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लोन देने के नाम पर ठग लिए ढाई लाख
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बदायूं। शहर में ब्राहमपुर मोहल्ले के सुनील गुप्ता से लोन देने के नाम पर ढाई लाख रुपये ठगे जाने का मामला सामने आया है। जब सुनील को लोन नहीं मिला और न ही उनके जमा कराए गए रुपये लौटाए गए तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने ईवी फाइनेंस कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
ब्राहमपुर मोहल्ला निवासी सुनील गुप्ता के मुताबिक उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने ईवी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि वह बहुत कम ब्याज पर लोन देतेे हैं। इसके साथ आपका बीमा भी स्वत: हो जाता है। उसने कहा कि हमें अपने कागजात भेजो। उसके आधार पर लोन की रकम तय की जाएगी।
सुनील गुप्ता ने अपने कागजात भेज दिए। उस पर बताया गया कि आपका 18 लाख रुपये का लोन होगा। आपको पांच प्रतिशत की दर से ब्याज चुकाना होगा। इसके बाद सुनील गुप्ता से इंश्योरेंस, एनओसी और जीएसटी के नाम पर 254050 रुपये जमा करा लिए गए। सुनील को बताया गया कि अब 20 लाख 53 हजार रुपये खाते में भेज दिए जाएंगे। काफी इंतजार करने के बाद सुनील के खाते में रुपये नहीं आए।
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सुनील ने कॉल की तो संबंधित ने मोबाइल नंबर ही बंद कर लिया। तब उसने कोतवाली जाकर कंपनी के नाम और मोबाइल नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस मामले में छानबीन कर रही है।
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इतनी आसानी से नहीं मिलता लोन, इसे समझें
यदि लोन चाहिए तो सीधे बैंक या प्रमाणित वित्तीय संस्थान से संपर्क करें।
- किसी भी लोन की प्रक्रिया कभी फोन पर नहीं होती है। फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी होता है।
- पांच से 15 मिनट में कभी भी लोन नहीं मिलता है। साथ ही लोन के अप्रूवल की कॉपी कोई बैंक या वित्तीय संस्था व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर नहीं भेजती।
- सभी तरह के लोन के लिए एक रेफेरेंस आईडी मिलती है।
- किसी भी अनजान को अपने दस्तावेज न दें और न हीं किसी लालच में फंसें।
- आसानी से लोन देने वाले ब्लैकमेलिंग का शिकार भी बना सकते हैं।
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ब्राहमपुर मोहल्ला निवासी सुनील गुप्ता के मुताबिक उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने ईवी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि वह बहुत कम ब्याज पर लोन देतेे हैं। इसके साथ आपका बीमा भी स्वत: हो जाता है। उसने कहा कि हमें अपने कागजात भेजो। उसके आधार पर लोन की रकम तय की जाएगी।
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सुनील गुप्ता ने अपने कागजात भेज दिए। उस पर बताया गया कि आपका 18 लाख रुपये का लोन होगा। आपको पांच प्रतिशत की दर से ब्याज चुकाना होगा। इसके बाद सुनील गुप्ता से इंश्योरेंस, एनओसी और जीएसटी के नाम पर 254050 रुपये जमा करा लिए गए। सुनील को बताया गया कि अब 20 लाख 53 हजार रुपये खाते में भेज दिए जाएंगे। काफी इंतजार करने के बाद सुनील के खाते में रुपये नहीं आए।
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सुनील ने कॉल की तो संबंधित ने मोबाइल नंबर ही बंद कर लिया। तब उसने कोतवाली जाकर कंपनी के नाम और मोबाइल नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस मामले में छानबीन कर रही है।
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इतनी आसानी से नहीं मिलता लोन, इसे समझें
यदि लोन चाहिए तो सीधे बैंक या प्रमाणित वित्तीय संस्थान से संपर्क करें।
- किसी भी लोन की प्रक्रिया कभी फोन पर नहीं होती है। फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी होता है।
- पांच से 15 मिनट में कभी भी लोन नहीं मिलता है। साथ ही लोन के अप्रूवल की कॉपी कोई बैंक या वित्तीय संस्था व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर नहीं भेजती।
- सभी तरह के लोन के लिए एक रेफेरेंस आईडी मिलती है।
- किसी भी अनजान को अपने दस्तावेज न दें और न हीं किसी लालच में फंसें।
- आसानी से लोन देने वाले ब्लैकमेलिंग का शिकार भी बना सकते हैं।