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बाजार में लेबल बदलकर खपाए जा रहे रिफाइंड में ‘सरकारी तेल’ की गंध
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बदायूं। पिछले दिनों म्याऊ और कोतवाली क्षेत्र में पकड़े गए नकली रिफाइंड के मामले में अब तक पुलिस यह पता नहीं कर पाई है कि आखिर यह कहां से सप्लाई किया जा रहा था। यह जरूर सामने आया है कि ब्रांडेड कंपनी का लेबल बदायूं में ही लगाया गया था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि रिफाइंड आंगनबाड़ी केंद्रों व राशन की दुकानों पर बांटा जाने वाला हो सकता है।
अक्तूबर 2021 में बिल्सी पुलिस ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बांटा जाने वाला सरकारी रिफाइंड पकड़ा था। उस समय पुलिस अंबियापुर चौराहे पर चेकिंग कर रही थी। तभी एक पिकअप को रोका गया तो 85 पेटियों में 1275 लीटर रिफाइंड बरामद हुआ था। इस मामले में पिकअप ड्राइवर शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र के गांव जल्लापुर निवासी नरेंद्र सिंह, उसी थाना क्षेत्र का हारून और पुसगवां निवासी दीपक उर्फ विपिन को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने पूछताछ में यह कबूला था कि सरकारी रिफाइंड है लेकिन यह नहीं बताया कि वह इसे कहां सप्लाई करने जा रहे थे। उस दौरान यह जरूर स्पष्ट हो गया था कि सरकारी रिफाइंड का कहीं न कहीं दुरुपयोग किया जा रहा है। अभी हाल में म्याऊ और कोतवाली क्षेत्र में जब नकली रिफाइंड पकड़ा गया। तबसे यह कयास लगाया जा रहा है कि रिफाइंड कहीं न कहीं सरकारी हो सकता है। बहरहाल बिल्सी में पकड़े गए रिफाइंड के मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
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बिसौली में पकड़ा गया था पोषाहार
बिसौली कस्बे में कुछ दिन पहले सरकारी पोषाहार पकड़ा गया था। एक मकान के अंदर सरकारी पैकिंग फाड़कर पोषाहार को दूसरे पैकिंग में भरा जा रहा था। इसमें एक मजदूर के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। जबकि न तो मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई हुई और न ही पुलिस यह पता लगा पाई कि आखिर पोषाहार कहां से सप्लाई किया जा रहा था।
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म्याऊ और कोतवाली क्षेत्र में बरामद रिफाइंड के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर मामले दर्ज हैं तो पुलिस उसकी विवेचना कर रही होगी। उसमें सब निकलकर सामने आ जाएगा कि यह रिफाइंड कौन सा है। अगर वह सरकारी निकला तो हम अलग से कार्रवाई कराएंगे।
- अदीश मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना
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अक्तूबर 2021 में बिल्सी पुलिस ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बांटा जाने वाला सरकारी रिफाइंड पकड़ा था। उस समय पुलिस अंबियापुर चौराहे पर चेकिंग कर रही थी। तभी एक पिकअप को रोका गया तो 85 पेटियों में 1275 लीटर रिफाइंड बरामद हुआ था। इस मामले में पिकअप ड्राइवर शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र के गांव जल्लापुर निवासी नरेंद्र सिंह, उसी थाना क्षेत्र का हारून और पुसगवां निवासी दीपक उर्फ विपिन को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने पूछताछ में यह कबूला था कि सरकारी रिफाइंड है लेकिन यह नहीं बताया कि वह इसे कहां सप्लाई करने जा रहे थे। उस दौरान यह जरूर स्पष्ट हो गया था कि सरकारी रिफाइंड का कहीं न कहीं दुरुपयोग किया जा रहा है। अभी हाल में म्याऊ और कोतवाली क्षेत्र में जब नकली रिफाइंड पकड़ा गया। तबसे यह कयास लगाया जा रहा है कि रिफाइंड कहीं न कहीं सरकारी हो सकता है। बहरहाल बिल्सी में पकड़े गए रिफाइंड के मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
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बिसौली में पकड़ा गया था पोषाहार
बिसौली कस्बे में कुछ दिन पहले सरकारी पोषाहार पकड़ा गया था। एक मकान के अंदर सरकारी पैकिंग फाड़कर पोषाहार को दूसरे पैकिंग में भरा जा रहा था। इसमें एक मजदूर के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। जबकि न तो मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई हुई और न ही पुलिस यह पता लगा पाई कि आखिर पोषाहार कहां से सप्लाई किया जा रहा था।
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म्याऊ और कोतवाली क्षेत्र में बरामद रिफाइंड के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर मामले दर्ज हैं तो पुलिस उसकी विवेचना कर रही होगी। उसमें सब निकलकर सामने आ जाएगा कि यह रिफाइंड कौन सा है। अगर वह सरकारी निकला तो हम अलग से कार्रवाई कराएंगे।
- अदीश मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना