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सहसवान में युवक की गला काटकर हत्या, शव दूर फेंका
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इसी झोपड़ी में की गई थी रामप्रसाद की हत्या।
- फोटो : BADAUN
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सहसवान (बदायूं)। सहसवान क्षेत्र के गांव नगला वरन निवासी 25 वर्षीय रामप्रसाद की गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसका शव बुधवार सुबह गंगा किनारे पुलिया के नीचे पड़ा मिला। परिजन के मुताबिक रामप्रसाद सोमवार शाम से लापता था। मंगलवार को परिवार ने थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसका पता लगने पर एसएसपी ने मौका मुआयना किया है। पुलिस वारदात की वजह प्रेम प्रसंग मान रही है।
बुधवार सुबह ग्रामीणों ने गंगा किनारे जरीफपुर गढिया से नगलावरन के बीच पुलिया के नीचे राम प्रसाद का शव पड़ा देखा। उसका गला कटा हुआ और चेहरे से लेकर हाथ पैरों तक कटे के निशान थे। पैंट घुटनों से नीचे पैरों में फंसी हुई थी। चेहरे पर चोटों के निशान थे। इसकी चर्चा फैली तो मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। कुछ ग्रामीणों ने मृतक की शिनाख्त रामप्रसाद पुत्र सोरन निवासी नगलावरन के रूप में की। इसका पता लगने पर रामप्रसाद के परिजन मौके पर जा पहुंचे। इसकी सूचना मिलने पर सहसवान कोतवाली प्रभारी संजीव शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए। छानबीन के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस घटना की जानकारी मिलते पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह और एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा मौका मुआयना किया और मृतक के परिवार वालों से बात की। परिजन ने बताया गया कि सोमवार शाम रामप्रसाद ने पड़ोसी गांव जामनी में मछली खरीदने जाने की बात कही थी। देर रात तक वह घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू कर दी। मंगलवार को मां प्रेमा की ओर से गुमशुदगी दर्ज करा दी गई थी। परिजन ने बताया कि रामप्रसाद मजदूरी करता था। उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी।
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परिजन के मुताबिक आपसी विवाद होने पर रामप्रसाद की पहली पत्नी मायके चली गई थी। बाद में दोनों के बीच तलाक हो गया था। रामप्रसाद की दूसरी शादी करीब नौ महीने पहले कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम निसोई निवासी सुनीता से हुई थी। रामप्रसाद के घर में पत्नी सुनीता, नेत्रहीन पिता सोरन और मां प्रेमा हैं। उनके बड़े अपने परिवार समेत बाहर रहते हैं। इस मामले में परिजन की ओर से बुधवार देर शाम तक कोई तहरीर नहीं दी गई।
झोपड़ी में की गई रामप्रसाद की हत्या
रामप्रसाद का शव पुलिया के नीचे पड़ा मिला था। वहां मौके पर खून के निशान या संघर्ष होने जैसे कोई निशान नहीं थे। जांच के दौरान पुलिस को शव खींचने जैसे निशान मिले। इनका पीछा करती पुलिस नगला वरन गांव से करीब एक किमी दूर तिलक नगला में एक झोंपड़ी तक पहुंची। वहां झोपड़ी में खून पड़ा था। झोपड़ी का पिछला हिस्सा टूटा हुआ था। मौके पर एक काली पॉलिथीन भी मिली। चूंकि परिवार के मुताबिक रामप्रसाद मछली लेने घर से निकला था तो कयास लगाया जा रहा है कि किसी परिचित के मिलने पर वह मछली लेकर झोपड़ी में गया होगा। यह भी संभव है कि वारदात से पहले रामप्रसाद और हत्यारों ने मछली बनाकर खाई होंगी। अनुमान है कि रामप्रसाद की हत्या सोमवार रात कर दी गई होगी। शव फेंकने के लिए मंगलवार रात का इंतजार किया गया। मौका मिलने पर रात में शव खींचकर पुलिया के नीचे डाल दिया गया। पुलिस को शक है कि रामप्रकाश की हत्या में किसी करीबी का हाथ हो सकता है।
प्राइवेट पार्ट काटने की अफवाह उड़ाई
हत्या की जानकारी मिलने के थोड़ी देर बाद ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के मेसेज वायरल होने लगे। इसी बीच अफवाह उड़ी कि रामप्रसाद के हाथ-पैर और प्राइवेट पार्ट काट दिया गया है। अधिकारियों को इसका पता लगा तो उन्होंने नाराजगी जताई और अफवाह फैलाने वालों की तलाश कराने को कहा गया।
रामप्रसाद की हत्या की कोई वजह साफ नहीं हो सकी है। परिवार से बात की तो वह किसी से रंजिश नहीं बता रहे। प्रेम प्रसंग या अवैध संबंधों के बारे में फिलहाल कोई क्लू नहीं मिला है। हालांकि पुलिस टीमें लगा दी हैं। जल्दी ही वारदात की वजह और हत्यारों को तलाश लिया जाएगा। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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बुधवार सुबह ग्रामीणों ने गंगा किनारे जरीफपुर गढिया से नगलावरन के बीच पुलिया के नीचे राम प्रसाद का शव पड़ा देखा। उसका गला कटा हुआ और चेहरे से लेकर हाथ पैरों तक कटे के निशान थे। पैंट घुटनों से नीचे पैरों में फंसी हुई थी। चेहरे पर चोटों के निशान थे। इसकी चर्चा फैली तो मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। कुछ ग्रामीणों ने मृतक की शिनाख्त रामप्रसाद पुत्र सोरन निवासी नगलावरन के रूप में की। इसका पता लगने पर रामप्रसाद के परिजन मौके पर जा पहुंचे। इसकी सूचना मिलने पर सहसवान कोतवाली प्रभारी संजीव शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए। छानबीन के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इस घटना की जानकारी मिलते पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह और एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा मौका मुआयना किया और मृतक के परिवार वालों से बात की। परिजन ने बताया गया कि सोमवार शाम रामप्रसाद ने पड़ोसी गांव जामनी में मछली खरीदने जाने की बात कही थी। देर रात तक वह घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू कर दी। मंगलवार को मां प्रेमा की ओर से गुमशुदगी दर्ज करा दी गई थी। परिजन ने बताया कि रामप्रसाद मजदूरी करता था। उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी।
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परिजन के मुताबिक आपसी विवाद होने पर रामप्रसाद की पहली पत्नी मायके चली गई थी। बाद में दोनों के बीच तलाक हो गया था। रामप्रसाद की दूसरी शादी करीब नौ महीने पहले कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम निसोई निवासी सुनीता से हुई थी। रामप्रसाद के घर में पत्नी सुनीता, नेत्रहीन पिता सोरन और मां प्रेमा हैं। उनके बड़े अपने परिवार समेत बाहर रहते हैं। इस मामले में परिजन की ओर से बुधवार देर शाम तक कोई तहरीर नहीं दी गई।
झोपड़ी में की गई रामप्रसाद की हत्या
रामप्रसाद का शव पुलिया के नीचे पड़ा मिला था। वहां मौके पर खून के निशान या संघर्ष होने जैसे कोई निशान नहीं थे। जांच के दौरान पुलिस को शव खींचने जैसे निशान मिले। इनका पीछा करती पुलिस नगला वरन गांव से करीब एक किमी दूर तिलक नगला में एक झोंपड़ी तक पहुंची। वहां झोपड़ी में खून पड़ा था। झोपड़ी का पिछला हिस्सा टूटा हुआ था। मौके पर एक काली पॉलिथीन भी मिली। चूंकि परिवार के मुताबिक रामप्रसाद मछली लेने घर से निकला था तो कयास लगाया जा रहा है कि किसी परिचित के मिलने पर वह मछली लेकर झोपड़ी में गया होगा। यह भी संभव है कि वारदात से पहले रामप्रसाद और हत्यारों ने मछली बनाकर खाई होंगी। अनुमान है कि रामप्रसाद की हत्या सोमवार रात कर दी गई होगी। शव फेंकने के लिए मंगलवार रात का इंतजार किया गया। मौका मिलने पर रात में शव खींचकर पुलिया के नीचे डाल दिया गया। पुलिस को शक है कि रामप्रकाश की हत्या में किसी करीबी का हाथ हो सकता है।
प्राइवेट पार्ट काटने की अफवाह उड़ाई
हत्या की जानकारी मिलने के थोड़ी देर बाद ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के मेसेज वायरल होने लगे। इसी बीच अफवाह उड़ी कि रामप्रसाद के हाथ-पैर और प्राइवेट पार्ट काट दिया गया है। अधिकारियों को इसका पता लगा तो उन्होंने नाराजगी जताई और अफवाह फैलाने वालों की तलाश कराने को कहा गया।
रामप्रसाद की हत्या की कोई वजह साफ नहीं हो सकी है। परिवार से बात की तो वह किसी से रंजिश नहीं बता रहे। प्रेम प्रसंग या अवैध संबंधों के बारे में फिलहाल कोई क्लू नहीं मिला है। हालांकि पुलिस टीमें लगा दी हैं। जल्दी ही वारदात की वजह और हत्यारों को तलाश लिया जाएगा। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी

रामप्रसाद का फाइल फोटो। - फोटो : BADAUN