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झोलाछाप ने किया फोड़े का ऑपरेशन, बालक की मौत
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बिनावर (बदायूं)। कस्बे में जाल बिछाये बैठे झोलाछाप की लापरवाही से एक बालक काल का शिकार हो गया। बालक के कूल्हे में फोड़ा था। परिवार वाले कई दिन से उसका इलाज करा रहे थे। मंगलवार दोपहर झोलाछाप ने बगैर सोचे समझे फोड़े का ऑपरेशन कर दिया, जिससे बालक की बरेली ले जाते समय मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम यूसुफनगर निवासी निवासी जयपाल के बेटे पिंकू (12) के कूल्हे पर फोड़ा निकल आया था। इससे पिंकू को चलने-फिरने तक में परेशानी हो रही थी। करीब तीन दिन से परिवार वाले कस्बे के एक झोलाछाप से मरहम पट्टी करा रहे थे, लेकिन फोड़ा ठीक नहीं हो रहा था। मंगलवार दोपहर जयपाल और उसकी पत्नी राजकुमारी पिंकू को लेकर उसी झोलाछाप के यहां पहुंचे। जयपाल का आरोप है कि झोलाछाप ने बगैर सोचे समझे और बगैर कोई चेकअप के कूल्हे पर फोड़े का ऑपरेशन कर दिया। इससे पिंकू की हालत बिगड़ गई।
बेटे की तबीयत खराब होते देखकर दंपती के होश उड़ गए। कोई मामला बिगड़ता या शोर शराबा होता उससे पहले झोलाछाप ने प्राइवेट गाड़ी से दंपती और उनके बेटे को बरेली भेज दिया, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई। उसके बाद दंपती पिंकू के शव को वापस ले गए। उन्होंने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। झोलाछाप अपना क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पिंकू जयपाल का इकलौता बेटा था। वह दरावनगर के प्राइवेट स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। जयपाल के चार बेटियां हैं। इससे परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम यूसुफनगर निवासी निवासी जयपाल के बेटे पिंकू (12) के कूल्हे पर फोड़ा निकल आया था। इससे पिंकू को चलने-फिरने तक में परेशानी हो रही थी। करीब तीन दिन से परिवार वाले कस्बे के एक झोलाछाप से मरहम पट्टी करा रहे थे, लेकिन फोड़ा ठीक नहीं हो रहा था। मंगलवार दोपहर जयपाल और उसकी पत्नी राजकुमारी पिंकू को लेकर उसी झोलाछाप के यहां पहुंचे। जयपाल का आरोप है कि झोलाछाप ने बगैर सोचे समझे और बगैर कोई चेकअप के कूल्हे पर फोड़े का ऑपरेशन कर दिया। इससे पिंकू की हालत बिगड़ गई।
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बेटे की तबीयत खराब होते देखकर दंपती के होश उड़ गए। कोई मामला बिगड़ता या शोर शराबा होता उससे पहले झोलाछाप ने प्राइवेट गाड़ी से दंपती और उनके बेटे को बरेली भेज दिया, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई। उसके बाद दंपती पिंकू के शव को वापस ले गए। उन्होंने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। झोलाछाप अपना क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पिंकू जयपाल का इकलौता बेटा था। वह दरावनगर के प्राइवेट स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। जयपाल के चार बेटियां हैं। इससे परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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