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कादरचौक थाने पहुंचे एसपी सिटी, महिला सिपाहियों के बयान दर्ज
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बदायूं/कादरचौक। तीन महिला सिपाहियों द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाने के मामले में एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को थाने पहुंचे एसपी सिटी और सीओ उझानी ने तीनों महिला सिपाहियों और एसओ समेत पूरे स्टाफ के एक-एक कर बयान दर्ज किए। देर शाम तक चली छानबीन में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। माना जा रहा है कि महिला सिपाहियों पर गाज गिर सकती है।
मामला चार दिन से काफी चर्चाओं में है। कादरचौक थाने में तैनात महिला कांस्टेबल सरिता यादव, पूजा और पूनम ने 22 मई को एसएसपी कार्यालय आकर एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी से शिकायत की थी कि थाने में उनका उत्पीड़न हो रहा है। उनके हाजिर होने के बावजूद गैरहाजिरी लगा दी जाती है। इसके अलावा महिला सिपाहियों ने कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर एसएसपी ने कहा था कि वह मतगणना के बाद स्वयं इस मामले को देखेंगे लेकिन तब तक तीनों महिला सिपाहियों ने अपने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। फेसबुक, व्हाट्सएप पर भी वीडियो और शिकायती पत्र पोस्ट किए गए। इससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को एसएसपी के आदेश पर एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी कादरचौक थाने पहुंचे और एक-एक कर बंद कमरे में महिला सिपाहियों के अलग-अलग बयान लिए। एसओ हरिभान सिंह राठौड़ से भी जानकारी जुटाई। थाने के पूरे स्टाफ दरोगा, सिपाही यहां तक की पहरा देने वाले गार्ड से तक पूछताछ की गई। पूछताछ देर शाम तक चलती रही, लेकिन तब तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। फिलहाल अधिकारियों द्वारा इस मामले को लेकर महिला सिपाहियों की गलती मानी जा रही है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। इससे उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। एक सिपाही भी लपेटे में आ सकता है।
महिला सिपाही के चक्कर में एक युवक कर चुका है आत्महत्या
सीतापुर जिले का रहने वाला था युवक
बदायूं। कादरचौक थाने में तैनात एक महिला सिपाही के चक्कर में सीतापुर जिले का एक युवक अपनी जान दे चुका है। चर्चा है कि कुछ दिनों पूर्व युवक बदायूं से लौटकर घर पहुंचा था। उसके बाद उसने नहर में छलांग लगा दी। तीसरे दिन उसकी नहर में सड़ीगली लाश मिली थी।
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सीतापुर जिले में विशवा थाना क्षेत्र के ग्राम बुडनापुर निवासी एक युवक का एक साल से कादरचौक थाने में तैनात एक महिला सिपाही से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के परिवार वाले शादी को तैयार थे। महिला सिपाही भी सीतापुर की रहने वाली है। युवक कभी-कभी कादरचौक थाने महिला सिपाही से मिलने आता था। एक सप्ताह पूर्व महिला सिपाही दो दिन के लिए अपने घर गई थी। तभी दोनों के बीच कोई बात हुई थी। महिला सिपाही तो थाने आ गई लेकिन दूसरे दिन युवक अपने गांव से कुछ दूर स्थित नहर में कूद गया। तीसरे दिन उसकी नहर में सड़ीगली लाश मिली। परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया था। उन्होंने बगैर कोई कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसी वजह से महिला सिपाही काफी तनाव में थी। यहीं से थाने में विवाद शुरू हुआ था और तीनों महिला सिपाहियों ने इसी मामले की शिकायत की थी। इस बात की भी थाने में काफी चर्चा है।
मैं बेकसूर, सजा मिलेगी तो मंजूर
-कादरचौक थाने के एसओ हरिभान सिंह राठौड़ ने बताया कि महिला सिपाहियों की वजह से थाने की शांतिभंग हो गई है। इन्हीं महिला सिपाहियों ने एक सिपाही को दो दिन पहले थप्पड़ मारा था। सीसीटीवी फुटेज में इसके सबूत हैं। मुंशी की गलती इतनी थी कि उसने पुलिस न होने की वजह से महिला सिपाहियों की पहरे पर ड्यूटी लगा दी थी। इससे महिला सिपाहियों ने न तो ड्यूटी की, बल्कि मुंशी को पीट दिया। उनकी पत्नी और बच्चे साथ रहते हैं। महिला सिपाहियों ने जो भी आरोप लगाए हैं, वह सिर्फ ड्यूटी से बचने के लिए लगाए हैं। अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। अगर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होती है तो उन्हें मंजूर होगी।
- तीनों महिला सिपाही 22 मई की शाम आवास पर आईं थीं। उन्होंने कहा था कि उनके साथ रहने वाली एक महिला सिपाही के कथित प्रेमी ने आत्महत्या कर ली है। इससे वह परेशान है और एसओ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। एसओ ने उसी दिन एक रिपोर्ट दी थी कि महिला सिपाही ड्यूटी नहीं करतीं। हीलाहवाली करती हैं और अनुशासनहीनता करती हैं। मैंने एसओ की रिपोर्ट और महिला सिपाहियों की शिकायत एसपी सिटी को देकर जांच सौंपी। कहा था कि मतगणना के बाद वह स्वयं इस मामले को देखेंगे लेकिन तब तक महिला सिपाहियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिए। महिला सिपाहियों के खिलाफ एक और शिकायत आई है। महिला सिपाही उस युवक के आत्महत्या करने से डर गईं थीं। इसलिए उन्होंने ऐसा किया। इस मामले की जांच कराई जा रही है। जो जांच रिपोर्ट आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी
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मामला चार दिन से काफी चर्चाओं में है। कादरचौक थाने में तैनात महिला कांस्टेबल सरिता यादव, पूजा और पूनम ने 22 मई को एसएसपी कार्यालय आकर एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी से शिकायत की थी कि थाने में उनका उत्पीड़न हो रहा है। उनके हाजिर होने के बावजूद गैरहाजिरी लगा दी जाती है। इसके अलावा महिला सिपाहियों ने कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर एसएसपी ने कहा था कि वह मतगणना के बाद स्वयं इस मामले को देखेंगे लेकिन तब तक तीनों महिला सिपाहियों ने अपने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। फेसबुक, व्हाट्सएप पर भी वीडियो और शिकायती पत्र पोस्ट किए गए। इससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को एसएसपी के आदेश पर एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी कादरचौक थाने पहुंचे और एक-एक कर बंद कमरे में महिला सिपाहियों के अलग-अलग बयान लिए। एसओ हरिभान सिंह राठौड़ से भी जानकारी जुटाई। थाने के पूरे स्टाफ दरोगा, सिपाही यहां तक की पहरा देने वाले गार्ड से तक पूछताछ की गई। पूछताछ देर शाम तक चलती रही, लेकिन तब तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। फिलहाल अधिकारियों द्वारा इस मामले को लेकर महिला सिपाहियों की गलती मानी जा रही है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। इससे उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। एक सिपाही भी लपेटे में आ सकता है।
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महिला सिपाही के चक्कर में एक युवक कर चुका है आत्महत्या
सीतापुर जिले का रहने वाला था युवक
बदायूं। कादरचौक थाने में तैनात एक महिला सिपाही के चक्कर में सीतापुर जिले का एक युवक अपनी जान दे चुका है। चर्चा है कि कुछ दिनों पूर्व युवक बदायूं से लौटकर घर पहुंचा था। उसके बाद उसने नहर में छलांग लगा दी। तीसरे दिन उसकी नहर में सड़ीगली लाश मिली थी।
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सीतापुर जिले में विशवा थाना क्षेत्र के ग्राम बुडनापुर निवासी एक युवक का एक साल से कादरचौक थाने में तैनात एक महिला सिपाही से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के परिवार वाले शादी को तैयार थे। महिला सिपाही भी सीतापुर की रहने वाली है। युवक कभी-कभी कादरचौक थाने महिला सिपाही से मिलने आता था। एक सप्ताह पूर्व महिला सिपाही दो दिन के लिए अपने घर गई थी। तभी दोनों के बीच कोई बात हुई थी। महिला सिपाही तो थाने आ गई लेकिन दूसरे दिन युवक अपने गांव से कुछ दूर स्थित नहर में कूद गया। तीसरे दिन उसकी नहर में सड़ीगली लाश मिली। परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया था। उन्होंने बगैर कोई कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसी वजह से महिला सिपाही काफी तनाव में थी। यहीं से थाने में विवाद शुरू हुआ था और तीनों महिला सिपाहियों ने इसी मामले की शिकायत की थी। इस बात की भी थाने में काफी चर्चा है।
मैं बेकसूर, सजा मिलेगी तो मंजूर
-कादरचौक थाने के एसओ हरिभान सिंह राठौड़ ने बताया कि महिला सिपाहियों की वजह से थाने की शांतिभंग हो गई है। इन्हीं महिला सिपाहियों ने एक सिपाही को दो दिन पहले थप्पड़ मारा था। सीसीटीवी फुटेज में इसके सबूत हैं। मुंशी की गलती इतनी थी कि उसने पुलिस न होने की वजह से महिला सिपाहियों की पहरे पर ड्यूटी लगा दी थी। इससे महिला सिपाहियों ने न तो ड्यूटी की, बल्कि मुंशी को पीट दिया। उनकी पत्नी और बच्चे साथ रहते हैं। महिला सिपाहियों ने जो भी आरोप लगाए हैं, वह सिर्फ ड्यूटी से बचने के लिए लगाए हैं। अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। अगर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होती है तो उन्हें मंजूर होगी।
- तीनों महिला सिपाही 22 मई की शाम आवास पर आईं थीं। उन्होंने कहा था कि उनके साथ रहने वाली एक महिला सिपाही के कथित प्रेमी ने आत्महत्या कर ली है। इससे वह परेशान है और एसओ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। एसओ ने उसी दिन एक रिपोर्ट दी थी कि महिला सिपाही ड्यूटी नहीं करतीं। हीलाहवाली करती हैं और अनुशासनहीनता करती हैं। मैंने एसओ की रिपोर्ट और महिला सिपाहियों की शिकायत एसपी सिटी को देकर जांच सौंपी। कहा था कि मतगणना के बाद वह स्वयं इस मामले को देखेंगे लेकिन तब तक महिला सिपाहियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिए। महिला सिपाहियों के खिलाफ एक और शिकायत आई है। महिला सिपाही उस युवक के आत्महत्या करने से डर गईं थीं। इसलिए उन्होंने ऐसा किया। इस मामले की जांच कराई जा रही है। जो जांच रिपोर्ट आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी