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दो पत्नियों के फेर में पड़ा सिपाही बर्खास्त
Updated Wed, 21 Nov 2018 08:03 PM IST
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बदायूं। अलापुर थाने में तैनात रहे एक सिपाही को दूसरी शादी करने के चक्कर में अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। सिपाही एक साल पहले न्यायालय सुरक्षा के लिए रवाना हुआ था, तभी से लापता है। इस केस की छानबीन के दौरान पता चला कि सिपाही ने चुपके से दूसरी शादी कर ली थी। शिकायत पर जांच हुई और वह दोषी पाया गया। अब उसे बर्खास्त कर दिया गया है।
बर्खास्त सिपाही रामेश बाबू पुत्र रामगोपाल औरेया जिले के अछंदा थाना क्षेत्र के ग्राम माखनपुर निवासी है। वर्ष 1989 में रमेश बाबू पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक रमेश बाबू की एक शादी पहले हो चुकी थी। उसने दूसरी शादी नौकरी करने के दौरान कर ली, जिसके बारे में परिवार वालों को जानकारी नहीं थी। रमेश बाबू कुछ समय उझानी कोतवाली में तैनात रहा था। उसी समय पहली पत्नी ने शिकायत की थी कि उसका पति किसी महिला के चक्कर में है। उसे खाना खर्चा नहीं देता, जिससे उसके परिवार वालों को पैसे के लिए मोहताज होना पड़ रहा है। इस शिकायत पर पुलिस ने विभागीय जांच शुरू कर दी। उसके बाद सिपाही का उझानी से अलापुर थाने के लिए ट्रांसफर कर दिया गया। 20 अगस्त 2017 को सिपाही रमेश बाबू न्यायालय सुरक्षा में अलापुर थाने से रवाना हुआ था। उसके बाद न तो न्यायालय ड्यूटी पर गया और न ही लौट कर थाने आया। कई दिन गायब रहने पर विभाग से उसे निलंबित कर दिया।
इधर, विभागीय जांच में सिपाही दोषी निकला। एक पत्नी के जीवित रहते वह दूसरी पत्नी नहीं रख सकता। इससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई और सिपाही की अनुशासनहीनता साफ नजर आई। नियमानुसार न्यायालय से विवाह विच्छेदन न करके दूसरी शादी करने पर उत्तर प्रदेश आचरण नियमावली के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करने पर एसएसपी अशोक कुमार ने सिपाही को बर्खास्त कर दिया।
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सिपाही की पत्नी ने शिकायत की थी कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है और वह घर नहीं आ रहा है और न ही कोई खर्चा दे रहा है, जिस पर विभागीय जांच कराई गई। इस जांच में सिपाही दोषी पाया गया। नियम तो यह है कि पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी नहीं कर सकते लेकिन सिपाही ने दूसरी शादी भी की और परिवार वालों को परेशान भी किया। इस कारण सिपाही को बर्खास्त किया गया है।
-अशोक कुमार, एसएसपी
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बर्खास्त सिपाही रामेश बाबू पुत्र रामगोपाल औरेया जिले के अछंदा थाना क्षेत्र के ग्राम माखनपुर निवासी है। वर्ष 1989 में रमेश बाबू पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक रमेश बाबू की एक शादी पहले हो चुकी थी। उसने दूसरी शादी नौकरी करने के दौरान कर ली, जिसके बारे में परिवार वालों को जानकारी नहीं थी। रमेश बाबू कुछ समय उझानी कोतवाली में तैनात रहा था। उसी समय पहली पत्नी ने शिकायत की थी कि उसका पति किसी महिला के चक्कर में है। उसे खाना खर्चा नहीं देता, जिससे उसके परिवार वालों को पैसे के लिए मोहताज होना पड़ रहा है। इस शिकायत पर पुलिस ने विभागीय जांच शुरू कर दी। उसके बाद सिपाही का उझानी से अलापुर थाने के लिए ट्रांसफर कर दिया गया। 20 अगस्त 2017 को सिपाही रमेश बाबू न्यायालय सुरक्षा में अलापुर थाने से रवाना हुआ था। उसके बाद न तो न्यायालय ड्यूटी पर गया और न ही लौट कर थाने आया। कई दिन गायब रहने पर विभाग से उसे निलंबित कर दिया।
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इधर, विभागीय जांच में सिपाही दोषी निकला। एक पत्नी के जीवित रहते वह दूसरी पत्नी नहीं रख सकता। इससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई और सिपाही की अनुशासनहीनता साफ नजर आई। नियमानुसार न्यायालय से विवाह विच्छेदन न करके दूसरी शादी करने पर उत्तर प्रदेश आचरण नियमावली के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करने पर एसएसपी अशोक कुमार ने सिपाही को बर्खास्त कर दिया।
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सिपाही की पत्नी ने शिकायत की थी कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है और वह घर नहीं आ रहा है और न ही कोई खर्चा दे रहा है, जिस पर विभागीय जांच कराई गई। इस जांच में सिपाही दोषी पाया गया। नियम तो यह है कि पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी नहीं कर सकते लेकिन सिपाही ने दूसरी शादी भी की और परिवार वालों को परेशान भी किया। इस कारण सिपाही को बर्खास्त किया गया है।
-अशोक कुमार, एसएसपी