फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   crime

दरोगा-सिपाही की गिरफ्तारीः सौदा 1.60 में नहीं 12 लाख में हुआ था

Wed, 16 Mar 2022 10:28 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2022 10:28 PM IST
विज्ञापन
crime
आरोपी सिपाही कुलदीप यादव। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। रिश्वत लेते पकड़े गए दिल्ली पुलिस के दरोगा और सिपाही के मामले में सामने आया है कि वकील से 15 लाख मांगे गए थे और सौदा 1.60 में नहीं बल्कि 12 लाख में फाइनल हुआ था। जिसमें 1.60 पहले (सोमवार को) और शेष राशि अगले दिन देनी थी। खैर शेष रकम देने की स्थिति बनी ही नहीं और दोनों धरे गए। दोनों को बरेली जनपद में एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यहां बता दें कि सोमवार को सौदा 1.60 लाख में तय हो जाने की बात की गई थी।
विज्ञापन

सूत्रों ने सोमवार को हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के कालिकाजी थाने में तैनात दरोगा पवन कुमार यादव, सिपाही कुलदीप यादव, महिला सिपाही शीतल व ड्राइवर रविवार शाम वकील नेकपाल कश्यप के आवास विकास स्थित घर पहुंचे। यहां दौरान दरोगा व सिपाही कुलदीप वकील से मिले और फर्जी कागजात तैयार कराने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि लड़की का आधार कार्ड भी वकील ने ही बनवाया है। वकील ने कहा कि बरेली के राजू ने जो आधार कार्ड उपलब्ध कराया था। उन्होंने उसी के आधार पर शपथपत्र बनवाया था। दरोगा ने उन्हें मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए डराने की कोशिश की। उस दौरान लेनदेन की बात नहीं हुई। रात को पूरी टीम लावेला चौक के नजदीक एक होटल में रुक गई, और वहीं वकील को भी वहीं बुला लिया गया। उसके बाद लेनदेन को लेकर वार्ता हुई। दरोगा ने 15 लाख मांगे और बात 12 लाख पर जाकर रुकी। वकील ने कहा कि वह तुरंत इतनी राशि नहीं दे पाएंगे। सोमवार को पहली किस्त के रूप में 1.60 लाख रुपये देंगे। राशि पांच-पांच सौ के 320 नोट के रूप में दी गई। जिसे दरोगा व सिपाही ने तुरंत बांट लिए। बाद में एसडीएम सीएल वर्मा और सीओ आलोक मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने उन्हें दातागंज तिराहे पर गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

-
सीओ उझानी करेंगे मामले की विवेचना
दरोगा व सिपाही के मामले की विवेचना सीओ उझानी गजेंद्र सिंह श्रोत्रिया को सौंपी गई है। वही जिला स्तर पर एंटी करप्शन के मामले भी देख रहे हैं। मंगलवार को सीओ दरोगा व सिपाही को जिला बरेली स्थित एंटी करप्शन कोर्ट ले गए। जहां उन्हें दोपहर में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
दिल्ली से पहुंची पुलिस टीम, महिला सिपाही, ड्राइवर और युवक को ले गई
- दरोगा और सिपाही की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस को उसी समय सूचना दे दी गई थी। सोमवार रात को कालिकाजी थाने से एक टीम सिविल लाइंस थाने पहुंची। मंगलवार सुबह टीम महिला सिपाही शीतल, ड्राइवर सुभाष और बरेली से पकड़े गए राजू को अपने साथ दिल्ली ले गई।
-
सावधानी से बिछाया जाल
दरोगा व सिपाही को पकड़ने के लिए एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के निर्देश पर पूरी सावधानी से जाल बिछाया गया था। जो नोट उन्हें दिए गए थे। उनके नंबर पहले ही नोट कर लिए गए थे। प्लान के मुताबिक रुपयों को पीले लिफाफे में रखा गया था। पूरी कार्रवाई के दौरान वीडियो भी बनाया गया।

---
दिल्ली पुलिस के दरोगा व सिपाही सोमवार को रिश्वत लेते पकड़े गए थे। मंगलवार दोपहर उन्हें बरेली एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें शाम के समय जेल भेज दिया गया। विवेचना शुरू कर दी गई है।
- गजेंद्र कुमार श्रोत्रिया, सीओ उझानी

गिरफ्तारी के दौरान बैग में रखे रुपये दिखाता दरोगा। (वीडियो से)

गिरफ्तारी के दौरान बैग में रखे रुपये दिखाता दरोगा। (वीडियो से)- फोटो : BADAUN

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed