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पिता की हत्या से पहले वीरू मचाया था मंदिर में उत्पात
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उझानी (बदायूं) में बुजुर्ग राजाराम की हत्या के बाद घर में मौजूद परिवार की महिलाएं। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। पिता की हत्या का आरोपी बेटा वीरू तीनों भाइयों में सबसे छोटा होने की वजह से काफी लाड़ला रहा। उसकी हरकतों पर ज्यादा गौर इसलिए भी नहीं किया जाता कि कुछेक सालों से वह खुद को मानसिक रूप से परेशान बताने लगा था। पिता की हत्या से पहले वीरू ने दिन में एक मंदिर में भी उत्पात मचाया था।
ससुर की मौत और पति की गिरफ्तारी से पत्नी संध्या सदमे में दिखीं। पति वीरू ने ऐसा क्यों किया.. जब भी किसी ने यह पूछा तो वह सिसकने लगती। बोली- ईश्वर को यही मंजूर था। उसके पति के सिर पर कलंक लगना था, वह लग गया है। उसे और उसके बच्चों को भी ताउम्र यही कचोटेगा।
वीरू के बड़े भाई संजय ने बताया कि उसके पिता के दो मकान हैं। वीरू दूसरे भाई राजकुमार, माता-पिता और बच्चों के साथ नए मकान में तो वह दूसरे छोर पर बने पुराने मकान में रहता है। घटना के समय वह मौके पर मौजूद होता तो वीरू को समझाकर दूर ले जाता। पिता की हत्या से पहले वीरू ने घर में हंगामा किया था। दोपहर बाद वह एक मंदिर में घुस गया और उत्पात मचाने लगा। किसी तरह उसे वहां से समझाकर घर लाया गया लेकिन किसी को इस बात का एहसास नहीं था कि रात में वह अपने पिता का ही खून कर देगा।
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वीरू के चेहरे पर नहीं दिखा पश्चाताप
वीरू का रविवार दोपहर सीएचसी पर मेडिकल परीक्षण कराया गया तो उसे देखने के लिए लोगों का जमघट लग गया। पुलिसकर्मियों समेत कुछेक लोगों ने अस्पताल गेट पर उससे बात भी की लेकिन वह कुछ भी बोलने की बजाय मुस्कारते हुए आगे बढ़ गया। उसके चेहरे पर पश्चाताप जैसा कोई भाव नहीं दिखा। संवाद
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ससुर की मौत और पति की गिरफ्तारी से पत्नी संध्या सदमे में दिखीं। पति वीरू ने ऐसा क्यों किया.. जब भी किसी ने यह पूछा तो वह सिसकने लगती। बोली- ईश्वर को यही मंजूर था। उसके पति के सिर पर कलंक लगना था, वह लग गया है। उसे और उसके बच्चों को भी ताउम्र यही कचोटेगा।
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वीरू के बड़े भाई संजय ने बताया कि उसके पिता के दो मकान हैं। वीरू दूसरे भाई राजकुमार, माता-पिता और बच्चों के साथ नए मकान में तो वह दूसरे छोर पर बने पुराने मकान में रहता है। घटना के समय वह मौके पर मौजूद होता तो वीरू को समझाकर दूर ले जाता। पिता की हत्या से पहले वीरू ने घर में हंगामा किया था। दोपहर बाद वह एक मंदिर में घुस गया और उत्पात मचाने लगा। किसी तरह उसे वहां से समझाकर घर लाया गया लेकिन किसी को इस बात का एहसास नहीं था कि रात में वह अपने पिता का ही खून कर देगा।
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वीरू के चेहरे पर नहीं दिखा पश्चाताप
वीरू का रविवार दोपहर सीएचसी पर मेडिकल परीक्षण कराया गया तो उसे देखने के लिए लोगों का जमघट लग गया। पुलिसकर्मियों समेत कुछेक लोगों ने अस्पताल गेट पर उससे बात भी की लेकिन वह कुछ भी बोलने की बजाय मुस्कारते हुए आगे बढ़ गया। उसके चेहरे पर पश्चाताप जैसा कोई भाव नहीं दिखा। संवाद