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परिजन का आरोप-इंस्पेक्टर ने जबरन लिखवाया था फैसला
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रेहान के माता-पिता व भाई। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। ककराला के युवक को यातना (थर्ड डिग्री) देने के मामले में मंगलवार को जहां अलापुर पुलिस ने एक लिखित फैसला वायरल करके मामले को दबाने की कोशिश की तो वहीं युवक के परिवार वालों ने फैसले पर सवाल खड़े कर दिए।
उन्होंने कहा है कि यह उस दिन का फैसलानामा है, जब पुलिस के थर्ड डिग्री देने से युवक की हालत ज्यादा बिगड़ गई थी। परिवार वाले उसे लेकर ज्यादा परेशान थे। चौकी व थाना पुलिस को खुद के फंसने का डर था। इससे इंस्पेक्टर ने जबरन परिजन को चौकी बुलाकर अंगूठा लगवा लिया था। माता-पिता से कहा था कि उन्हें इलाज कराने को रुपये देंगे।
यहां बता दें पूरा मामला दो मई का है। उस रात ककराला चौकी पुलिस ने रेहान को हिरासत में लेकर थर्ड डिग्री दी थी। उसे रात भर पुलिस चौकी में रखा गया। परिवार वालों का आरोप है कि उसे करंट लगाया गया। उसके साथ जबरदस्त मारपीट की गई। उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा डाला गया। दूसरे दिन सुबह हालत बिगड़ती देखकर पुलिस कर्मियों ने उसे भगा दिया। तब से परिवार वाले उसका इलाज करा रहे थे। परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने जहां-जहां युवक को भर्ती कराया था, वहां ककराला चौकी से पुलिस कर्मी मौजूद रहा।
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29 मई को युवक की हालत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर परिवार वाले उसे जिला अस्पताल ले गए। ऐसे में ककराला चौकी से लेकर थाना पुलिस तक को फंसने का डर सताने लगा। परिवार वालों का कहना है कि रेहान शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती था। घर पर उसके माता-पिता और एक भाई था। दो पुलिस कर्मी और कस्बे के दो लोग उसके घर पहुंचे। बोले-चौकी पर इंस्पेक्टर अलापुर संजय कुमार सिंह आए हैं। वह रेहान के इलाज के लिए कुछ रुपये देंगे। उसका उपचार कराएंगे। अनपढ़ माता-पिता चौकी पहुंच गए। पुलिस के गवाह उनसे झूठ बोल रहे थे। आरोप है कि ऐसे में माता, पिता और भाई से एक सादा कागज पर अंगूठा लगवा लिया गया।
मां नजमा के मुताबिक अंगूठा लगवाने के संबंध में उन्होंने पुलिस अधिकारियों को उसी दिन बता दिया था, जब उन्होंने एसएसपी को तत्कालीन चौकी इंचार्ज और चारों पुलिस कर्मियों के खिलाफ तहरीर दी थी। उन्होंने एक बयान भी जारी किया था।
इधर, मंगलवार को जब इस मामले का लिखित फैसला वायरल हुआ तो परिवार वाले खुद हैरान रह गए। उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए बताया कि यह पुलिस की चाल है। उन्होंने कोई फैसला नहीं किया। उनसे युवक का उपचार कराने के नाम पर अंगूठा लगवाया गया था। अगर वे फैसला करते तो रिपोर्ट क्यों दर्ज कराते।
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मां बोली-ज्यादा परेशान करेगी पुलिस तो परिवार समेत कर लूंगी आत्महत्या
मंगलवार को वायरल हुए फैसले को लेकर मां नजमा ने बताया कि पुलिस शुरुआत से ही उनके परिवार का उत्पीड़न कर रही है। वह झूठ नहीं बोलेंगी। जब उसके बेटे का प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था तो वहां भी पुलिस कर्मी मौजूद थे। उन्होंने डॉक्टर को यह तक बताने नहीं दिया कि मरीज के प्राइवेट पार्ट में डंडा डाला गया था। अब एक कागज पर लगवाए गए अंगूठे का गलत फायदा उठाकर उस पर फर्जी फैसला लिखवा लिया गया। अगर पुलिस ज्यादा परेशान करेगी तो वह परिवार समेत आत्महत्या कर लेंगी और रेहान को ककराला पुलिस चौकी छोड़ आएंगी।
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मजदूरी करता है परिवार, नहीं है मकान
परिवार वालों के मुताबिक उनके पास अपना कोई मकान नहीं है। वह ककराला के रहने वाले जरूर हैं लेकिन कई साल से किराये के मकान में रह रहे हैं। उनका परिवार मजदूरी करता है।
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सोमवार रात बुलंदशहर तक पहुंच गई पुलिस
परिवार वालों ने बताया कि युवक की हालत ज्यादा खराब है। वह पुलिस वालों को देखकर परेशान हो जाता है। उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ जाती है। सोमवार रात अलापुर थाना पुलिस बुलंदशहर तक पहुंच गई। युवक अपनी मौसी के घर पर लेटा हुआ था। तब उसकी हालत ज्यादा खराब नहीं थी। जैसे ही अलापुर पुलिस वहां पहुंची कि युवक के शरीर को झटके लगने लगे। उसकी हालत और खराब हो गई। इस पर परिजन उसे मंगलवार सुबह दिल्ली ले गए लेकिन वहां उसे भर्ती करने से मना कर दिया गया। इससे वापस बुलंदशहर ले आए।
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ककराला मामले में एक लिखित फैसला सामने आया है। इसके बारे में जांच कराई जा रही है। अगर उसे परिवार वालों ने दिया था तो उसके अनुसार कार्रवाई कराई जाएगी, अन्यथा मामले की जांच चल रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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उन्होंने कहा है कि यह उस दिन का फैसलानामा है, जब पुलिस के थर्ड डिग्री देने से युवक की हालत ज्यादा बिगड़ गई थी। परिवार वाले उसे लेकर ज्यादा परेशान थे। चौकी व थाना पुलिस को खुद के फंसने का डर था। इससे इंस्पेक्टर ने जबरन परिजन को चौकी बुलाकर अंगूठा लगवा लिया था। माता-पिता से कहा था कि उन्हें इलाज कराने को रुपये देंगे।
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यहां बता दें पूरा मामला दो मई का है। उस रात ककराला चौकी पुलिस ने रेहान को हिरासत में लेकर थर्ड डिग्री दी थी। उसे रात भर पुलिस चौकी में रखा गया। परिवार वालों का आरोप है कि उसे करंट लगाया गया। उसके साथ जबरदस्त मारपीट की गई। उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा डाला गया। दूसरे दिन सुबह हालत बिगड़ती देखकर पुलिस कर्मियों ने उसे भगा दिया। तब से परिवार वाले उसका इलाज करा रहे थे। परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने जहां-जहां युवक को भर्ती कराया था, वहां ककराला चौकी से पुलिस कर्मी मौजूद रहा।
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29 मई को युवक की हालत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर परिवार वाले उसे जिला अस्पताल ले गए। ऐसे में ककराला चौकी से लेकर थाना पुलिस तक को फंसने का डर सताने लगा। परिवार वालों का कहना है कि रेहान शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती था। घर पर उसके माता-पिता और एक भाई था। दो पुलिस कर्मी और कस्बे के दो लोग उसके घर पहुंचे। बोले-चौकी पर इंस्पेक्टर अलापुर संजय कुमार सिंह आए हैं। वह रेहान के इलाज के लिए कुछ रुपये देंगे। उसका उपचार कराएंगे। अनपढ़ माता-पिता चौकी पहुंच गए। पुलिस के गवाह उनसे झूठ बोल रहे थे। आरोप है कि ऐसे में माता, पिता और भाई से एक सादा कागज पर अंगूठा लगवा लिया गया।
मां नजमा के मुताबिक अंगूठा लगवाने के संबंध में उन्होंने पुलिस अधिकारियों को उसी दिन बता दिया था, जब उन्होंने एसएसपी को तत्कालीन चौकी इंचार्ज और चारों पुलिस कर्मियों के खिलाफ तहरीर दी थी। उन्होंने एक बयान भी जारी किया था।
इधर, मंगलवार को जब इस मामले का लिखित फैसला वायरल हुआ तो परिवार वाले खुद हैरान रह गए। उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए बताया कि यह पुलिस की चाल है। उन्होंने कोई फैसला नहीं किया। उनसे युवक का उपचार कराने के नाम पर अंगूठा लगवाया गया था। अगर वे फैसला करते तो रिपोर्ट क्यों दर्ज कराते।
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मां बोली-ज्यादा परेशान करेगी पुलिस तो परिवार समेत कर लूंगी आत्महत्या
मंगलवार को वायरल हुए फैसले को लेकर मां नजमा ने बताया कि पुलिस शुरुआत से ही उनके परिवार का उत्पीड़न कर रही है। वह झूठ नहीं बोलेंगी। जब उसके बेटे का प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था तो वहां भी पुलिस कर्मी मौजूद थे। उन्होंने डॉक्टर को यह तक बताने नहीं दिया कि मरीज के प्राइवेट पार्ट में डंडा डाला गया था। अब एक कागज पर लगवाए गए अंगूठे का गलत फायदा उठाकर उस पर फर्जी फैसला लिखवा लिया गया। अगर पुलिस ज्यादा परेशान करेगी तो वह परिवार समेत आत्महत्या कर लेंगी और रेहान को ककराला पुलिस चौकी छोड़ आएंगी।
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मजदूरी करता है परिवार, नहीं है मकान
परिवार वालों के मुताबिक उनके पास अपना कोई मकान नहीं है। वह ककराला के रहने वाले जरूर हैं लेकिन कई साल से किराये के मकान में रह रहे हैं। उनका परिवार मजदूरी करता है।
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सोमवार रात बुलंदशहर तक पहुंच गई पुलिस
परिवार वालों ने बताया कि युवक की हालत ज्यादा खराब है। वह पुलिस वालों को देखकर परेशान हो जाता है। उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ जाती है। सोमवार रात अलापुर थाना पुलिस बुलंदशहर तक पहुंच गई। युवक अपनी मौसी के घर पर लेटा हुआ था। तब उसकी हालत ज्यादा खराब नहीं थी। जैसे ही अलापुर पुलिस वहां पहुंची कि युवक के शरीर को झटके लगने लगे। उसकी हालत और खराब हो गई। इस पर परिजन उसे मंगलवार सुबह दिल्ली ले गए लेकिन वहां उसे भर्ती करने से मना कर दिया गया। इससे वापस बुलंदशहर ले आए।
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ककराला मामले में एक लिखित फैसला सामने आया है। इसके बारे में जांच कराई जा रही है। अगर उसे परिवार वालों ने दिया था तो उसके अनुसार कार्रवाई कराई जाएगी, अन्यथा मामले की जांच चल रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी