{"_id":"622ddb16980ffa12f6019aac","slug":"crime-badaun-news-bly478139858","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता-पुत्री से मारपीट-छेड़छाड़ में परिवहन अधिकारी नामजद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता-पुत्री से मारपीट-छेड़छाड़ में परिवहन अधिकारी नामजद
विज्ञापन
उझानी (बदायूं)। कासगंज से घर लौटते समय कछला में स्कूटी सवार सहसवान निवासी अनुसूचित जाति की पिता-पुत्री को रोककर चेकिंग के नाम पर मारपीट और छेड़छाड़ में पुलिस ने परिवहन विभाग के यात्री कर अधिकारी (पीटीओ) रमेश प्रजापति के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने युवती की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की तो उसे कोर्ट की शरण लेनी पड़ गई।
मामला 25 फरवरी-2021 का बताया गया है। सहसवान निवासी युवती के मुताबिक- वह उस दिन कासगंज जिले में अपने रिश्तेदार के घर से पिता के साथ स्कूटी से लौट रही थी। कछला पुलिस चौकी के पास परिवहन अधिकारी (पीटीओ) रमेश प्रजापति ने उसकी स्कूटी को रोक लिया। कागज दिखाने को कहा गया। स्कूटी के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने के बाद भी पीटीओ ने पिता-पुत्री को रोके रखा। आरोप है कि इसका विरोध करने पर पीटीओ ने युवती के पिता को थप्पड़ मार दिया। युवती को अश्लील लहजे में धक्का दे दिया। अगले दिन ही युवती ने अपने पिता की मौजूदगी में परिवहन विभाग के अफसरों से शिकायत की। पुलिस अफसरों को भी अवगत करा दिया गया फिर भी पीटीओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो युवती ने सीजेएम कोर्ट में गुहार लगाई। आठ दिन पहले ही कोर्ट ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। आईपीसी की धारा 354, 323, 504 समेत एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। संवाद
विज्ञापन
मामला 25 फरवरी-2021 का बताया गया है। सहसवान निवासी युवती के मुताबिक- वह उस दिन कासगंज जिले में अपने रिश्तेदार के घर से पिता के साथ स्कूटी से लौट रही थी। कछला पुलिस चौकी के पास परिवहन अधिकारी (पीटीओ) रमेश प्रजापति ने उसकी स्कूटी को रोक लिया। कागज दिखाने को कहा गया। स्कूटी के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने के बाद भी पीटीओ ने पिता-पुत्री को रोके रखा। आरोप है कि इसका विरोध करने पर पीटीओ ने युवती के पिता को थप्पड़ मार दिया। युवती को अश्लील लहजे में धक्का दे दिया। अगले दिन ही युवती ने अपने पिता की मौजूदगी में परिवहन विभाग के अफसरों से शिकायत की। पुलिस अफसरों को भी अवगत करा दिया गया फिर भी पीटीओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो युवती ने सीजेएम कोर्ट में गुहार लगाई। आठ दिन पहले ही कोर्ट ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। आईपीसी की धारा 354, 323, 504 समेत एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। संवाद
विज्ञापन