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तेलंगाना से मशीन ले आया था जालसाज, फर्जी अपलोडिंग दिखाकर ठग रहा था रुपये
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जरीफनगर/ दहगवां (बदायूं)। जरीफनगर इलाके में पकड़ा गया युवक पुष्पेंद्र लंबे समय से आधार कार्ड बनाने के नाम पर जालसाजी कर रहा था। वह तेलंगाना से आधार कार्ड बनाने के लिए आईडी लाया था, लेकिन कोड और अन्य औपचारिकताएं पूर्ण न होने से आधार कार्ड बनना संभव नहीं था। इससे वह फर्जी अपलोडिंग दिखाकर लोगों से तीन सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक ठगी कर रहा था।
मंगलवार को जरीफनगर इलाके के गांव आरिफपुर भक्ता नगला से युवक पुष्पेंद्र फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में पकड़ा गया था। पुलिस ने उसके पास से लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर, अंगूठा स्कैनर, एक मोबाइल, 34 भरे हुए फॉर्म, 10 खाली फॉर्म, तीन आधार कार्ड प्राप्ति रशीद, 1500 रुपये और आंखें स्कैन करने के उपकरण बरामद किए गए थे। इसका खुलासा तब हुआ था जब कुछ स्थानीय लोगों ने आधार कार्ड बनाने के लिए उसे रुपये दिए थे। उसने फर्जी अपलोडिंग दिखाकर ग्रामीणों को एक-एक रसीद दी थी। उनसे कहा था कि वह किसी कंप्यूटर सेंटर पर जाकर अपना प्रिंट निकलवा लें। जब ग्रामीणों के आधार कार्ड का प्रिंट नहीं निकला। तब उन्हें जानकारी हुई कि ये उनके साथ ठगी हुई है। उनकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था और उसके उपकरण बरामद किए थे।
जब उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि वह तेलंगाना से आधार कार्ड बनाने के लिए आईडी लेकर आया है। ये दूसरे राज्य की आईडी थी। इससे यहां आधार कार्ड बनना संभव नहीं था। यहां वह केवल लोगों से फार्म भरवाकर लैपटॉप पर फर्जी अपलोडिंग करता था। फिर उसकी एक रसीद व्यक्ति को दे देता था। एक गांव में दो-चार दिन काम करता। फिर दूसरे गांव निकल जाता था। वह एक आधार कार्ड आवेदन के तीन सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक ले रहा था। उसने पूछताछ में कुछ साथियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस उन्हें तलाश कर रही है।
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ऐसे करता था ठगी : आरोपी पुष्पेंद्र आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करता था। उसके पास से जो आईडी बरामद हुई। वह तेलंगाना की है। उत्तर प्रदेश में उससे आधार कार्ड बनाना संभव नहीं है। इससे केवल वह लोगों को धोखे में रखने को अपलोडिंग करता था। इसके लिए वह उनके हाथों की उंगलियों को फर्जी तौर पर स्कैन करता था। इससे लोगों को लगता था कि वह आधार कार्ड बनाने का प्रक्रिया पूरी कर रहा है। वह एक रसीद भी देता था। इसके बदले में तीन सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक लेता था। दो-चार दिन बाद दूसरे गांव में चला जाता था। जब लोग अपना आधार कार्ड निकलवाने जाते, तो नहीं निकलता था।
इन गांव में कर चुका था ठगी
फर्जी आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करने वाला केवल आरिफपुर भगता नगला में ही नहीं कई और गांव में ठगी कर चुका था। इससे पहले वह मालपुर, पड़रिया, नदायल, रसूलपुर कलां, भोगाजीत नगलिया, दहगवां में ठगी कर चुका था।
संभल जिले का गैंग कर रहा है ठगी
-पुलिस के हत्थे चढ़ा युवक पुष्पेंद्र संभल जिले के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला अजमेरी का रहने वाला है। उसने पूछताछ में बताया है कि उसके जिले के कई और लोग इस तरह का काम कर रहे हैं। उसके ही एक साथी ने ये मशीन और लैपटॉप आदि उसे दिलाया था। उनकी टीम अलग क्षेत्र में काम कर रही है।
कुछ लोगों ने थाने आकर शिकायत की थी कि एक व्यक्ति आधार कार्ड बनाने के नाम पर रुपये ले रहा है लेकिन उनके आधार कार्ड नहीं निकल रहे हैं। इस पर पुलिस ने दबिश देकर उसको पकड़ा। उसके पास से जो आईडी मिली। वह तेलंगाना की थी। उससे आधार कार्ड नहीं बन रहे थे लेकिन वह लोगों को ठगने के लिए इस तरह से काम कर रहा था।- प्रेम कुमार थापा, सीओ सहसवान
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मंगलवार को जरीफनगर इलाके के गांव आरिफपुर भक्ता नगला से युवक पुष्पेंद्र फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में पकड़ा गया था। पुलिस ने उसके पास से लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर, अंगूठा स्कैनर, एक मोबाइल, 34 भरे हुए फॉर्म, 10 खाली फॉर्म, तीन आधार कार्ड प्राप्ति रशीद, 1500 रुपये और आंखें स्कैन करने के उपकरण बरामद किए गए थे। इसका खुलासा तब हुआ था जब कुछ स्थानीय लोगों ने आधार कार्ड बनाने के लिए उसे रुपये दिए थे। उसने फर्जी अपलोडिंग दिखाकर ग्रामीणों को एक-एक रसीद दी थी। उनसे कहा था कि वह किसी कंप्यूटर सेंटर पर जाकर अपना प्रिंट निकलवा लें। जब ग्रामीणों के आधार कार्ड का प्रिंट नहीं निकला। तब उन्हें जानकारी हुई कि ये उनके साथ ठगी हुई है। उनकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था और उसके उपकरण बरामद किए थे।
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जब उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि वह तेलंगाना से आधार कार्ड बनाने के लिए आईडी लेकर आया है। ये दूसरे राज्य की आईडी थी। इससे यहां आधार कार्ड बनना संभव नहीं था। यहां वह केवल लोगों से फार्म भरवाकर लैपटॉप पर फर्जी अपलोडिंग करता था। फिर उसकी एक रसीद व्यक्ति को दे देता था। एक गांव में दो-चार दिन काम करता। फिर दूसरे गांव निकल जाता था। वह एक आधार कार्ड आवेदन के तीन सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक ले रहा था। उसने पूछताछ में कुछ साथियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस उन्हें तलाश कर रही है।
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ऐसे करता था ठगी : आरोपी पुष्पेंद्र आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करता था। उसके पास से जो आईडी बरामद हुई। वह तेलंगाना की है। उत्तर प्रदेश में उससे आधार कार्ड बनाना संभव नहीं है। इससे केवल वह लोगों को धोखे में रखने को अपलोडिंग करता था। इसके लिए वह उनके हाथों की उंगलियों को फर्जी तौर पर स्कैन करता था। इससे लोगों को लगता था कि वह आधार कार्ड बनाने का प्रक्रिया पूरी कर रहा है। वह एक रसीद भी देता था। इसके बदले में तीन सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक लेता था। दो-चार दिन बाद दूसरे गांव में चला जाता था। जब लोग अपना आधार कार्ड निकलवाने जाते, तो नहीं निकलता था।
इन गांव में कर चुका था ठगी
फर्जी आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करने वाला केवल आरिफपुर भगता नगला में ही नहीं कई और गांव में ठगी कर चुका था। इससे पहले वह मालपुर, पड़रिया, नदायल, रसूलपुर कलां, भोगाजीत नगलिया, दहगवां में ठगी कर चुका था।
संभल जिले का गैंग कर रहा है ठगी
-पुलिस के हत्थे चढ़ा युवक पुष्पेंद्र संभल जिले के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला अजमेरी का रहने वाला है। उसने पूछताछ में बताया है कि उसके जिले के कई और लोग इस तरह का काम कर रहे हैं। उसके ही एक साथी ने ये मशीन और लैपटॉप आदि उसे दिलाया था। उनकी टीम अलग क्षेत्र में काम कर रही है।
कुछ लोगों ने थाने आकर शिकायत की थी कि एक व्यक्ति आधार कार्ड बनाने के नाम पर रुपये ले रहा है लेकिन उनके आधार कार्ड नहीं निकल रहे हैं। इस पर पुलिस ने दबिश देकर उसको पकड़ा। उसके पास से जो आईडी मिली। वह तेलंगाना की थी। उससे आधार कार्ड नहीं बन रहे थे लेकिन वह लोगों को ठगने के लिए इस तरह से काम कर रहा था।- प्रेम कुमार थापा, सीओ सहसवान