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सुमित गुप्ता मामले में पुलिस सुस्त, आरोपियों का सुराग नहीं
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बदायूं। अलापुर थाने के सामने गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में थाना पुलिस सुस्त पड़ गई है। अब तक एक आरोपी गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है, जबकि दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। थाना पुलिस उन्हें तलाश करने का दावा कर रही है।
विगत छह अप्रैल को अलापुर थाने के सामने कस्बे के 26 वर्षीय सुमित गुप्ता ने तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उसके नजदीक से तमंचा और चार कारतूस समेत मोबाइल, टैब आदि बरामद हुए थे। उसके परिवार वालों ने कस्बे के ही रोबिन गुप्ता, गौरव गुप्ता और पिंटू के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी लेकिन मामला दिन का था। इसके कई गवाह थे। इससे पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामले की तरमीम कर दिया। इसी आरोप में पुलिस आरोपी गौरव गुप्ता को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है लेकिन शेष दोनों आरोपी अब तक नहीं पकड़े गए हैं।
पिछले दो दिनों से थाना पुलिस की कार्रवाई सुस्त पड़ी है। पुलिस कहीं दबिश देते हुए भी दिखाई नहीं दे रही है। सुमित के परिवार वालों का कहना है कि थाना पुलिस उनके साथ शुरुआत से ही अन्याय कर रही है। अब पुलिस नामजद पिंटू और रोबिन गुप्ता को बचाने की कोशिश में है।
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विगत छह अप्रैल को अलापुर थाने के सामने कस्बे के 26 वर्षीय सुमित गुप्ता ने तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उसके नजदीक से तमंचा और चार कारतूस समेत मोबाइल, टैब आदि बरामद हुए थे। उसके परिवार वालों ने कस्बे के ही रोबिन गुप्ता, गौरव गुप्ता और पिंटू के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी लेकिन मामला दिन का था। इसके कई गवाह थे। इससे पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामले की तरमीम कर दिया। इसी आरोप में पुलिस आरोपी गौरव गुप्ता को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है लेकिन शेष दोनों आरोपी अब तक नहीं पकड़े गए हैं।
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पिछले दो दिनों से थाना पुलिस की कार्रवाई सुस्त पड़ी है। पुलिस कहीं दबिश देते हुए भी दिखाई नहीं दे रही है। सुमित के परिवार वालों का कहना है कि थाना पुलिस उनके साथ शुरुआत से ही अन्याय कर रही है। अब पुलिस नामजद पिंटू और रोबिन गुप्ता को बचाने की कोशिश में है।
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