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नवजीवन वृद्धाश्रम के बुजुर्ग की ट्रेन की चपेट में आने से मौत
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राकेश वर्मा। फाइल फोटो
- फोटो : BADAUN
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उझानी/कछला (बदायूं)। वितरोई-कछला के बीच एक बुजुर्ग की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। गेटमैन की सूचना के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। शव की शिनाख्त बदायूं निवासी बुजुर्ग राकेश वर्मा के रूप में हुई। वह करीब एक साल से कछला के नवजीवन वृद्धाश्रम में रह रहे थे। इधर मृतक के भतीजे को आशंका है कि उनके चाचा ने तनाव में आकर जान दी।
करीब 70 वर्षीय राकेश वर्मा का शव सुबह सात बजे रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। वह आश्रम से बदायूं जाने की कहकर निकले थे। रेलवे ट्रैक पर वह कछला स्टेशन से वितरोई की ओर कैसे पहुंचे, यह अभी सवाल बना हुआ है। गेटमैन रतन कश्यप की सूचना के बाद पुलिस कर्मियों ने राकेश का शव बरामद किया। पुलिस ने आश्रम संचालक जगदीश कुमार को भी मौके पर बुला लिया। मृतक के भतीजे बदायूं में चौबे मोहल्ला निवासी सुनील कुमार को भी सूचना दी।
सुनील ने पुलिस को बताया कि चाची का करीब डेढ़ दशक पहले निधन हो चुका है। चाचा के कोई संतान नहीं है। परिवार के ही एक व्यक्ति से मकान को लेकर विवाद चल रहा था। उक्त व्यक्ति पर चाचा के करीब 50 हजार रुपये भी थे लेकिन वह उन्हें लौटा नहीं रहा था। शायद इसी तनाव में चाचा ने आत्महत्या कर ली।
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पोस्टमार्टम के बाद शव सुनील के हवाले कर दिया गया।
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बुजुर्ग सुबह चाय पीने के बाद ही आश्रम से यह कहकर निकले थे कि उन्हें बदायूं कोर्ट में तारीख पर जाना है। वह पूरी तरह स्वस्थ थे। चेहरे पर किसी तरह की चिंता भी नहीं झलक रही थी। फिलहाल पुलिस को इससे अवगत करा दिया गया है।
-जगदीश कुमार, आश्रम संचालक
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करीब 70 वर्षीय राकेश वर्मा का शव सुबह सात बजे रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। वह आश्रम से बदायूं जाने की कहकर निकले थे। रेलवे ट्रैक पर वह कछला स्टेशन से वितरोई की ओर कैसे पहुंचे, यह अभी सवाल बना हुआ है। गेटमैन रतन कश्यप की सूचना के बाद पुलिस कर्मियों ने राकेश का शव बरामद किया। पुलिस ने आश्रम संचालक जगदीश कुमार को भी मौके पर बुला लिया। मृतक के भतीजे बदायूं में चौबे मोहल्ला निवासी सुनील कुमार को भी सूचना दी।
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सुनील ने पुलिस को बताया कि चाची का करीब डेढ़ दशक पहले निधन हो चुका है। चाचा के कोई संतान नहीं है। परिवार के ही एक व्यक्ति से मकान को लेकर विवाद चल रहा था। उक्त व्यक्ति पर चाचा के करीब 50 हजार रुपये भी थे लेकिन वह उन्हें लौटा नहीं रहा था। शायद इसी तनाव में चाचा ने आत्महत्या कर ली।
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पोस्टमार्टम के बाद शव सुनील के हवाले कर दिया गया।
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बुजुर्ग सुबह चाय पीने के बाद ही आश्रम से यह कहकर निकले थे कि उन्हें बदायूं कोर्ट में तारीख पर जाना है। वह पूरी तरह स्वस्थ थे। चेहरे पर किसी तरह की चिंता भी नहीं झलक रही थी। फिलहाल पुलिस को इससे अवगत करा दिया गया है।
-जगदीश कुमार, आश्रम संचालक