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अब सिविल लाइंस थाने में दर्ज होगी कारतूस चोरी की रिपोर्ट
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बदायूं। उघैती और बिल्सी के बाद सिविल लाइंस थाने में भी एक कारतूस चोरी का मामला सामने आया है। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने एफआईआर के आदेश दिए है। इससे थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
यह मामला साल 2014-15 का बताया जा रहा है। उस दौरान थाने के मालखाने में कुछ कारतूस कम पाए गए थे। इस पर अधिकारियों ने संबंधित मालखाना इंचार्ज हेड मोहर्रिर से स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन यह पता नहीं चला कि आखिर कारतूस कहां गए। स्पष्टीकरण का भी कोई सटीक जवाब नहीं मिला। इसपर अधिकारियों ने एफआईआर के आदेश दिए थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अभी चार दिन पहले उघैती थाने में जब कारतूस चोरी की एफआईआर दर्ज हुई तब एसएसपी के आदेश पर ऐसे मामले खंगाले गए। इसमें एक बिल्सी और एक सिविल लाइंस थाने की फाइल भी दबी पाई गई। बिल्सी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है लेकिन अभी सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। थाना पुलिस इसकी तैयारियों में लगी है।
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फाइल दबाने वाला लिपिक बरेली स्थानांतरित
कारतूस चोरी के मामलों को दबाने वाले लिपिक का बरेली ट्रांसफर हो चुका है। उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है। बताया जा रहा है कि अभी उसका जवाब नहीं आया है। फाइल दबाने के मामले की जांच चल रही है। उसके बाद इसमें भी कार्रवाई तय है।
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कारतूस चोरी के तीन मामले सामने आए हैं। उनमें एक उघैती, एक बिल्सी और एक सिविल लाइंस थाने का है। अब सिविल लाइंस थाने के मामले में भी एफआईआर दर्ज की जा रही है।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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यह मामला साल 2014-15 का बताया जा रहा है। उस दौरान थाने के मालखाने में कुछ कारतूस कम पाए गए थे। इस पर अधिकारियों ने संबंधित मालखाना इंचार्ज हेड मोहर्रिर से स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन यह पता नहीं चला कि आखिर कारतूस कहां गए। स्पष्टीकरण का भी कोई सटीक जवाब नहीं मिला। इसपर अधिकारियों ने एफआईआर के आदेश दिए थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अभी चार दिन पहले उघैती थाने में जब कारतूस चोरी की एफआईआर दर्ज हुई तब एसएसपी के आदेश पर ऐसे मामले खंगाले गए। इसमें एक बिल्सी और एक सिविल लाइंस थाने की फाइल भी दबी पाई गई। बिल्सी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है लेकिन अभी सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। थाना पुलिस इसकी तैयारियों में लगी है।
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फाइल दबाने वाला लिपिक बरेली स्थानांतरित
कारतूस चोरी के मामलों को दबाने वाले लिपिक का बरेली ट्रांसफर हो चुका है। उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है। बताया जा रहा है कि अभी उसका जवाब नहीं आया है। फाइल दबाने के मामले की जांच चल रही है। उसके बाद इसमें भी कार्रवाई तय है।
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कारतूस चोरी के तीन मामले सामने आए हैं। उनमें एक उघैती, एक बिल्सी और एक सिविल लाइंस थाने का है। अब सिविल लाइंस थाने के मामले में भी एफआईआर दर्ज की जा रही है।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी