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योजना बनाकर की गई थी ताराचंद की हत्या
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बदायूं। वजीरगंज क्षेत्र के गांव लखनपुरा में हुई ताराचंद की हत्या में अब तक पुलिस को कोई सुराग नहीं लगा है। हालांकि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे पुलिस मान रही है कि हत्या योजना बनाकर की गई थी। हत्यारे रात के सन्नाटे का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही आसपास का इलाका सुनसान हुआ कि ताराचंद की हत्या कर दी गई।
सोमवार रात लखनपुरा गांव में धारदार हथियार से काटकर 50 वर्षीय ताराचंद की हत्या कर दी गई थी। ताराचंद उस वक्त अपनी चौपाल के बरामदे में सो रहा था। चौपाल के आंगन में उसका चचेरा भाई दीनानाथ सो रहा था। चूंकि दीनानाथ पक्षाघात का शिकार है, इससे उसे वारदात के समय जानकारी नहीं हो सकी। परिवार वालों को तब पता चला जब उसका छोटा बेटा गौरव चौपाल पर पहुंचा। पिता का शव देखकर उसकी चीख निकल गई। उसके बाद तमाम लोग मौके पर आ गए, तब पुलिस को सूचना दी गई। इसमें बड़े बेटे संजीव ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अब तक पुलिस की छानबीन में हत्यारोपियों का सुराग नहीं लगा है लेकिन पुलिस यह मान रही है कि हत्यारे पूरी योजना बनाकर ही आए थे। ताराचंद का हत्यारा नजदीकी है। उसे पूरी जानकारी थी कि मोहल्ला सुनसान हो चुका है। पता नहीं वह कब से उसकी हत्या की योजना बना रहा था। सोमवार रात उसे पूरा मौका मिल गया और उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
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गांव पहुंचे इंस्पेक्टर, कई लोगों से की पूछताछ
वजीरगंज इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह बुधवार को लखनपुरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के तमाम लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली। ताराचंद के परिवार वालों से भी जानकारी ली। देर शाम तक इंस्पेक्टर गांव में जमे रहे और ग्रामीणों से पूछताछ करते रहे।
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जमीन से जुड़ा हो सकता है हत्या का मामला
मामले की छानबीन के दौरान पता चला है कि ताराचंद पर काफी रुपया उधार था। उसने अपने चचेरे भाई से भी रुपये उधार ले रखे थे। हत्या से एक दिन पहले ताराचंद अपनी जमीन का बैनामा करने गया था। जब खेत का इंतखाब निकलवाया गया तो वह सात बीघा निकला जबकि चचेरे भाई को पता था कि खेत नौ बीघा है। इससे उसके खेत का बैनामा नहीं हो सका। पुलिस कहीं न कहीं इस मामले को भी जोड़कर देख रही है।
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सोमवार रात लखनपुरा गांव में धारदार हथियार से काटकर 50 वर्षीय ताराचंद की हत्या कर दी गई थी। ताराचंद उस वक्त अपनी चौपाल के बरामदे में सो रहा था। चौपाल के आंगन में उसका चचेरा भाई दीनानाथ सो रहा था। चूंकि दीनानाथ पक्षाघात का शिकार है, इससे उसे वारदात के समय जानकारी नहीं हो सकी। परिवार वालों को तब पता चला जब उसका छोटा बेटा गौरव चौपाल पर पहुंचा। पिता का शव देखकर उसकी चीख निकल गई। उसके बाद तमाम लोग मौके पर आ गए, तब पुलिस को सूचना दी गई। इसमें बड़े बेटे संजीव ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अब तक पुलिस की छानबीन में हत्यारोपियों का सुराग नहीं लगा है लेकिन पुलिस यह मान रही है कि हत्यारे पूरी योजना बनाकर ही आए थे। ताराचंद का हत्यारा नजदीकी है। उसे पूरी जानकारी थी कि मोहल्ला सुनसान हो चुका है। पता नहीं वह कब से उसकी हत्या की योजना बना रहा था। सोमवार रात उसे पूरा मौका मिल गया और उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
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गांव पहुंचे इंस्पेक्टर, कई लोगों से की पूछताछ
वजीरगंज इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह बुधवार को लखनपुरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के तमाम लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली। ताराचंद के परिवार वालों से भी जानकारी ली। देर शाम तक इंस्पेक्टर गांव में जमे रहे और ग्रामीणों से पूछताछ करते रहे।
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जमीन से जुड़ा हो सकता है हत्या का मामला
मामले की छानबीन के दौरान पता चला है कि ताराचंद पर काफी रुपया उधार था। उसने अपने चचेरे भाई से भी रुपये उधार ले रखे थे। हत्या से एक दिन पहले ताराचंद अपनी जमीन का बैनामा करने गया था। जब खेत का इंतखाब निकलवाया गया तो वह सात बीघा निकला जबकि चचेरे भाई को पता था कि खेत नौ बीघा है। इससे उसके खेत का बैनामा नहीं हो सका। पुलिस कहीं न कहीं इस मामले को भी जोड़कर देख रही है।