फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   धधक रहीं हैं अवैध शराब की भट्ठियां

धधक रहीं हैं अवैध शराब की भट्ठियां

Sun, 10 Feb 2019 07:46 PM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sun, 10 Feb 2019 07:46 PM IST
विज्ञापन
धधक रहीं हैं अवैध शराब की भट्ठियां
बदायूं। जिले के कई इलाके भी अवैध शराब के लिए बदनाम हैं, जहां न केवल इस प्रकार की शराब बनाई जाती है बल्कि रोजाना इन इलाकों से हजारों लीटर शराब दूसरी जगहों पर सप्लाई भी होती है। होली आने से पूर्व तो इलाकों में हजारों भट्ठियां धधकने लगती हैं। ड्रमों में लहन घोलकर बड़े स्तर पर शराब बनाई जाती है। पुलिस द्वारा रोजाना एक न एक व्यक्ति पकड़ा जाता है, इसके बावजूद शराब का यह धंधा बंद नहीं हो रहा। शहर के नजदीक भी यह धंधा कई स्थानों पर चल रहा है।
विज्ञापन

शहर के नजदीक मीरा सराय ऐसा इलाका है, जहां घरों तक में कच्ची शराब बनाई जाती है। इस धंधे में लिप्त महिलाएं चूल्हे पर लहन चढ़ा देती हैं और शराब बनाकर आराम से धंधा चलाती हैं। इसी तरह सिविल लाइंस क्षेत्र के ग्राम भगवतीपुर का मझरा मढैईयां अवैध शराब के लिए बदनाम है। इस चक्कर में दो बार आगजनी तक हो चुकी है। फिर भी इस गांव में शराब का धंधा बंद नहीं हुआ है। आज भी यहां से हजारों रुपये की शराब रोजाना सप्लाई हो रही है। नजदीक के ग्राम बहेड़ी में भी कई घरों में यह धंधा हो रहा है। कुछ लोगों की मौत भी हो चुुकी है। लगभग छह महीने पहले बहेड़ी मोड़ पर मंदिर पर रहने वाले एक व्यक्ति की भी इसी कारण मौत हो गई थी। मौत के बाद उसकी जेब से अवैध शराब के कई पाउच बरामद हुए थे।
विज्ञापन

इस्लामनगर। थाना क्षेत्र में कुछ इलाके ऐसे हैं, जो हरियाणा की शराब के लिए बदनाम हैं। दिल्ली आने-जाने वाले वाहन इधर से होकर गुजरते हैं। इससे हरियाणा के अलावा राजस्थान तक की शराब आसानी से सप्लाई हो जाती है। कई इलाके में यह शराब पकड़ी भी जा चुकी है। कई जगह अवैध शराब का धंधा भी जोरों पर चल रहा है। पिछले वर्ष रुदायन चौकी क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। फिर भी इस धंधे पर लगाम नहीं लग सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वजीरगंज। थाना क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब का धंधा चल रहा है। क्षेत्र के झारपुर, सोई, नगला आदि में बड़े पैमाने पर शराब बनाई जाती है। धंधेबाज मार्केट से शीरा या घटिया गुड़ खरीद लेते हैं। उसके बाद चोरी छिपे भट्ठियों पर चाशनी चढ़ा देते हैं। कई इलाकों में जंगल और खेत में ये काम हो रहे हैं। शराब बनाकर पन्नियों में पैक कर दी जाती है। एक पन्नी पचास रुपये से लेकर साठ रुपये तक में बिकती है।

कादरचौक। थाना क्षेत्र के ग्राम सदाठेर, सरकी, सकरी कासिमपुर, लखूपुरा, कुढ़ा शाहपुर, भोजपुर धनूपुरा, ककोड़ा समेत कई गांव में अवैध शराब का धंधा कुटीर उद्योग की तरह चल रहा है। जहां अवैध रूप से भट्ठियां धधक रही हैं। इनमें कई गांव सिर्फ कच्ची शराब के लिए बदनाम है। ऐसी शराब पीने से एक साल पहले तीन लोगों की मौत भी हो गई थी। शनिवार को पुलिस और आबकारी विभाग ने सदाठेर में पांच हजार लीटर लहन नष्ट कराया। 40 लीटर शराब के साथ गोविंद नाम का व्यक्ति पकड़ा भी गया। लगभग रोजाना ही यहां से कोई न कोई व्यक्ति यहां अवैध शराब के साथ पकड़ा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed