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न्यायालय लॉकअप में बंदियों का हंगामा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Wed, 28 Mar 2018 08:52 PM IST
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न्यायालय परिसर स्थित लॉकअप में बुधवार दोपहर बंदियों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। साथ ही पेशी पर जाने से इंकार कर दिया। बंदियों के बिगड़ने की सूचना पर पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव ने हवालात पहुंच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। बंदियों ने सीओ सिटी को शिकायती पत्र दिया।
बुधवार को जिला कारागार से करीब 40-45 बंदियों को पेशी पर लाया गया था। अदालत में पेश करने से पहले सभी बंदियों को न्यायालय परिसर में स्थित लॉकअप में बंद किया गया। लॉकअप इंचार्ज एसआई राजपाल सिंह और हेडमोहर्रिर नरेश पाल एक-एक, दो-दो बंदियों को अदालत में पेश कर रहे थे। उसी समय कुछ बंदियों के परिवार वाले मिलने आ गए। उन्होंने अपने बंदियों को बीड़ी, पुड़िया, तंबाकू आदि दे दी, जिससे बाकी बंदी बिगड़ गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। लॉकअप सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों पर उगाही कर बंदियों को सुख सुविधाएं मुहैया कराने का आरोप लगाया। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। लॉकअप सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने कोर्ट में पेश होने से भी इंकार कर दिया। इससे लॉकअप स्टाफ के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन में लॉकअप इंचार्ज ने पुलिस अधिकारियों को सूचित किया। कुछ देर बाद सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव और आरआई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पूछताछ में बंदियों ने बताया कि लॉकअप की सुरक्षा में लगाए गए पुलिस कर्मी पैसे लेकर हर सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। सीओ सिटी ने समस्या सुनते हुए उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं बंदियों का गुस्सा शांत हुआ। पेशी पर आए पांच बंदियों ने शिकायती पत्र दिया है। सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
न्यायालय लॉकअप में बंदियों द्वारा हंगामा करने की सूचना आई थी। सीओ सिटी को भेजा गया था। पूरी जानकारी की गई है। इस मामले की जांच सीओ सिटी को ही सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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-कमल किशोर, एसपी सिटी
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बुधवार को जिला कारागार से करीब 40-45 बंदियों को पेशी पर लाया गया था। अदालत में पेश करने से पहले सभी बंदियों को न्यायालय परिसर में स्थित लॉकअप में बंद किया गया। लॉकअप इंचार्ज एसआई राजपाल सिंह और हेडमोहर्रिर नरेश पाल एक-एक, दो-दो बंदियों को अदालत में पेश कर रहे थे। उसी समय कुछ बंदियों के परिवार वाले मिलने आ गए। उन्होंने अपने बंदियों को बीड़ी, पुड़िया, तंबाकू आदि दे दी, जिससे बाकी बंदी बिगड़ गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। लॉकअप सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों पर उगाही कर बंदियों को सुख सुविधाएं मुहैया कराने का आरोप लगाया। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। लॉकअप सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने कोर्ट में पेश होने से भी इंकार कर दिया। इससे लॉकअप स्टाफ के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन में लॉकअप इंचार्ज ने पुलिस अधिकारियों को सूचित किया। कुछ देर बाद सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव और आरआई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पूछताछ में बंदियों ने बताया कि लॉकअप की सुरक्षा में लगाए गए पुलिस कर्मी पैसे लेकर हर सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। सीओ सिटी ने समस्या सुनते हुए उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं बंदियों का गुस्सा शांत हुआ। पेशी पर आए पांच बंदियों ने शिकायती पत्र दिया है। सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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न्यायालय लॉकअप में बंदियों द्वारा हंगामा करने की सूचना आई थी। सीओ सिटी को भेजा गया था। पूरी जानकारी की गई है। इस मामले की जांच सीओ सिटी को ही सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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-कमल किशोर, एसपी सिटी