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धनूपुरा में रोक लगी तो अमीरगंज ने पकड़ी रफ्तार, अवैध शराब की कई गांवों में भरमार
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शराब की दुकान पर निरीक्षण करते आबकारी अधिकारी।संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं/उझानी। अवैध शराब किस कदर जानलेवा साबित होती है, इसका जीता जागता प्रमाण रायबरेली की घटना है। बदायूं जिले में भी लोगों ने ऐसे कई मंजर देखे हैं जहां लोगों की जान जहरीली शराब की वजह से गई है। अब रायबरेली की घटना के बाद यहां भी पुलिस सतर्क हो गई है।
जिले में एक समय धनूपुरा अवैध शराब का गढ़ बन गया था। अधिकतर घरों में भट्ठियां धधकती मिल जाती थीं। पुलिस ने सामाजिक सरोकार से जोड़ कर धनूपुरा में अभियान चलाया तो उसका सकारात्मक असर भी दिखा लेकिन धनूपुरा में अवैध शराब के धंधे पर ब्रेक के बाद कटरी के कई और गांव धंधे के आगोश में आते चले गए। अमीरगंज गांव में ही पुलिस चुनावी माहौल के दौरान करीब एक दर्जन धंधेबाजों को दबोच कर अवैध शराब की भट्ठियों को नेस्तनाबूद कर चुकी है। बावजूद इसके अवैध शराब की भरमार बनी हुई है।
अवैध शराब के धंधेबाजों पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान पिछले दिनों सबसे चर्चित नाम अमीरगंज का रहा। कटरी से जुड़े अमीरगंज में शराब के धंधेबाजों की गिरफ्तारी के समय पुलिस को जो कुछ मिला, वह सेहत के लिहाज से ज्यादा घातक था। जानकार बताते हैं कि अवैध शराब बनाने के लिए धंधेबाज यूरिया का इस्तेमाल कर रहे थे। अमीरगंज के अलावा कटरी के गांवों में हुसैनपुर, खजुरारा और खेड़ा के धंधेबाज भी पुलिस की पकड़ में आए।
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यहां बता दें कि कटरी के गांवों में अवैध शराब का धंधा करने वालों के तार पड़ोसी जिले कासगंज और एटा के धंधेबाजों से जुड़े रहे हैं। गंगा पार के गांवों के लोगों तक अवैध शराब बड़ी ही आसानी से पहुंचा दी जाती है। ऐसा भी नहीं कि अवैध शराब के धंधेबाजों की हकीकत से आबकारी विभाग अनजान हो। लेकिन कार्रवाई खासकर चुनावी माहौल के दौरान ही नजर आती है।
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उझानी में तो अंग्रेजी ब्रांड की बोतलों में पैक कर दी जाती थी अवैध शराब
करीब डेढ़ साल पहले कोतवाली पुलिस ने अवैध शराब के धंधेबाजों के खिलाफ अभियान चलाया तो कछला के बहोरानगला इलाके के एक घर में अंग्रेजी और देसी शराब में मिलावट का भंडाफोड़ हुआ था। धंधेबाजों के पास देसी शराब के कुछेक ब्रांड के खाली पौव्वे, स्टीकर, मोनोग्राम लगे ढक्कन, अंग्रेजी के दो-तीन ब्रांड के खाली क्वाटर, हॉफ और बोतलें मिलीं थीं। धंधेबाजों ने पुलिस को बताया था कि अंग्रेजी ब्रांड की बोतल में देसी शराब पैक कर देहात क्षेत्र में बिक्री को भेज देते हैं। इसके दो महीने बाद ऐसा ही एक और मामला पकड़ में आया था।
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तिगुलापुर में चुनाव के दौरान बांटी गई शराब से चार लोगों की हो गई थी मौत
इसी साल पंचायत चुनाव में शराब बांटने से दो अप्रैल को मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव तिगुलापुर में चार लोगों की मौत हो गई थी। यह शराब बाबट गांव निवासी शराब माफिया यशपाल पटेल ने मुहैया कराई थी। देसी शराब की दुकानों के सेल्समैन भी इस खेल में शामिल थे जो क्वाटर की सील खोलकर शराब में मिलावट करते थे। इस मामले में पूर्व प्रधान, प्रधान पद के दावेदार समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। शराब माफिया यशपाल पटेल लंबे समय तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया तो उसके ऊपर पचास हजार रुपये का इनाम रखा गया था। छह जून को यशपाल की गिरफ्तारी की जा सकी थी।
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रायबरेली हादसे के बाद आबकारी और पुलिस ने छेड़ा चेकिंग अभियान
बदायूं। रायबरेली हादसे के बाद प्रदेश स्तर से मिले निर्देश पर आबकारी विभाग व पुलिस ने जोरदार चेकिंग अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार को आबकारी विभाग के सभी इंस्पेक्टर द्वारा अपनी अपनी तहसील में कुल 52 दुकानों से देसी शराब के नमूने लिए गए। शहर की दुकानों पर इंस्पेक्टर रोहित शर्मा ने निरीक्षण कर सैंपल कराए।
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जिले में लगभग सभी शराब की दुकानो का निरीक्षण आबकारी विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। कच्ची व अवैध शराब बनाने वालों की धरपकड़ भी पुलिस की मदद से की जा रही है।
- राजकुमार, जिला आबकारी अधिकारी
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आबकारी विभाग के सहयोग से पुलिस ने शराब बनाने व मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। जिले में एसएसपी के निर्देश पर अभियान शुरू किया है जो 31 जनवरी तक जारी रहेगा।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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जिले में एक समय धनूपुरा अवैध शराब का गढ़ बन गया था। अधिकतर घरों में भट्ठियां धधकती मिल जाती थीं। पुलिस ने सामाजिक सरोकार से जोड़ कर धनूपुरा में अभियान चलाया तो उसका सकारात्मक असर भी दिखा लेकिन धनूपुरा में अवैध शराब के धंधे पर ब्रेक के बाद कटरी के कई और गांव धंधे के आगोश में आते चले गए। अमीरगंज गांव में ही पुलिस चुनावी माहौल के दौरान करीब एक दर्जन धंधेबाजों को दबोच कर अवैध शराब की भट्ठियों को नेस्तनाबूद कर चुकी है। बावजूद इसके अवैध शराब की भरमार बनी हुई है।
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अवैध शराब के धंधेबाजों पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान पिछले दिनों सबसे चर्चित नाम अमीरगंज का रहा। कटरी से जुड़े अमीरगंज में शराब के धंधेबाजों की गिरफ्तारी के समय पुलिस को जो कुछ मिला, वह सेहत के लिहाज से ज्यादा घातक था। जानकार बताते हैं कि अवैध शराब बनाने के लिए धंधेबाज यूरिया का इस्तेमाल कर रहे थे। अमीरगंज के अलावा कटरी के गांवों में हुसैनपुर, खजुरारा और खेड़ा के धंधेबाज भी पुलिस की पकड़ में आए।
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यहां बता दें कि कटरी के गांवों में अवैध शराब का धंधा करने वालों के तार पड़ोसी जिले कासगंज और एटा के धंधेबाजों से जुड़े रहे हैं। गंगा पार के गांवों के लोगों तक अवैध शराब बड़ी ही आसानी से पहुंचा दी जाती है। ऐसा भी नहीं कि अवैध शराब के धंधेबाजों की हकीकत से आबकारी विभाग अनजान हो। लेकिन कार्रवाई खासकर चुनावी माहौल के दौरान ही नजर आती है।
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उझानी में तो अंग्रेजी ब्रांड की बोतलों में पैक कर दी जाती थी अवैध शराब
करीब डेढ़ साल पहले कोतवाली पुलिस ने अवैध शराब के धंधेबाजों के खिलाफ अभियान चलाया तो कछला के बहोरानगला इलाके के एक घर में अंग्रेजी और देसी शराब में मिलावट का भंडाफोड़ हुआ था। धंधेबाजों के पास देसी शराब के कुछेक ब्रांड के खाली पौव्वे, स्टीकर, मोनोग्राम लगे ढक्कन, अंग्रेजी के दो-तीन ब्रांड के खाली क्वाटर, हॉफ और बोतलें मिलीं थीं। धंधेबाजों ने पुलिस को बताया था कि अंग्रेजी ब्रांड की बोतल में देसी शराब पैक कर देहात क्षेत्र में बिक्री को भेज देते हैं। इसके दो महीने बाद ऐसा ही एक और मामला पकड़ में आया था।
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तिगुलापुर में चुनाव के दौरान बांटी गई शराब से चार लोगों की हो गई थी मौत
इसी साल पंचायत चुनाव में शराब बांटने से दो अप्रैल को मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव तिगुलापुर में चार लोगों की मौत हो गई थी। यह शराब बाबट गांव निवासी शराब माफिया यशपाल पटेल ने मुहैया कराई थी। देसी शराब की दुकानों के सेल्समैन भी इस खेल में शामिल थे जो क्वाटर की सील खोलकर शराब में मिलावट करते थे। इस मामले में पूर्व प्रधान, प्रधान पद के दावेदार समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। शराब माफिया यशपाल पटेल लंबे समय तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया तो उसके ऊपर पचास हजार रुपये का इनाम रखा गया था। छह जून को यशपाल की गिरफ्तारी की जा सकी थी।
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रायबरेली हादसे के बाद आबकारी और पुलिस ने छेड़ा चेकिंग अभियान
बदायूं। रायबरेली हादसे के बाद प्रदेश स्तर से मिले निर्देश पर आबकारी विभाग व पुलिस ने जोरदार चेकिंग अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार को आबकारी विभाग के सभी इंस्पेक्टर द्वारा अपनी अपनी तहसील में कुल 52 दुकानों से देसी शराब के नमूने लिए गए। शहर की दुकानों पर इंस्पेक्टर रोहित शर्मा ने निरीक्षण कर सैंपल कराए।
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जिले में लगभग सभी शराब की दुकानो का निरीक्षण आबकारी विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। कच्ची व अवैध शराब बनाने वालों की धरपकड़ भी पुलिस की मदद से की जा रही है।
- राजकुमार, जिला आबकारी अधिकारी
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आबकारी विभाग के सहयोग से पुलिस ने शराब बनाने व मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। जिले में एसएसपी के निर्देश पर अभियान शुरू किया है जो 31 जनवरी तक जारी रहेगा।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी