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नौ बार टाला कप्तान का आदेश, एसओ सस्पेंड

Sun, 17 Dec 2017 12:32 AM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:32 AM IST
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नौ बार टाला कप्तान का आदेश, एसओ सस्पेंड
डेमो - फोटो : डेमो ‌प‌िक
बदायूं। काम में जरूरत से ज्यादा लापरवाही और अफसर की बात पर गौर न देने की कमजोरी एसओ उघैती चरण सिंह पर भारी पड़ गई। एक किशोरी के अपहरण के मामले में कार्रवाई के लिए नौ बार निर्देशित करने के बावजूद उन्होंने कुछ नहीं किया। शनिवार को जब पीड़ित पक्ष फिर शिकायत करने आया तो एसएसपी का पारा चढ़ गया और उन्होंने एसओ को निलंबित कर दिया। उनके साथ ही संबंधित केस की विवेचना कर रहे तत्कालीन एसआई जयप्रकाश शर्मा को भी निलंबित किया गया है। एसएसपी की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा है। 
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उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी तीन महीने पहले लापता हो गई थी। लड़की के पिता ने बेटी को अगवा करके ले जाने के मामले में कुछ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से वह लगातार एसओ चरण सिंह से लड़की की बरामदगी कराने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बताते हैं कि कई बार तो लड़की के परिवार ने आरोपियों की सही लोकेशन भी उन्हें बताई पर उन्होंने गौर नहीं दिया। परेशान परिवार ने इस बारे में एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी ने एसओ और प्रकरण की जांच कर रहे एसआई जयप्रकाश शर्मा को निर्देशित किया कि आरोपियों की धरपकड़ करके लड़की को खोजें और कोर्ट में बयान कराएं। एसओ ने नहीं सुनी तो पीड़ित पक्ष फिर आया। इस तरह नौ बार एसएसपी ने एसओ को 
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लिखित और मौखिक रूप से कार्रवाई के लिए निर्देश दिया पर कोई असर नहीं हुआ। शनिवार को जब पीड़ित पक्ष दसवीं बार एसएसपी के सामने पेश हुआ तो वह खुद एसओ की लापरवाही सुनकर अवाक रह गए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से एसओ और एसआई को निलंबित कर दिया। अभी उघैती में किसी नए एसओ को नहीं भेजा गया है। किशोरी के अपहरण की विवेचना एसआई हितेश कुमार को दी गई है। 
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जिले में बंद, उघैती में जारी था सट्टा कारोबार 
क्राइम कंट्रोल में फेल एसओ उघैती कस्बे में सट्टे और जुए के कारोबार पर भी अंकुश नहीं लगा पा रहे थे। एक ओर जहां भाजपा सरकार बनने के बाद अधिकारियों की सख्ती से जिले भर में सट्टा कारोबार पर अंकुश लगा है, वहीं उघैती में यह सार्वजनिक रूप से हो रहा था। इसका इनपुट भी अधिकारियों के पास था। लाख सख्ती के बावजूद एसओ इस मामले में भी कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। क्षेत्र में कई हत्याओं का खुलासा होना बाकी है। एसओ न तो हत्या जैसे मामलों में फंसे निर्दोष लोगों को केस से निकाल पा रहे थे और न ही असली आरोपियों की गिरफ्तारी कर पा रहे थे। 
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हजरतपुर इंस्पेक्टर लाइन हाजिर 
हजरतपुर इंस्पेक्टर निसार हुसैन को एसएसपी चंद्रप्रकाश ने लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी के मुताबिक बरेली में तैनाती के दौरान किसी मामले में निसार हुसैन के विरुद्ध प्रतिकूल प्रवष्टि दर्ज हुई थी। इस विषय में 

अब उच्चाधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया तो उन्होंने यह कार्रवाई कर दी।
इंस्पेक्टर निसार हुसैन के लाइन हाजिर होने के मामले में जानकारी की गई तो पता लगा कि बरेली के सीबीगंज थाने में तैनाती के दौरान घटनाओं को हल्का करके दिखाने में वह फंसे हैं। करीब दो साल पहले वह सीबीगंज थाना प्रभारी थे। तब वहां एक राजमिस्त्री के घर डकैती पड़ी थी। पीड़ित ने डकैती की तहरीर दी तो निसार हुसैन ने बदमाशों की संख्या कम दिखाकर मामला लूट में दर्ज कर लिया। घटना के बाद तत्कालीन डीआईजी आशुतोष कुमार और एसएसपी बरेली आरके भारद्वाज ने घटनास्थल का दौरा किया तो पीड़ितों से बातचीत में उन्हें सच्चाई पता लगी। तब निसार हुसैन के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी गई। बताते हैं कि उनके कार्यकाल में कई और डकैती व लूट की घटनाएं सीबीगंज क्षेत्र में हुईं, जिन्हें हल्का करके दिखाया गया। वह वक्त रहते सही खुलासे भी नहीं कर सके।
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