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ई-चालान को साइबर ठगों ने बनाया हथियार
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बदायूं। अगर आपके मोबाइल पर यातायात नियम तोड़ने के संबंध में ई-चालान जमा करने का कोई मेसेज आया है तो सावधान हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि चालान जमा करने की जल्दबाजी में आपका खाता खाली हो जाए। हाल ही में शहर में दो लोगों के साथ ऐसा हुआ है।
साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। इसके तहत साइबर ठग फर्जी लिंक बनाकर लोगों के मोबाइल पर भेज रहे हैं, जिसमें यातायात नियम तोड़ने के संबंध में चालान जमा करने को कहा जाता है अन्यथा संबंधित को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया जाता है। इससे आम लोग आसानी से साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं और उनके शिकार हो जाते हैं। साइबर ठग इस तरह अब तक जिले में दो लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
शहर के मोहल्ला जवाहरपुरी निवासी विनय के मुताबिक उनके मोबाइल पर ई-चालान जमा करने का मेसेज आया था। उस मेसेज में एक लिंक भी था। पांच सौ रुपये का चालान था। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया कि उनके खाते से पंद्रह सौ रुपये कट गए। गनीमत यह रही कि उनके खाते में ज्यादा रुपये नहीं थे।
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शहवाजपुर निवासी सुभाष के अनुसार, बृहस्पतिवार को लावेला चौक से गुजरने के दौरान उनके मोबाइल पर मेसेज आया। ई-चालान का मेसेज देखकर उन्होंने लिंक खोल लिया। थोड़ी ही देर बाद उनके खाते से दो हजार रुपये कटने का भी मेसेज आ गया।
इधर, आवास विकास के विकास के नंबर पर मेसेज आया था। उन्होंने तो यातायात का कोई नियम भी नहीं तोड़ा था। जब उन्होंने कुछ लोगों से इसके बारे में चर्चा की तो वह ठगी के शिकार होने से बच गए।
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साइबर ठगों से ऐसे बचें
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
- ई-चालान का मेसेज आए तो यातायात पुलिस के कार्यालय में संपर्क करें
- अपना पासवर्ड और खाता नंबर गोपनीय रखें
- अपने मोबाइल नंबर और जन्मतिथि को पासवर्ड न बनाएं
- किसी के कहने पर एनीडेस्क एप डाउनलोड करने से बचें
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साइबर ठगों से निपटने के लिए प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क खोली गई है। लोगों की समस्याओं को सुना जा रहा है और उस पर कार्रवाई भी हो रही है लेकिन कुछ बातें का विशेष ध्यान रखें। अपना पासवर्ड, पिनकोड और खाता नंबर किसी को न बताएं। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, तभी साइबर ठगों से बच सकते हैं।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। इसके तहत साइबर ठग फर्जी लिंक बनाकर लोगों के मोबाइल पर भेज रहे हैं, जिसमें यातायात नियम तोड़ने के संबंध में चालान जमा करने को कहा जाता है अन्यथा संबंधित को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया जाता है। इससे आम लोग आसानी से साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं और उनके शिकार हो जाते हैं। साइबर ठग इस तरह अब तक जिले में दो लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
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शहर के मोहल्ला जवाहरपुरी निवासी विनय के मुताबिक उनके मोबाइल पर ई-चालान जमा करने का मेसेज आया था। उस मेसेज में एक लिंक भी था। पांच सौ रुपये का चालान था। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया कि उनके खाते से पंद्रह सौ रुपये कट गए। गनीमत यह रही कि उनके खाते में ज्यादा रुपये नहीं थे।
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शहवाजपुर निवासी सुभाष के अनुसार, बृहस्पतिवार को लावेला चौक से गुजरने के दौरान उनके मोबाइल पर मेसेज आया। ई-चालान का मेसेज देखकर उन्होंने लिंक खोल लिया। थोड़ी ही देर बाद उनके खाते से दो हजार रुपये कटने का भी मेसेज आ गया।
इधर, आवास विकास के विकास के नंबर पर मेसेज आया था। उन्होंने तो यातायात का कोई नियम भी नहीं तोड़ा था। जब उन्होंने कुछ लोगों से इसके बारे में चर्चा की तो वह ठगी के शिकार होने से बच गए।
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साइबर ठगों से ऐसे बचें
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
- ई-चालान का मेसेज आए तो यातायात पुलिस के कार्यालय में संपर्क करें
- अपना पासवर्ड और खाता नंबर गोपनीय रखें
- अपने मोबाइल नंबर और जन्मतिथि को पासवर्ड न बनाएं
- किसी के कहने पर एनीडेस्क एप डाउनलोड करने से बचें
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साइबर ठगों से निपटने के लिए प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क खोली गई है। लोगों की समस्याओं को सुना जा रहा है और उस पर कार्रवाई भी हो रही है लेकिन कुछ बातें का विशेष ध्यान रखें। अपना पासवर्ड, पिनकोड और खाता नंबर किसी को न बताएं। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, तभी साइबर ठगों से बच सकते हैं।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी