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पैमाइश कर राजस्व कर्मियों ने खेत कब्जामुक्त कराया
Updated Tue, 20 Jun 2017 05:59 PM IST
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उझानी (बदायूं)।
एक धर्मस्थल के पास खेत को राजस्व और पुलिस कर्मियों ने कब्जा मुक्त करा दिया। एसडीएम सदर के आदेश पर राजस्व कर्मियों की टीम ने एक दिन पहले ही पैमाइश की औपचाकिता पूरी कर दोनों पक्ष के लोगों की मौजूदगी में पड़ोस के प्लाटों को चिह्नित कर लिया था। खेत मालिक मोहल्ला अहीरटोला निवासी वीरेंद्र के परिवार वाले मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचे। झगड़े की आशंका के मद्देनजर उन्होंने पुलिस कर्मियों को भी बुला लिया। पुलिस की मौजूदगी में उन्होंने खेत के उस हिस्से में निर्माण शुरू करा दिया, जिसे धर्मस्थल तक जाने के लिए रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा था। उसे भी बंद कर दिया गया। खेत मालिक ने तीन दिन पहले एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य के सामने खेत से जुड़े अभिलेख पेश किए थे। एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने दूसरे पक्ष को तलब कर धर्मस्थल के रास्ते और खेत पर झोपड़ी डालकर रहने लगे एक परिवार के सदस्यों से भूमि के कागजात दिखाने को कहा लेकिन उन्होंने स्वामित्व का दावा नहीं किया। बाद में राजस्व कर्मियों ने पैमाइश की तो खेत पर कब्जे के साथ रास्ता अवैध पाया। खेत को कब्जामुक्त कराए जाते वक्त इलाके के लोगों के साथ भाजपा नेता अमित प्रताप सिंह, राममोहन शर्मा, गोपाल शर्मा, अनिल सोलंकी और विनोदपाल सिंह भी मौजूद रहे।
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एक धर्मस्थल के पास खेत को राजस्व और पुलिस कर्मियों ने कब्जा मुक्त करा दिया। एसडीएम सदर के आदेश पर राजस्व कर्मियों की टीम ने एक दिन पहले ही पैमाइश की औपचाकिता पूरी कर दोनों पक्ष के लोगों की मौजूदगी में पड़ोस के प्लाटों को चिह्नित कर लिया था। खेत मालिक मोहल्ला अहीरटोला निवासी वीरेंद्र के परिवार वाले मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचे। झगड़े की आशंका के मद्देनजर उन्होंने पुलिस कर्मियों को भी बुला लिया। पुलिस की मौजूदगी में उन्होंने खेत के उस हिस्से में निर्माण शुरू करा दिया, जिसे धर्मस्थल तक जाने के लिए रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा था। उसे भी बंद कर दिया गया। खेत मालिक ने तीन दिन पहले एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य के सामने खेत से जुड़े अभिलेख पेश किए थे। एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने दूसरे पक्ष को तलब कर धर्मस्थल के रास्ते और खेत पर झोपड़ी डालकर रहने लगे एक परिवार के सदस्यों से भूमि के कागजात दिखाने को कहा लेकिन उन्होंने स्वामित्व का दावा नहीं किया। बाद में राजस्व कर्मियों ने पैमाइश की तो खेत पर कब्जे के साथ रास्ता अवैध पाया। खेत को कब्जामुक्त कराए जाते वक्त इलाके के लोगों के साथ भाजपा नेता अमित प्रताप सिंह, राममोहन शर्मा, गोपाल शर्मा, अनिल सोलंकी और विनोदपाल सिंह भी मौजूद रहे।