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महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर प्लॉट की बिक्री
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उझानी (बदायूं)। दिल्ली निवासी एक महिला का पहले फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र फिर वारिसान बनवाकर उसके देवर-जेठ ने प्रॉपर्टी डीलर के जरिये उसके प्लॉट को बेच दिया। प्लॉट अब्दुल्लागंज गांव के व्यक्ति ने खरीदा। हकीकत सामने आने पर महिला ने यहां आकर कोतवाली पुलिस से संपर्क साधा और देवर-जेठ, खरीदार, प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बने वारिसान प्रमाण पत्र के बाद नगर के गद्दीटोला स्थित प्लॉट बेचे जाने का मामला चार दिन पहले पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस के मुताबिक दिल्ली की जनता कॉलोनी निवासी मीना पत्नी स्व. महेंद्र शर्मा ने बताया कि उसके पति बरेली के आंवला थाना क्षेत्र के गांव कटसारी के निवासी थे। पति की मौत के बाद वह दिल्ली में बस गई। देवर जेठ में महेशचंद्र, सुरेश चंद्र और राधेश्याम उझानी के श्रीनारायणगंज मोहल्ले में रहने लगे। उसके पति का गद्दीटोला मोहल्ले में प्लाट था, जिसे उसके देवर-जेठ ने कोतवाली क्षेत्र के गांव अब्दुल्लागंज निवासी मयंक कुमार साहू पुत्र हरीशंकर साहू को बेच दिया। प्लॉट बेचने से पहले इन लोगों ने उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया और उसके आधार पर ही वारिसान हासिल किया। इसमें श्रीनारायणगंज मोहल्ले के ही प्रॉपर्टी डीलर राजीव पुत्र झम्मन का भी हाथ रहा।
मीना ने अपने जीवित होने का सुबूत भी पुलिस के सामने पेश किया। हकीकत सामने आने के बाद पुलिस ने उसी दिन शाम महेश, सुरेश, राधेश्याम, राजीव और मयंक के खिलाफ धोखाधड़ी की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली। प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि नामजद राधेश्याम और महेश को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। नामजदगी के बाद से प्रॉपटी डीलर और प्लॉट का खरीदार घर से भाग गए हैं।
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फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बने वारिसान प्रमाण पत्र के बाद नगर के गद्दीटोला स्थित प्लॉट बेचे जाने का मामला चार दिन पहले पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस के मुताबिक दिल्ली की जनता कॉलोनी निवासी मीना पत्नी स्व. महेंद्र शर्मा ने बताया कि उसके पति बरेली के आंवला थाना क्षेत्र के गांव कटसारी के निवासी थे। पति की मौत के बाद वह दिल्ली में बस गई। देवर जेठ में महेशचंद्र, सुरेश चंद्र और राधेश्याम उझानी के श्रीनारायणगंज मोहल्ले में रहने लगे। उसके पति का गद्दीटोला मोहल्ले में प्लाट था, जिसे उसके देवर-जेठ ने कोतवाली क्षेत्र के गांव अब्दुल्लागंज निवासी मयंक कुमार साहू पुत्र हरीशंकर साहू को बेच दिया। प्लॉट बेचने से पहले इन लोगों ने उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया और उसके आधार पर ही वारिसान हासिल किया। इसमें श्रीनारायणगंज मोहल्ले के ही प्रॉपर्टी डीलर राजीव पुत्र झम्मन का भी हाथ रहा।
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मीना ने अपने जीवित होने का सुबूत भी पुलिस के सामने पेश किया। हकीकत सामने आने के बाद पुलिस ने उसी दिन शाम महेश, सुरेश, राधेश्याम, राजीव और मयंक के खिलाफ धोखाधड़ी की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली। प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि नामजद राधेश्याम और महेश को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। नामजदगी के बाद से प्रॉपटी डीलर और प्लॉट का खरीदार घर से भाग गए हैं।
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