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बदायूं : सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस अभिरक्षा से मुजरिम फरार
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बदायूं। न्यायालय में सजा सुनाए जाने के बाद बुधवार शाम एक मुजरिम पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला था।
मुजरिम करन सिंह पुत्र मुंशीलाल उसहैत थाना क्षेत्र के गांव सिदुआ नगला का रहने वाला है। बताते हैं कि उसके खिलाफ साल 2010 में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। उसमें गांव के दो और लोग नामजद थे। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। बुधवार शाम न्यायालय ने तीनों आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद हेड मोहर्रिर महेंद्र सिंह ने तीनों आरोपियों को अपनी अभिरक्षा में ले लिया। इसी दौरान मुजरिम करन सिंह हेड मोहर्रिर महेंद्र सिंह को किसी तरह चकमा देकर फरार हो गया। जब इसके बारे में हेड मोहर्रिर को पता चला तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी, जिससे तुरंत सभी थानों को सतर्क कर दिया गया। खासतौर पर उसहैत पुलिस को उसके घर भेजा गया। इसके अलावा करन सिंह की तलाश को टीम लगा दी गई है। रात तक उसकी तलाश चलती रही।
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हेड मोहर्रिर की लापरवाही से भागा मुजरिम
न्यायालय में सजा सुनाए जाने के दौरान सभी को पता चल गया था कि तीनों आरोपियों की सजा हो गई है। सजा पर आरोपियों के हस्ताक्षर भी करा लिए गए थे लेकिन इसमें सबसे बड़ी लापरवाही हेड मोहर्रिर की रही। उन्होंने अकेले ही तीनों आरोपियों को कस्टडी में ले लिया लेकिन और पुलिस बल को नहीं बुलाया। इससे मुजरिम भागने में सफल रहा।
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न्यायालय परिसर से एक आरोपी के फरार होने की सूचना मिली है। हमने उसकी तलाश को टीम लगा दी है। उसके बारे में पता कराया जा रहा है कि आखिर कौन सा मामला था और वह कैसे भाग गया।
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- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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मुजरिम करन सिंह पुत्र मुंशीलाल उसहैत थाना क्षेत्र के गांव सिदुआ नगला का रहने वाला है। बताते हैं कि उसके खिलाफ साल 2010 में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। उसमें गांव के दो और लोग नामजद थे। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। बुधवार शाम न्यायालय ने तीनों आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद हेड मोहर्रिर महेंद्र सिंह ने तीनों आरोपियों को अपनी अभिरक्षा में ले लिया। इसी दौरान मुजरिम करन सिंह हेड मोहर्रिर महेंद्र सिंह को किसी तरह चकमा देकर फरार हो गया। जब इसके बारे में हेड मोहर्रिर को पता चला तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी, जिससे तुरंत सभी थानों को सतर्क कर दिया गया। खासतौर पर उसहैत पुलिस को उसके घर भेजा गया। इसके अलावा करन सिंह की तलाश को टीम लगा दी गई है। रात तक उसकी तलाश चलती रही।
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हेड मोहर्रिर की लापरवाही से भागा मुजरिम
न्यायालय में सजा सुनाए जाने के दौरान सभी को पता चल गया था कि तीनों आरोपियों की सजा हो गई है। सजा पर आरोपियों के हस्ताक्षर भी करा लिए गए थे लेकिन इसमें सबसे बड़ी लापरवाही हेड मोहर्रिर की रही। उन्होंने अकेले ही तीनों आरोपियों को कस्टडी में ले लिया लेकिन और पुलिस बल को नहीं बुलाया। इससे मुजरिम भागने में सफल रहा।
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न्यायालय परिसर से एक आरोपी के फरार होने की सूचना मिली है। हमने उसकी तलाश को टीम लगा दी है। उसके बारे में पता कराया जा रहा है कि आखिर कौन सा मामला था और वह कैसे भाग गया।
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- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी