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नगर पंचायत के रखवाए वाटर कूलर में करंट से समाचार पत्र अभिकर्ता की मौत
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रिंकेश वार्ष्णेय। फाइल फोटो
- फोटो : BADAUN
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वजीरगंज (बदायूं)। नगर के वार्ड नौ निवासी समाचार पत्र अभिकर्ता 26 वर्षीय रिंकेश उर्फ पंचू वार्ष्णेय की मंगलवार सुबह मंदिर के बाहर लगे वाटर कूलर में आ रहे करंट से मौत हो गई। अखबार बांटने के बाद वह दूध लेने जा रहे थे और प्यास लगने पर वाटर कूलर की ओर चले गए। नगर पंचायत वजीरगंज की बदइंतजामी से हुई घटना में पीड़ित पक्ष की ओर से ईओ व ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
कस्बे के वार्ड नंबर नौ निवासी समाचार पत्र अभिकर्ता मुनीश वार्ष्णेय व उनके छोटे भाई पंचू वार्ष्णेय उर्फ रिंकेश मंगलवार सुबह अखबार डालकर लौटे थे। इसके बाद पंचू घर से दूध लेने जा रहे थे। रास्ते में रामानंद तिवारी के घर के आगे शिव मंदिर के पास लगे सरकारी वाटर कूलर पर पानी पीने के लिए रुके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही पंचू ने वाटर कूलर की टोंटी को दबाया उन्हें जोर से करंट लगा और चीखकर सड़क पर गिर पड़े। उनके गिरते ही आसपास के लोग आ गए। तुरंत उनके परिजन को सूचना दी गई।
परिजन उन्हें स्थानीय सीएचसी ले गए पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार ने मौत के पीछे नगर पंचायत प्रशासन तथा ठेकेदार की लापरवाही बताते हुए तहरीर दी। पुलिस ने ईओ संदीप चंद्रा, ठेकेदार मोहम्मद अहमद उर्फ बंटी निवासी मोहल्ला शहवाजपुर बदायूं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा वाटर कूलर लगाने में लापरवाही बरती गई। बिजली के नंगे तारों को बिना टेपिंग के छोड़ दिया गया। इसकी शिकायत पर भी ईओ ने कोई ध्यान नहीं दिया, जो कि घटना का कारण बना।
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पंचू की मौत पर बुद्धिजीवी वर्ग के सैकड़ों लोगों ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी।
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लोहे के जाल के अंदर खुले पड़े तारों में दौड़ रहा भ्रष्टाचार का करंट
वजीरगंज। विकास कार्यों में बेहिसाब कमीशनखोरी और अनदेखी के कारण एक नौजवान को असमय अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ गया। नगर पंचायत प्रशासन ने लोगों को गर्मी में ठंडा पानी उपलब्ध कराने के नाम पर वाटर कूलर तो लगा रखे हैं लेकिन इन्हें लगाने में बड़े भ्रष्टाचार की बात सामने आ रही है।
कस्बे के वार्ड संख्या नौ निवासी पंचू वार्ष्णेय की मंगलवार सुबह शिव मंदिर के पास लगे सरकारी वाटर कूलर पर पानी पीते वक्त करंट से मौत हो गई थी। बताया जाता है कि नगर पंचायत प्रशासन ने लगभग 15 दिन पहले ही नगर में जगह- जगह 42 लाख रुपये की लागत से 20 वाटर कूलर लगवाए है। तमाम मानकों की अनदेखी कर लगाए गए इन वाटर कूलरों में न सिर्फ बेहद घटिया स्तर के उपकरण लगाए गए हैं, बल्कि काम मे भी लापरवाही बरती गई है। लोहे के जाल के अंदर लोहे के स्टार्टर तार से लटका दिए गए हैं, जिनके खुले तार साक्षात मौत को दावत देते नजर आते हैं।
शिव मंदिर के पास लगे जिस वाटर कूलर पर हादसा हुआ उसके अलावा काली मंदिर, देवी मंदिर, मोहल्ला बनिया सहित कई जगह लगे वाटर कूलरों पर करंट आने की शिकायत पर आसपास के लोगों ने खुद ही तार निकाल दिए। बता दें कि इन वाटर कूलर का टेंडर आचार संहिता लागू होने से कुछ ही दिन पहले कर दिया गया था। खास बात ये है कि वाटर कूलर भले ही कुछ दिन पूर्व लगे हों मगर इनका भुगतान नगर पंचायत द्वारा एक महीने पहले ही कर दिया गया। इससे साफ पता चलता है कि विकास कार्यों में की जा रही लूटखसोट में नगर पंचायत प्रशासन की मिलीभगत है। सवाल ये भी है कि ठेकेदार द्वारा वाटर कूलर को नगर पंचायत की सुपुर्दगी में देने से पहले ईओ अथवा किसी भी अधिकारी ने उन्हें चेक क्यों नही किया। इसी लापरवाही और अनदेखी ने एक घर का चिराग बुझा दिया।
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अखबार अभिकर्ता की करंट से मौत बेहद दुखद घटना है। इस घटना में ठेकेदार के स्तर से घोर लापरवाही की बात सामने आ रही है। ऐसे ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। साथ ही सभी वाटर कूलर चेक कराएंगे ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।
- शमा परवीन, नगर पंचायत अध्यक्ष
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कस्बे के वार्ड नंबर नौ निवासी समाचार पत्र अभिकर्ता मुनीश वार्ष्णेय व उनके छोटे भाई पंचू वार्ष्णेय उर्फ रिंकेश मंगलवार सुबह अखबार डालकर लौटे थे। इसके बाद पंचू घर से दूध लेने जा रहे थे। रास्ते में रामानंद तिवारी के घर के आगे शिव मंदिर के पास लगे सरकारी वाटर कूलर पर पानी पीने के लिए रुके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही पंचू ने वाटर कूलर की टोंटी को दबाया उन्हें जोर से करंट लगा और चीखकर सड़क पर गिर पड़े। उनके गिरते ही आसपास के लोग आ गए। तुरंत उनके परिजन को सूचना दी गई।
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परिजन उन्हें स्थानीय सीएचसी ले गए पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार ने मौत के पीछे नगर पंचायत प्रशासन तथा ठेकेदार की लापरवाही बताते हुए तहरीर दी। पुलिस ने ईओ संदीप चंद्रा, ठेकेदार मोहम्मद अहमद उर्फ बंटी निवासी मोहल्ला शहवाजपुर बदायूं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा वाटर कूलर लगाने में लापरवाही बरती गई। बिजली के नंगे तारों को बिना टेपिंग के छोड़ दिया गया। इसकी शिकायत पर भी ईओ ने कोई ध्यान नहीं दिया, जो कि घटना का कारण बना।
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पंचू की मौत पर बुद्धिजीवी वर्ग के सैकड़ों लोगों ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी।
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लोहे के जाल के अंदर खुले पड़े तारों में दौड़ रहा भ्रष्टाचार का करंट
वजीरगंज। विकास कार्यों में बेहिसाब कमीशनखोरी और अनदेखी के कारण एक नौजवान को असमय अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ गया। नगर पंचायत प्रशासन ने लोगों को गर्मी में ठंडा पानी उपलब्ध कराने के नाम पर वाटर कूलर तो लगा रखे हैं लेकिन इन्हें लगाने में बड़े भ्रष्टाचार की बात सामने आ रही है।
कस्बे के वार्ड संख्या नौ निवासी पंचू वार्ष्णेय की मंगलवार सुबह शिव मंदिर के पास लगे सरकारी वाटर कूलर पर पानी पीते वक्त करंट से मौत हो गई थी। बताया जाता है कि नगर पंचायत प्रशासन ने लगभग 15 दिन पहले ही नगर में जगह- जगह 42 लाख रुपये की लागत से 20 वाटर कूलर लगवाए है। तमाम मानकों की अनदेखी कर लगाए गए इन वाटर कूलरों में न सिर्फ बेहद घटिया स्तर के उपकरण लगाए गए हैं, बल्कि काम मे भी लापरवाही बरती गई है। लोहे के जाल के अंदर लोहे के स्टार्टर तार से लटका दिए गए हैं, जिनके खुले तार साक्षात मौत को दावत देते नजर आते हैं।
शिव मंदिर के पास लगे जिस वाटर कूलर पर हादसा हुआ उसके अलावा काली मंदिर, देवी मंदिर, मोहल्ला बनिया सहित कई जगह लगे वाटर कूलरों पर करंट आने की शिकायत पर आसपास के लोगों ने खुद ही तार निकाल दिए। बता दें कि इन वाटर कूलर का टेंडर आचार संहिता लागू होने से कुछ ही दिन पहले कर दिया गया था। खास बात ये है कि वाटर कूलर भले ही कुछ दिन पूर्व लगे हों मगर इनका भुगतान नगर पंचायत द्वारा एक महीने पहले ही कर दिया गया। इससे साफ पता चलता है कि विकास कार्यों में की जा रही लूटखसोट में नगर पंचायत प्रशासन की मिलीभगत है। सवाल ये भी है कि ठेकेदार द्वारा वाटर कूलर को नगर पंचायत की सुपुर्दगी में देने से पहले ईओ अथवा किसी भी अधिकारी ने उन्हें चेक क्यों नही किया। इसी लापरवाही और अनदेखी ने एक घर का चिराग बुझा दिया।
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अखबार अभिकर्ता की करंट से मौत बेहद दुखद घटना है। इस घटना में ठेकेदार के स्तर से घोर लापरवाही की बात सामने आ रही है। ऐसे ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। साथ ही सभी वाटर कूलर चेक कराएंगे ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।
- शमा परवीन, नगर पंचायत अध्यक्ष