकिन युवक की मौत होने के बावजूद परिवार वालों का इंतजार नहीं किया। कुछ लोगों ने पुलिस द्वारा लाश ले जाने को रोका भी था और कहा था कि कम से कम परिवार वाले आ जाएं, तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजें। पुलिस मौके पर कोई बवाल नहीं चाहती थी लेकिन बाद में वही हुआ जिसका पुलिस को डर था। गांव वाले भड़क गए, उन्हें संभालना तक पुलिस के लिए मुश्किल हो गया। करीब ढाई घंटे तक बदायूं-दातागंज रोड पर जाम लगा रहा।
मजदूरी करने शहर आ रहा था राकेश
-जगुआसेई गांव के अधिकतर लोग रोज सुबह बदायूं मजदूरी करने आते हैं। रोज की तरह रविवार सुबह राकेश गांव के अन्य लोगों के साथ मजदूरी करने आ रहा था। वह खेतों से होते हुए दातागंज-बदायूं मार्ग पर भैंरो नगला के पास पहुंच गए थे। सभी लोग बदायूं आ रहे टेंपो में बैठ गए थे कि तभी पिकअप ने टक्कर मार दी। राकेश पांच भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके एक बेटा और एक बेटी है। पत्नी सुशीला गर्भवती है। हादसे के बाद से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
टेंपो में मौत कर रही थी कुंदन का इंतजार
-बरेली जिले में आंवला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ढिलवारी निवासी कुंदन (55) पुत्र मिढ़ईलाल 13 मई को अपनी बेटी नन्ही के जेठ की लड़की की शादी में मुड़सेना आए थे। दूसरे दिन वह अपनी दूसरी बेटी गीता के यहां डहरपुर चले गए। गीता की कुछ तबीयत खराब थी, जिससे वह डहरपुर में ही रुके थे। रविवार सुबह वह अपने घर ढिलवारी लौट रहे थे। उन्हें क्या पता था कि वह जिस टेंपो में सवार हो रहे हैं, उसमें उनकी मौत भी बैठी है। कुंदन ने जिला अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था।
...तो और बड़ा होता हादसा
-जिस टेंपो को पिकअप ने टक्कर मारी थी, उसके पीछे एक दूसरा टेंपो खड़ा था। दूसरे टेंपो में करीब 14 लोग सवार थे। गनीमत रही कि पीछे खड़े टेंपो की दूरी अधिक थी। अगर नजदीक में होता तो शायद पिकअप उसे भी टक्कर मार देती।