फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   crime

रिटायर्ड फौजी के हत्यारोपियों के अपराधों की लंबी फेहरिस्त

Mon, 09 Aug 2021 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 09 Aug 2021 12:47 AM IST
विज्ञापन
crime
इस्लामनगर पुलिस ने जेल भेजे हत्यारोपी सुभाष, रामभान और आशीष। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। रिटायर्ड फौजी और उनके भतीजे की कार से कुचलकर हत्या करने वालों में शामिल आरोपियों सुभाष और रामभान के जुर्म की काफी लंबी फेहरिस्त है। उन्होंने कई अपराध ऐसे किए थे, जिनका जिक्र कभी थाने के रिकार्ड तक में नहीं आया। कुछ मामले तो राजनीतिक प्रभाव से दबा दिए गए। इससे आरोपियों के हौसले बढ़ते गए और इसी के चलते रिटायर्ड फौजी समेत दो की हत्या कर दी गई। हत्या को भी हादसा करार देने की कोशिश की गई थी लेकिन कार पेड़ से टकराने से मामला खुल गया।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार रात इस्लामनगर इलाके में रिटायर्ड फौजी आर्येंद्र पाल सिंह और उनके भतीजे गौरव की कार से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। इसमें फौजी के भाई अजेंद्र पाल सिंह ने सुभाष, रामभान, आशीष, विनय, सुरेंद्र, नरेंद्र और प्रेमपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें सुरेंद्र और प्रेमपाल को शनिवार दोपहर जेल भेज दिया गया। जबकि सुभाष, रामभान और सुभाष का बेटा आशीष को रविवार दोपहर जेल भेजा गया।
विज्ञापन

वर्ष 1984 में हत्या में शामिल आरोपी सुभाष और रामभान ने अपने कुनबे के ही चचेरे भाई गिरिराज की गोली मारकर हत्या की थी। आरोपी सुभाष के पिता तीन भाई थे। उनमें एक की शादी नहीं हुई थी। उनके नाम 35 बीघा जमीन थी। यह लोग जमीन हथियाना चाहते थे। इसमें दूसरे भाई का बेटा गिरिराज अड़चन बन रहा था। तब सुभाष, रामभान ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में इन लोगों को आजीवन कारावास की सजा हुई। इस समय यह लोग हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा आरोप है कि इन लोगों ने एक ग्राम प्रधान की डीसीएम से कुचल कर हत्या करवाई थी। प्रधान के शव को करीब तीन किलो मीटर तक जंजीर में बांधकर घसीटा भी था। उस समय सपा सरकार थी। इससे यह आरोपी साठगांठ कर छूट गए। कुछ और मामलों में भी नाम सामने आए लेकिन यह लोग छूट गए।
--
सुभाष और रामभान पर दर्ज हैं दर्ज हैं कई मामले
-मुख्य हत्यारोपी सुभाष के खिलाफ वर्ष 1984 में हत्या का मामला दर्ज हुआ था। 1999 में धारा 147, 452, 304, वर्ष 2010 में धारा 420, 467, 468 और 2021 में धारा 302, 147, 149 के तहत मामला दर्ज हुआ। इस मामले में सुभाष का बेटा आशीष भी नामजद है। इसके अलावा रामभान सिहं उर्फ नन्हे के खिलाफ वर्ष 1984 में हत्या, 1999 में धारा 147, 452, 304, वर्ष 2005 में धारा 279 और 304 ए के तहत मामला दर्ज हुआ। आर्येंद्र पाल सिंह की हत्या में धारा 302, 147, 149 के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई है।
--
गांव का प्रधान रहा है हत्यारोपी सुभाष
आर्येंद्र पाल सिंह का हत्यारोपी सुभाष चिचैटा गांव का प्रधान भी रहा है। इस बार भी वह प्रधानी का चुनाव लड़ना चाह रहा था लेकिन चिचैटा की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई। इसके बावजूद आरोपियों ने उसी वर्ग से जुड़े उम्मीदवार प्रेमपाल पर चुनाव में उतारा। दूसरी ओर आर्येंद्र पाल सिंह ने अपना उम्मीदवार उतारा था। आर्येंद्र पाल सिंह का उम्मीदवार जीत गया। इससे आरोपी और गुस्सा गए।

-
दो हत्यारोपियों की तलाश में लगाईं तीन टीमें
आर्येंद्र पाल सिंह की हत्या में सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। इसमें मुख्य आरोपी सुभाष, रामभान समेत पांच आरोपी जेल जा चुके हैं। जबकि रामभान का बेटा विनय और कोटेदार सुरेंद्र का भाई नरेंद्र अभी पकड़े नहीं गए हैं। दोनों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगाई हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed