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वायदे से मुकरा राजमिस्त्री, एफआईआर दर्ज
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बदायूं। बिसौली कोतवाली पुलिस ने एक राजमिस्त्री समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यहां बता दें कि अब से तीन माह पहले राजमिस्त्री ने जिस मकान का लिंटर डाला था, वह उसी दिन गिर गया था, जिससे दबकर मकान मालिक की पत्नी की मौत हो गई थी और तीन बच्चे घायल हो गए थे। इस पर राजमिस्त्री ने पूरा खर्चा देने का वादा किया था। उसने खर्चा तो नहीं दिया उल्टे मकान मालिक के साथ गालीगलौज करते हुए धमकी दे दी।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदपुरा निवासी नेकसू के मुताबिक जनवरी में वह अपने मकान का निर्माण करा रहे थे। उनका मकान धर्मपुर निवासी राजमिस्त्री अजय सिंह बना रहा था। तीन जनवरी को उसने मकान पर लिंटर डाला था। इसमें उनका काफी खर्चा हुआ था। लिंटर पड़ने के दो घंटे बाद परिवार वाले निश्चिंत हो गए थे। उनकी पत्नी भूदेवी और बच्चे अपने काम में लग गए, तभी अचानक उनके मकान का लिंटर भरभराकर गिर गया। इसमें उनकी पत्नी भूदेवी, बेटा प्रदीप, कुंवरपाल और बेटी रामबाला दब गईं।
चीख पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए। उन्होंने जैसे-तैसे मलबा हटाकर नीचे से सभी लोगों को बाहर निकाला लेकिन तब तक भूदेवी की मौत हो चुकी थी, जबकि तीनों बच्चे घायल हो गए थे। सूचना पर राजस्व विभाग के अधिकारी और पुलिस भी पहुंच गई थी। राजमिस्त्री मौके से भाग गया था। उन्होंने पत्नी का अंतिम संस्कार किया। 12 जनवरी को राजमिस्त्री के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी।
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इस पर राजमिस्त्री ने आश्वासन दिया कि वह सारा खर्चा दे देगा लेकिन उसने खर्चा नहीं दिया। 24 मार्च को पंचायत में उसने मारपीट की, गालीगलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस पर उन्होंने राजमिस्त्री के खिलाफ न्यायालय की शरण ली। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अजय सिंह और दो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदपुरा निवासी नेकसू के मुताबिक जनवरी में वह अपने मकान का निर्माण करा रहे थे। उनका मकान धर्मपुर निवासी राजमिस्त्री अजय सिंह बना रहा था। तीन जनवरी को उसने मकान पर लिंटर डाला था। इसमें उनका काफी खर्चा हुआ था। लिंटर पड़ने के दो घंटे बाद परिवार वाले निश्चिंत हो गए थे। उनकी पत्नी भूदेवी और बच्चे अपने काम में लग गए, तभी अचानक उनके मकान का लिंटर भरभराकर गिर गया। इसमें उनकी पत्नी भूदेवी, बेटा प्रदीप, कुंवरपाल और बेटी रामबाला दब गईं।
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चीख पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए। उन्होंने जैसे-तैसे मलबा हटाकर नीचे से सभी लोगों को बाहर निकाला लेकिन तब तक भूदेवी की मौत हो चुकी थी, जबकि तीनों बच्चे घायल हो गए थे। सूचना पर राजस्व विभाग के अधिकारी और पुलिस भी पहुंच गई थी। राजमिस्त्री मौके से भाग गया था। उन्होंने पत्नी का अंतिम संस्कार किया। 12 जनवरी को राजमिस्त्री के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी।
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इस पर राजमिस्त्री ने आश्वासन दिया कि वह सारा खर्चा दे देगा लेकिन उसने खर्चा नहीं दिया। 24 मार्च को पंचायत में उसने मारपीट की, गालीगलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस पर उन्होंने राजमिस्त्री के खिलाफ न्यायालय की शरण ली। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अजय सिंह और दो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।