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झूठे मामले दर्ज करवाकर रुपये ऐंठने वाला गिरफ्तार, जेल भेजा
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उघैती थाने में खड़ा आरोपी बनवारी। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। एससीएसटी एक्ट और दुष्कर्म के फर्जी मामले दर्ज करवाकर रुपये ऐंठने वाला आखिरकार पुलिस कार्रवाई में फंस ही गया। पुलिस ने सोमवार रात उसके खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली। सुबह उसे गिरफ्तार किया और दोपहर में उसे जेल भेज दिया।
उघैती थाना क्षेत्र के गांव कोट रतनपुर निवासी अखिलेश सक्सेना के मुताबिक उसके गांव का बनवारी सीधे साधे लोगों को फंसाकर उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराता है। फिर समझौते के नाम पर उनसे मोटा रुपया लेता है। इसी को उसने अपना पेशा बना लिया है। वह कई लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे डाल चुका है।
25 अप्रैल को उसने विवेक सक्सेना, अवधेश सक्सेना, सतेंद्र, इंद्रेश सक्सेना, चंद्रसेन, मुकेश और भागीरथ आदि के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की। उस पर बनवारी ने अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत कराया। बाद में उसने लोगों से दस हजार रुपये लेकर फैसला कर लिया। उसने फैसलेनामे में लिखा कि उसके नाम से किसी और व्यक्ति ने शिकायत कर दी थी। जबकि मोबाइल से जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करने के दौरान ओटीपी नंबर भी आता है और बिना ओटीपी के शिकायत पंजीकृत नहीं हो सकती। पुलिस ने सोमवार रात एफआईआर दर्ज करने के बाद सुबह दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार दोपहर उसे जेल भेज दिया गया।
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तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। इस तरह के मामलों में और भी लोग शामिल होंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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उघैती थाना क्षेत्र के गांव कोट रतनपुर निवासी अखिलेश सक्सेना के मुताबिक उसके गांव का बनवारी सीधे साधे लोगों को फंसाकर उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराता है। फिर समझौते के नाम पर उनसे मोटा रुपया लेता है। इसी को उसने अपना पेशा बना लिया है। वह कई लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे डाल चुका है।
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25 अप्रैल को उसने विवेक सक्सेना, अवधेश सक्सेना, सतेंद्र, इंद्रेश सक्सेना, चंद्रसेन, मुकेश और भागीरथ आदि के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की। उस पर बनवारी ने अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत कराया। बाद में उसने लोगों से दस हजार रुपये लेकर फैसला कर लिया। उसने फैसलेनामे में लिखा कि उसके नाम से किसी और व्यक्ति ने शिकायत कर दी थी। जबकि मोबाइल से जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करने के दौरान ओटीपी नंबर भी आता है और बिना ओटीपी के शिकायत पंजीकृत नहीं हो सकती। पुलिस ने सोमवार रात एफआईआर दर्ज करने के बाद सुबह दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार दोपहर उसे जेल भेज दिया गया।
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तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। इस तरह के मामलों में और भी लोग शामिल होंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी