{"_id":"627abbe32b1fe45f5a32c6fb","slug":"crime-badaun-news-bly484404457","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशा वर्कर्स के खातों में पांच लाख भेजने के मामले में छह लोगों के बयान दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशा वर्कर्स के खातों में पांच लाख भेजने के मामले में छह लोगों के बयान दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। दो साल पुराने आशा वर्कर्स के खातों में पांच लाख रुपये अतिरिक्त भेजने और फिर बाद में कई आशा वर्कर्स से यह रुपये वापस लेने के मामले में एमओआईसी बिल्सी डॉ. गौरव, बीपीएम बिसौली कौशल शर्मा समेत छह लोगों के बयान दर्ज हो गए हैं। डीसीपीएम अरविंद राणा को अभी बयान दर्ज कराने को नहीं बुलाया गया है।
करीब दो साल पहले आशा वर्कर्स के खातों में बिना किसी काम के ऑनलाइन पांच लाख रुपये की राशि भेज दी गई थी। वित्तीय गड़बड़ी सामने आई तो काफी संख्या में आशा वर्कर्स से यह रुपये वापस ले लिए गए। सबसे ज्यादा गड़बड़ी बिल्सी सीएचसी के अधीन आई थी। कई आशा वर्कर्स ने रुपये ऑनलाइन ही वापस करने की बात कही तो इनके खातों पर रोक लगा दी गई। आशा वर्कर्स ने इसकी शिकायत तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। बाद में मामला एडी हेल्थ तक पहुंच गया। एमओआईसी डॉ. गौरव और बीपीएम कौशल शर्मा ने डीसीपीएम अरविंद राणा पर आरोप लगाए।
पिछले दिनों इस मामले में फिर से शिकायत के बाद नए सिरे से जांच शुरू की गई। प्रकरण में डॉ. गौरव, कौशल शर्मा समेत छह लोगों के बयान दर्ज हो गए हैं। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय का कहना है कि पुराने प्रकरण में शासन स्तर से जांच चल रही है। डीसीपीएम अरविंद राणा का कहना है कि उनको बयान दर्ज करने के लिए अभी नहीं बुलाया गया है। अगर उनको बुलाया जाता है तो वह भी अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब दो साल पहले आशा वर्कर्स के खातों में बिना किसी काम के ऑनलाइन पांच लाख रुपये की राशि भेज दी गई थी। वित्तीय गड़बड़ी सामने आई तो काफी संख्या में आशा वर्कर्स से यह रुपये वापस ले लिए गए। सबसे ज्यादा गड़बड़ी बिल्सी सीएचसी के अधीन आई थी। कई आशा वर्कर्स ने रुपये ऑनलाइन ही वापस करने की बात कही तो इनके खातों पर रोक लगा दी गई। आशा वर्कर्स ने इसकी शिकायत तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। बाद में मामला एडी हेल्थ तक पहुंच गया। एमओआईसी डॉ. गौरव और बीपीएम कौशल शर्मा ने डीसीपीएम अरविंद राणा पर आरोप लगाए।
विज्ञापन
पिछले दिनों इस मामले में फिर से शिकायत के बाद नए सिरे से जांच शुरू की गई। प्रकरण में डॉ. गौरव, कौशल शर्मा समेत छह लोगों के बयान दर्ज हो गए हैं। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय का कहना है कि पुराने प्रकरण में शासन स्तर से जांच चल रही है। डीसीपीएम अरविंद राणा का कहना है कि उनको बयान दर्ज करने के लिए अभी नहीं बुलाया गया है। अगर उनको बुलाया जाता है तो वह भी अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन