{"_id":"59bdfb234f1c1b8e688b4e88","slug":"101505622819-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाइक लूट की झूठी तहरीर देने वाले को पुलिस ने पकड़ा, जेल भेजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बाइक लूट की झूठी तहरीर देने वाले को पुलिस ने पकड़ा, जेल भेजा
Updated Sun, 17 Sep 2017 10:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिसौली। जुए में रकम हारकर बाइक गिरवी रखने के बाद लूट की झूठी कहानी रचने वाले को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेजा है। सूचना मिलने पर बाइक को गिरवी रखने वालों ने कोतवाली पहुंचकर घटना का खुलासा किया।
गुरुवार को शाम बेहटा गुसांई निवासी नितिन पुरी ने कोतवाली आकर सूचना दी कि उसकी बाइक और 60 हजार रुपये लूट लिए गए हैं। कोतवाली पुलिस को उसकी कहानी पर शक हुआ। इस मामले में सीओ ने कोतवाल राजेश कश्यप ने जानकारी ली, तो मामला संदिग्ध बताया गया, क्योंकि इस घटना को सभी अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर पढ़ते ही उघैती थाना क्षेत्र के गांव राजपुर निवासी सीताराम और लालाराम ने बाइक के साथ कोतवाली पहुंच कर पूरी कहानी का खुलासा किया। उनके अनुसार 10 सितंबर को नितिन पुरी जुए में 10 हजार की रकम हार गया। उसने सीताराम से 15000 रुपये उधार लिए। इसके बाद 14 सितंबर को एक दावत में नितिन दोबारा गांव राजपुर गया। जहां उसने लालाराम से पांच हजार रुपये उधार लेकर दोबारा से जुआ खेला और यह रकम भी हार गया। उसने इस रकम के बदले अपनी पैशन प्रो मोटर साइकिल गिरवी रख दी। चूंकि मोटरसाइकिल पत्नी के नाम थी, इसलिए पत्नी से मामला छिपाने के लिए लूट की झूठी कहानी रच दी। पुलिस के बुलाने पर नितिन कोतवाली पहुंचा और सीताराम और लालाराम को देखते ही पूरी कहानी उगल दी। कोतवाल राजेश कश्यप ने उसे हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन
गुरुवार को शाम बेहटा गुसांई निवासी नितिन पुरी ने कोतवाली आकर सूचना दी कि उसकी बाइक और 60 हजार रुपये लूट लिए गए हैं। कोतवाली पुलिस को उसकी कहानी पर शक हुआ। इस मामले में सीओ ने कोतवाल राजेश कश्यप ने जानकारी ली, तो मामला संदिग्ध बताया गया, क्योंकि इस घटना को सभी अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर पढ़ते ही उघैती थाना क्षेत्र के गांव राजपुर निवासी सीताराम और लालाराम ने बाइक के साथ कोतवाली पहुंच कर पूरी कहानी का खुलासा किया। उनके अनुसार 10 सितंबर को नितिन पुरी जुए में 10 हजार की रकम हार गया। उसने सीताराम से 15000 रुपये उधार लिए। इसके बाद 14 सितंबर को एक दावत में नितिन दोबारा गांव राजपुर गया। जहां उसने लालाराम से पांच हजार रुपये उधार लेकर दोबारा से जुआ खेला और यह रकम भी हार गया। उसने इस रकम के बदले अपनी पैशन प्रो मोटर साइकिल गिरवी रख दी। चूंकि मोटरसाइकिल पत्नी के नाम थी, इसलिए पत्नी से मामला छिपाने के लिए लूट की झूठी कहानी रच दी। पुलिस के बुलाने पर नितिन कोतवाली पहुंचा और सीताराम और लालाराम को देखते ही पूरी कहानी उगल दी। कोतवाल राजेश कश्यप ने उसे हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन